तैयारी: भारत-ऑस्ट्रेलिया वर्चुअल शिखर सम्मेलन 21 को, यूक्रेन समेत इन मुद्दों पर बात करेंगे मोदी-मॉरिसन
भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच पहला वर्चुअल शिखर सम्मेलन चार जून 2020 को हुआ था। अब दूसरा वर्चुअल शिखर सम्मेलन 21 मार्च को आयोजित होगा, जिसमें दोनों देशों के प्रधानमंत्री विचार-विमर्श करेंगे।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने ऑस्ट्रेलियाई समकक्ष स्कॉट मॉरिसन के साथ 21 मार्च को एक वर्चुअल सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। इस दौरान दोनों नेता द्विपक्षीय संबंधों को और बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा करेंगे। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने गुरुवार को एक प्रेस वार्ता के दौरान यह जानकारी दी थी।
इस शिखर सम्मेलन को लेकर मॉरिसन ने कहा कि हम अपने कारोबारी व निवेश संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा करेंगे और हमारी पारस्परिक आर्थिक वृद्धि को लेकर नए आर्थिक अवसरों पर बात करेंगे। उन्होंने कहा कि हम यूक्रेन में हालात और हिंद प्रशांत व म्यांमार पर इसके प्रभाव पर भी बात करेंगे।
बागची ने बताया था कि पीएम मोदी और ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री मॉरिसन 21 मार्च को दूसरे भारत-ऑस्ट्रेलिया वर्चुअल शिखर सम्मेलन आयोजित करेंगे। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच संबंध काफी मजबूत हुए हैं। कारोबार समेत अन्य क्षेत्रों में दोनों के संबंध प्रगाढ़ हुए हैं।
जून 2020 में भारत और ऑस्ट्रेलिया ने अपने संबंधों को एक व्यापक रणनीतिक साझेदारी के तहत बढ़ाया था। दोनों देशों ने लॉजिस्टिक्स सहयोग के लिए सैन्य ठिकानों तक पारस्परिक पहुंच के लिए एक ऐतिहासिक समझौते 'म्युचुअल लॉजिस्टिक्स सपोर्ट एग्रीमेंट'(एमएलएसए) पर हस्ताक्षर किए थे।
यह समझौता दोनों देशों की सेनाओं को समग्र रक्षा सहयोग बढ़ाने की सुविधा के अलावा अन्य कार्यों के लिए एक दूसरे के ठिकानों का उपयोग करने की अनुमति देता है। नवंबर 2020 में और इस साल भी भारत की मेजबानी में हुए मलाबार नौसैनिक अभ्यास में ऑस्ट्रेलिया की नौसेना ने भी हिस्सा लिया था।
अरिंदम बागची ने कहा कि इस वर्चुअल शिखर सम्मेलन के दौरान दोनों देशों के प्रधानमंत्री व्यापक रणनीतिक साझेदारी के तहत जारी विभिन्न पहलों की प्रगति का जायजा लेंगे। उन्होंने आगे कहा कि यह शिखर सम्मेलन नई पहलों और विभिन्न क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच सहयोग को बढ़ाने का रास्ता तैयार करेगा।
19 मार्च को भारत आएंगे जापान के प्रधानमंत्री किशिदा
वहीं, जापान के विदेश मंत्री फुमियो किशिदा 19 मार्च को भारत आने वाले हैं। उम्मीद की जा रही है कि इस दौरान दोनों देश आर्थिक सहयोग को बढ़ाने पर चर्चा करने के साथ यूक्रेन संकट और हिंद-प्रशांत क्षेत्र पर बातचीत कर सकते हैं। किशिदा अगले दिन यानी 20 मार्च को कंबोडिया के लिए रवाना हो जाएंगे।
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान के तत्कालीन प्रधानमंत्री शिंजो आबे के बीच साल 2019 में होने वाली मुलाकात असम में नागरिकता संशोधन अधिनियम के खिलाफ प्रदर्शनों के कारण स्थगित हो गया था। प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा का यह भारत दौरा उसी कार्यक्रम का अगला हिस्सा है।
जानकारी के अनुसार पीएम मोदी और उनके जापानी समकक्ष किशिदा के बीच वार्ता का मुख्य विषय हिंद-प्रशांत क्षेत्र पर आधारित रहेगा। इसके अलावा जापान के सागर में रूसी वायु सेना के साथ संयुक्त हवाई अभ्यास और सुलु सागर में फिलीपींस के क्षेत्राधिकार वाले समुद्र में युद्धपोत भेजने पर भी बात होगी।'