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Kartavaya Bhavan Inaugration: नवाचार और दक्षता का प्रतीक बनेगा कर्तव्य भवन, छह अगस्त को PM मोदी करेंगे उद्घाटन
Mon, 04 Aug 2025 07:16 PM IST
हिमांशु चंदेल
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: हिमांशु चंदेल
Updated Mon, 04 Aug 2025 07:16 PM IST
सार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी छह अगस्त को दिल्ली के कर्तव्य पथ स्थित ‘कर्तव्य भवन’ का उद्घाटन करेंगे। यह सेंट्रल विस्टा परियोजना के तहत पहली साझा सचिवालय इमारत है, जिसमें कई मंत्रालय एक साथ काम करेंगे। माना जा रहा है आधुनिक, डिजिटल और पर्यावरण के अनुकूल इस भवन से प्रशासनिक दक्षता, नीतिगत तालमेल और सेवा वितरण में सुधार आएगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी छह अगस्त को दिल्ली के कर्तव्य पथ स्थित ‘कर्तव्य भवन’ का उद्घाटन करेंगे। यह सेंट्रल विस्टा परियोजना के तहत पहली साझा सचिवालय इमारत है, जिसमें कई मंत्रालय एक साथ काम करेंगे। माना जा रहा है आधुनिक, डिजिटल और पर्यावरण के अनुकूल इस भवन से प्रशासनिक दक्षता, नीतिगत तालमेल और सेवा वितरण में सुधार आएगा।
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पीएम नरेंद्र मोदी
- फोटो : PTI
विस्तार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी छह अगस्त को नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर बने 'कर्तव्य भवन' का उद्घाटन करेंगे। इस मौके पर प्रधानमंत्री एक सार्वजनिक कार्यक्रम को भी संबोधित करेंगे। 'कर्तव्य भवन' को इस तरह डिजाइन किया गया है कि वह सरकारी कामकाज में दक्षता, नवाचार और आपसी समन्वय को बढ़ावा दे। यह नया भवन दिल्ली के विभिन्न हिस्सों में बिखरे मंत्रालयों और विभागों को एक ही स्थान पर लाकर संगठित करेगा।
इस भवन में गृह मंत्रालय, विदेश मंत्रालय, ग्रामीण विकास मंत्रालय, एमएसएमई मंत्रालय, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय, डीओपीटी और प्रमुख वैज्ञानिक सलाहकार (पीएसए) का कार्यालय शामिल होगा। इससे न केवल कार्यप्रणाली में सुधार होगा, बल्कि आपसी तालमेल से निर्णय लेने की प्रक्रिया भी तेज़ होगी। सरकार का उद्देश्य प्रशासन को आधुनिक, दक्ष और जवाबदेह बनाना है, और कर्तव्य भवन इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
प्रशासनिक परिवर्तन की नई इमारत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 6 अगस्त को राजधानी दिल्ली के प्रतिष्ठित कर्तव्य पथ पर ‘कर्तव्य भवन-03’ का उद्घाटन करेंगे। यह भवन न केवल प्रशासनिक दक्षता का प्रतीक बनेगा, बल्कि केंद्र सरकार के ‘सेंट्रल विस्टा’ सुधार अभियान का भी अहम हिस्सा है। यह पहला ऐसा भवन है, जो आने वाले वर्षों में बन रही कई साझा केंद्रीय सचिवालय इमारतों की शुरुआत करेगा।
ये भी पढ़ें- टीएमसी में आंतरिक कलह, सांसद कल्याण बनर्जी ने दिया लोकसभा में मुख्य सचेतक पद से इस्तीफा
केंद्र सरकार का नया संचालन केंद्र
यह नया कार्यालय परिसर करीब 1.5 लाख वर्ग मीटर क्षेत्र में फैला है, जिसमें दो बेसमेंट और सात मंज़िलें (ग्राउंड + 6 फ्लोर) शामिल हैं। यहां गृह मंत्रालय, विदेश मंत्रालय, ग्रामीण विकास, एमएसएमई, डीओपीटी, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय, और प्रमुख वैज्ञानिक सलाहकार (पीएसए) के कार्यालय एक साथ कार्य करेंगे। इससे अब तक दिल्ली में बिखरे इन मंत्रालयों के बीच समन्वय बेहतर होगा और नीतियों के क्रियान्वयन में तेजी आएगी।
ये भी पढ़ें- संसद में दावा- सीएपीएफ को दे रहे बेहतर कार्य का माहौल, दूसरी तरफ पदोन्नति के लिए कोर्ट जा रहे कार्मिक
पुरानी इमारतों से मुक्ति
