जनता कर्फ्यू से अब तक चार बार देश को संबोधित कर चुके हैं प्रधानमंत्री, दिए थे ये मंत्र
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देश में जारी लॉकडाउन के बीच मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रात को आठ बजे देश को संबोधित करने वाले हैं। जिसमें वह लॉकडाउन में छूट या फिर इसकी अवधि बढ़ाने पर चर्चा कर सकते हैं। इसके अलावा देश में कोरोना वायरस की स्थिति को लेकर भी वह बात कर सकते हैं। ऐसे में हम आपको बताते हैं कि कोरोना काल के दौरान प्रधानमंत्री ने कितनी बार देश को संबोधित किया है और क्या मंत्र दिया है।
पहला संबोधन 19 मार्च
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 19 मार्च को देश के नाम संबोधन में कोरोना वायरस के चलते पैदा हुए हालात और उससे निपटने के प्रयासों को लेकर चर्चा की थी। अपने संबोधन में उन्होंने 22 मार्च को जनता कर्फ्यू लगाने की बात कही थी। उन्होंने लोगों से स्वेच्छा से अपने घरों के अंदर रहने और शाम को कोरोना योद्धाओं का आभार जताते हुए घर की छत से थाली या ताली बजाने का अनुरोध किया था।
दूसरा संबोधन 24 मार्च
जनता कर्फ्यू की सफलता के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दूसरी बार 24 मार्च को देश को संबोधित किया। इस दिन उन्होंने कोरोना वायरस के संक्रमण के मद्देनजर देश में 25 मार्च से 14 अप्रैल तक 21 दिनों के लॉकडाउन की घोषणा की। उन्होंने कहा कि यह जनता कर्फ्यू की तरह ही होगा लेकिन इसमें थोड़ी सख्ती बढ़ जाएगी। प्रधानमंत्री ने लोगों से कोरोना की चेन तोड़ने के लिए घर के अंदर रहने और लक्ष्मण रेखा पार न करने को कहा था।
तीसरा संबोधन तीन अप्रैल
देश में लॉकडाउन लागू होने के बाद प्रधानमंत्री ने पहली बार देशवासियों को एक वीडियो संदेश के जरिए संबोधित किया। उन्होंने जनता से पांच अप्रैल को रात के नौ बजे नौ मिनट का समय मांगा। उन्होंने जनता से कहा कि कोरोना योद्धाओं के प्रति एकजुटता दिखाने के लिए नौ मिनट के लिए अपने घर की लाइटें बुझाकर दीये, मोमबत्ती या मोबाइल की फ्लैश लाइट जलाने का अनुरोध किया।
चौथा संबोधन 14 अप्रैल
चौथी बार प्रधानमंत्री ने 14 अप्रैल को देश को संबोधित किया। अपने संबोधन के दौरान उन्होंने कहा कि जान है तो जहान है। उन्होंने कहा कि हर नागरिक की जान बचाने के लिए लॉकडाउन और सामाजिक दूरी का पालन करना बहुत जरूरी है। देश के ज्यादातर लोगों ने इस बात को समझा और घरों में रहकर अपना दायित्व निभाया। उन्होंने लोगों से अपने घर के बुजुर्गों का विशेष ख्याल रखने को कहा और लॉकडाउन की अवधि को तीन मई तक के लिए बढ़ाने की घोषणा की।