राजनीतिक दलों की सोच में बदलाव का पीएम नरेंद्र मोदी का दावा कितना सही?
प्रधानमंत्री ने कहा, अब तक राजनीतिक दल केवल चुनाव के समय होते थे सक्रिय, भाजपा ने राजनीतिक दलों के प्रति लोगों की धारणा बदली
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को सात राज्यों के भाजपा नेतृत्व से बातचीत की। उन्होंने उनसे कोरोना काल में लोगों की मदद के लिए किए गए कामकाज का ब्यौरा मांगा। इसी दौरान कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा ने देश में एक नई राजनीतिक संस्कृति को जन्म दिया है।
अभी तक राजनीतिक दल केवल चुनाव के समय तब सक्रिय होते थे जब उन्हें लोगों से वोट लेना होता था, जबकि भाजपा कार्यकर्ताओं ने कोरोना काल में लोगों की अभूतपूर्व मदद की। इस दौरान वे राजनीतिक कार्यकर्ता की बजाय स्वयं सेवी संगठन के कार्यकर्ता की भूमिका में आ गये और पीड़ितों की पूरी मदद की। उन्होंने कहा कि यह राजनीतिक दलों की कार्य संस्कृति और सोच में एक बड़ा बदलाव है। इससे देश की राजनीति संस्कृति में भी बदलाव आएगा। प्रधानमंत्री का यह दावा कितना सही है?
कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता आरपीएन सिंह ने अमर उजाला से कहा कि प्रधानमंत्री जी को लगता है कि हर अच्छे काम की शुरुआत 2014 के बाद ही हुई है। उसके पहले कभी कुछ होता ही नहीं था। लेकिन अगर वे थोड़ा अध्ययन करेंगे तो उन्हें पता चल जाएगा कि भारतीय राजनीति में लोगों की मदद करना राजनीतिक दलों की मूल विचारधारा में शामिल रहा है।
कांग्रेस का जन्म केवल लोगों की सेवा करने के लिए ही हुआ था। आज़ादी के पहले महात्मा गांधी जी का हर आन्दोलन समाज के सबसे कमजोर तबके की मजबूती के लिए ही हुआ करता था। क्या उसे राजनीतिक लाभ के लिए किया गया काम कहा जा सकता है?
उन्होंने कहा कि आजादी के बाद भी कांग्रेस के इस चरित्र में कोई बदलाव नहीं आया। देश में आये अकाल, बाढ़ या किसी भी प्राकृतिक आपदा के समय कांग्रेस ने अपने इसी मूल स्वभाव के तहत समय-समय पर लोगों की मदद की है। इस कोरोना काल में भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने गरीब मजदूरों को उनके घर तक पहुंचाने, उन्हें भोजन देने और आश्रय देने में बड़ी भूमिका निभाई है।
उत्तर प्रदेश के मामले में स्वयं प्रियंका गांधी ने इस काम की अगुवाई की है तो उन्होंने स्वयं यूपी के साथ-साथ झारखंड में लोगों की मदद करने के लिए कई जमीनी अभियान चलाया है। दिल्ली में प्रदेश कार्यालय के साथ-साथ इंडियन यूथ कांग्रेस और एनएसयूआई के युवा कांग्रेसियों ने लोगों की दिन-रात मदद की है।
उन्होंने कहा कि कोरोना काल में कोई राजनीतिक दल रहा हो या कोई स्वयं सेवी संगठन, सबने अपनी भूमिका निभाई है और इस तरह के सामाजिक काम करना हमारी सांस्कृतिक सोच में शामिल है। इसलिए किसी का यह कहना उचित नहीं है कि उसके कारण इस तरह के कार्यक्रमों की शुरुआत हुई है।
भाजपा नेता ने कहा
वहीं, भाजपा नेता प्रेम शुक्ला कहते हैं कि आज़ादी के समय राजनीतिक दलों की संस्कृति लोगों की सेवा ही हुआ करती थी, लेकिन गांधी परिवार ने इस राजनीतिक संस्कृति को नष्ट करने का काम किया है। कांग्रेस ने सत्ता से धन पैदा करने और फिर धन से सत्ता हासिल करने का पाठ लोगों को सिखाया। यही कारण है कि आजादी के काल के बाद राजनीतिक दलों के चरित्र में बदलाव आता गया।
उन्होंने कहा कि वर्तमान केंद्र सरकार के द्वारा अन्त्योदय योजना को जमीन पर उतारने की कोशिश की जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह के नेतृत्व में एक-एक योजना गरीबों के हित के लिए बनी है और उसे निभाने की कोशिश हो रही है।
सत्ता में रहने के बाद भी पार्टी ने लगातार कार्यकर्ताओं को किसी न किसी क्षेत्र में लोगों की मदद के लिए झोंक रखा है। अन्य दल भी इसकी देखादेखी लोगों की मदद के लिए सामने आ रहे हैं। निश्चय ही यह बदलाव देश की राजनीतिक व्यवस्था में एक बड़ा बदलाव करने वाला साबित होगा।
डिजिटल बुक तैयार करने को कहा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी राज्यों के भाजपा संगठन के पदाधिकारियों को 25 सितंबर तक अपने कामकाज का डिजिटल स्वरूप में एक डिजिटल बुक तैयार करने के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि यह एक नई परंपरा की शुरुआत होगी जिससे आगे आने वाले लोग सीखेंगे। बैठक में दिल्ली के आलावा उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र, असम और कर्नाटक के प्रतिनिधि शामिल हुए। दिल्ली के सभी सांसद, भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और अन्य वरिष्ठ नेता भी इस कार्यक्रम में शामिल हुए।
दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने प्रधानमंत्री को बताया कि प्रदेश भाजपा ने इस दौरान एक करोड़ से ज्याद लोगों को भोजन उपलब्ध कराया है। इसके आलावा लोगों को सूखा राशन, मास्क और पैरों में पहनने के लिए जूते-चप्पल तक उपलब्ध कराए हैं। इस दौरान लोगों में कोरोना के प्रति सुरक्षा बढ़ाने के लिए काढ़ा भी बांटा गया है। यह काम इस समय भी जारी है।