शास्त्री भवन, कृषि भवन, उद्योग भवन और निर्माण भवन जैसी पुरानी इमारतें अब जर्जर और तकनीकी रूप से पिछड़ चुकी हैं। ‘कर्तव्य भवन-03’ जैसी आधुनिक इमारतें न केवल इनके रखरखाव का खर्च घटाएंगी, बल्कि कर्मचारियों के लिए बेहतर कार्य वातावरण भी सुनिश्चित करेंगी। इससे नीति-निर्माण और सेवा वितरण दोनों में गुणवत्ता आएगी।
ईको-फ्रेंडली सुविधाएं
यह परिसर पूरी तरह जीरो-डिस्चार्ज है, यानी सारा अपशिष्ट जल शोधित होकर दोबारा उपयोग में आता है। भवन में इलेक्ट्रॉनिक निगरानी, स्मार्ट लिफ्ट, सौर जल तापक, ई-व्हीकल चार्जिंग स्टेशन और सॉलिड वेस्ट प्रोसेसिंग यूनिट जैसी सुविधाएं भी हैं। हर गतिविधि पर नजर रखने के लिए एक सेंट्रल कमांड सेंटर भी स्थापित किया गया है।
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इस भवन में गृह मंत्रालय, विदेश मंत्रालय, ग्रामीण विकास मंत्रालय, एमएसएमई मंत्रालय, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय, डीओपीटी और प्रमुख वैज्ञानिक सलाहकार (पीएसए) का कार्यालय शामिल होगा। इससे न केवल कार्यप्रणाली में सुधार होगा, बल्कि आपसी तालमेल से निर्णय लेने की प्रक्रिया भी तेज़ होगी। सरकार का उद्देश्य प्रशासन को आधुनिक, दक्ष और जवाबदेह बनाना है, और कर्तव्य भवन इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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Prime Minister Narendra Modi will visit and inaugurate Kartavya Bhavan at Kartavya Path in Delhi on 6th August. Thereafter, the Prime Minister will address a public programme on Kartavya Path.
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Kartavya Bhavan has been designed to foster efficiency, innovation, and collaboration… pic.twitter.com/LQn3lV0H8x— ANI (@ANI) August 4, 2025
प्रशासनिक परिवर्तन की नई इमारत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 6 अगस्त को राजधानी दिल्ली के प्रतिष्ठित कर्तव्य पथ पर ‘कर्तव्य भवन-03’ का उद्घाटन करेंगे। यह भवन न केवल प्रशासनिक दक्षता का प्रतीक बनेगा, बल्कि केंद्र सरकार के ‘सेंट्रल विस्टा’ सुधार अभियान का भी अहम हिस्सा है। यह पहला ऐसा भवन है, जो आने वाले वर्षों में बन रही कई साझा केंद्रीय सचिवालय इमारतों की शुरुआत करेगा।
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केंद्र सरकार का नया संचालन केंद्र
यह नया कार्यालय परिसर करीब 1.5 लाख वर्ग मीटर क्षेत्र में फैला है, जिसमें दो बेसमेंट और सात मंज़िलें (ग्राउंड + 6 फ्लोर) शामिल हैं। यहां गृह मंत्रालय, विदेश मंत्रालय, ग्रामीण विकास, एमएसएमई, डीओपीटी, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय, और प्रमुख वैज्ञानिक सलाहकार (पीएसए) के कार्यालय एक साथ कार्य करेंगे। इससे अब तक दिल्ली में बिखरे इन मंत्रालयों के बीच समन्वय बेहतर होगा और नीतियों के क्रियान्वयन में तेजी आएगी।
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पुरानी इमारतों से मुक्ति
शास्त्री भवन, कृषि भवन, उद्योग भवन और निर्माण भवन जैसी पुरानी इमारतें अब जर्जर और तकनीकी रूप से पिछड़ चुकी हैं। ‘कर्तव्य भवन-03’ जैसी आधुनिक इमारतें न केवल इनके रखरखाव का खर्च घटाएंगी, बल्कि कर्मचारियों के लिए बेहतर कार्य वातावरण भी सुनिश्चित करेंगी। इससे नीति-निर्माण और सेवा वितरण दोनों में गुणवत्ता आएगी।
ईको-फ्रेंडली सुविधाएं
यह परिसर पूरी तरह जीरो-डिस्चार्ज है, यानी सारा अपशिष्ट जल शोधित होकर दोबारा उपयोग में आता है। भवन में इलेक्ट्रॉनिक निगरानी, स्मार्ट लिफ्ट, सौर जल तापक, ई-व्हीकल चार्जिंग स्टेशन और सॉलिड वेस्ट प्रोसेसिंग यूनिट जैसी सुविधाएं भी हैं। हर गतिविधि पर नजर रखने के लिए एक सेंट्रल कमांड सेंटर भी स्थापित किया गया है।