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पीएमओ ने खारिज किए 9 लाख से ज्यादा आरटीआई आवेदन

Sat, 18 Mar 2017 04:27 AM IST
अमित कुमार निरंजन/अमर उजाला, नई दिल्ली
अमित कुमार निरंजन/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sat, 18 Mar 2017 04:27 AM IST
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PMO rejected More than 9 lakh RTI applications

केन्द्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) की  वार्षिक रिपोर्ट संसदीय पटल पर रखने के बाद इसे सार्वजनिक कर दिया गया। वर्ष 2015-16 की रिपोर्ट के मुताबिक पिछले एक दशक की तुलना में इस वित्त वर्ष में सबसे ज्यादा 976679 आरटीआई  आवेदन दाखिल किए गए। वहीं प्रधानमंत्री कार्यालय ने सबसे ज्यादा आरटीआई आवेदनों को खारिज किया।

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 सीआईसी की रिपोर्ट के मुताबिक 20 मुख्य विभागों और मंत्रालयों में से सबसे ज्यादा 20 फीसदी आरटीआई आवेदन प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने खारिज किए। जबकि पिछले साल पीएमओ ने 22 फीसदी आवदेन खारिज किए थे। वहीं सबसे कम आरटीआई आवेदन विदेश मंत्रालय ने 0.01 फीसदी  ही खारिज किए। इस पर आरटीआई कार्यकर्ता रिटायर्ड कमोडोर लोकेश बत्रा का कहना है कि 176 भारतीय दूतावास इस वित्त वर्ष में अपनी रिपोर्ट मंत्रालय को देने में असफल रहे।
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सीआईसी की रिपोर्ट का विश्लेषण करने वाल कॉमनवेल्थ ह्यूमन राइट्स इनिशिएटिव के सदस्य वेंकटेश नायक ने बताया कि सीआईसी ने 28188 अपीलों और शिकायतों का निस्तारण किया।  वहीं सुप्रीम कोर्ट ने 21 फीसदी आरटीआई आवेदनों को खारिज किया।
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वेंकटेश ने बताया कि वर्ष 2015-16 की रिपोर्ट के मुताबिक 6.62 प्रतिशत आरटीआई आवेदन रिजेक्ट हुए। जबकि वर्ष 2014-15 की रिपोर्ट के मुताबिक 8.40 प्रतिशत आवेदन खारिज किए गए थे। वर्ष 2013-14 में 7.20 प्रतिशत,  वर्ष 2012-13 में 7.70 प्रतिशत,  वर्ष 2011-12 में 8.30 प्रतिशत,  वर्ष 2010-11 में 7.20 प्रतिशत, वर्ष 2009-10 में 6.40 प्रतिशत, वर्ष 2008-09 में 7.30 प्रतिशत, वर्ष 2007-08 में 7.20 प्रतिशत, वर्ष 2006-07 में 8.40 प्रतिशत और वर्ष 2005-06 में 13.86 प्रतिशत आरटीआई आवेदनों को खारिज किया गया था।


मंत्रालयों द्वारा अस्वीकृत आरटीआई आवेदन -

मंत्रालय                     - (वर्ष2015-16)    - (वर्ष2014-15)    
प्रधानमंत्री कार्यालय    - 20 प्रतिशत        - 22 प्रतिशत    
वित्त मंत्रालय             - 18 प्रतिशत        - 20 प्रतिशत                     
गृह मंत्रालय              - 14 प्रतिशत        - 14 प्रतिशत    
रक्षा मंत्रालय             - 12 प्रतिशत        - 16 प्रतिशत
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