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विश्वविद्यालयों में नियुक्ति की गुत्थी सुलझाने में जुटा पीएमओ, हो सकता संविधान संशोधन

Mon, 28 Jan 2019 03:32 AM IST
संदीप भट्ट न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: संदीप भट्ट Updated Mon, 28 Jan 2019 03:32 AM IST
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PMO is trying to solve issue of appointment in Universities
पीएमओ

विश्वविद्यालय में रोस्टर सिस्टम से नई नियुक्ति किए जाने जाने संबंधी इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट के दखल देने से इनकार के बाद प्रधानमंत्री कार्यालय इस विवाद को सुलझाने में जुट गया है। पीएमओ बृहस्पतिवार से शुरू हो रहे संसद के बजट सत्र के दौरान इस फैसले को पलटने के लिए संविधान संशोधन पर भी विचार कर रहा है। 

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उल्लेखनीय है कि इस फैसले से आरक्षण के सिद्धांत का उल्लंघन होने का आरोप लगाते हुए सरकार के सहयोगी दलों लोजपा, अपना दल और आरपीआई ने सरकार से इस फैसले को पलटने के लिए संविधान में संशोधन की मांग की है। इस मुद्दे पर मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावडेकर के साथ बैठक कर चुके लोजपा प्रमुख और केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान ने कहा कि सरकार इस विषय पर गंभीरता से विचार कर रही है। 
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उन्होंने कहा कि इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिलने के बाद अन्य विकल्पों की संभावना तलाशी जा रही है। अपना दल से केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल ने कहा कि नए रोस्टर सिस्टम से विश्वविद्यालयों में वंचित समाज की भागीदारी का रास्ता ही बंद हो जाएगा। आरपीआई नेता और केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले भी फैसला पलटने के लिए संविधान संशोधन की मांग कर चुके हैं। जबकि विपक्ष के नेता उपेंद्र कुशवाहा और राजद के मनोज झा जावडेकर को पत्र लिख चुके हैं।
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पीएमओ में दो बार हो चुका विचार

विकल्पों पर पीएमओ में शुक्रवार और रविवार के बीच दो बार गंभीर मंथन हुआ। सूत्रों का कहना है कि सरकार नहीं चाहती कि ठीक चुनाव के समय पिछड़ा और एससी-एसटी वर्ग में गलत संदेश जाए। यही कारण है कि इलाहाबाद हाईकोर्ट का फैसला पलटने के लिए संविधान संशोधन पर गहन विचार हो रहा है।

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