मोदी की डिग्री मामले में आयोग की 'सक्रियता' से पीएमओ नाखुश
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नरेन्द्र मोदी के डिग्री के मामले में सीधे गुजरात यूनिवर्सिटी और पीएमओ को आदेश देकर सूचना आयोग ही सवालों के घेरे में आ गया है। सूत्रों की मानें तो आयोग की इस अतिसक्रियता से पीएमओ नाराज है। वहीं यह बात भी सामने आ रही है कि आयोग ने इस मामले में नियमों से परे जाकर आदेश जारी कर दिया। इसको लेकर भी उस पर सवाल उठ रहे हैं।
बता दें कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की एक चिट्ठी पर सूचना आयुक्त श्रीधर अचर्यालु ने पीएमओ और गुजरात विश्वविद्यालय को मोदी की डिग्री और उनकी सारी जानकारी सार्वजनिक करने को कहा था।
जिसके बाद गुजरात विश्वविद्यालय ने मोदी की एमए और दिल्ली विश्वविद्यालय ने उनकी बीए की डिग्री सार्वजनिक कर दी। सूचना आयोग के इसी आदेश पर अब सवाल खड़े हो गए हैं, आयोग ने केजरीवाल की एक चिट्ठी के बाद मोदी की डिग्रियों से संबंधित आदेश जारी कर दिए।
चिट्ठी को ही आवेदन मानकर जारी कर दिए आदेश
आरटीआई विशेषज्ञों के अनुसार पीएम से जुड़े मामलों में केवल मुख्य सूचना आयुक्त ही आदेश जारी कर सकते हैं, यहां इस नियम का पालन नहीं किया गया और सूचना आयुक्त श्रीधर ने अपने स्तर पर ही आदेश जारी कर दिए।
सवाल यह भी है कि कैसे आयोग ने एक चिट्ठी पर ही इतनी तेजी से कार्रवाई करते हुए पीएम से जुड़ी सूचनाएं सावर्जनिक करने के आदेश जारी कर दिए। इसके अलावा सूचना आयुक्त ने जिस तरह गुजरात यूनिवर्सिटी को आदेश जारी किए उस पर भी सवाल खड़े हो गए हैं।
गुजरात विश्वविद्यालय राज्य सूचना आयोग के तहत आता है ऐसे में आदेश वहीं से जारी होने चाहिए थे। पीएमओ की नाराजगी इस बात पर भी है कि आयोग ने अरविंद केजरीवाल को निजी तौर पर विशेष प्राथमिकता देते हुए उनके एक खत पर ही तुरंत कार्रवाई कर दी।