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IND-BAN: पीएम मोदी-शेख हसीना ने किया तीन परियोजनाओं का उद्घाटन, बांग्लादेशी PM बोलीं- प्रतिबद्धता के लिए आभार
Wed, 01 Nov 2023 02:53 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र
Updated Wed, 01 Nov 2023 02:53 PM IST
सार
ये तीनों परियोजनाएं भारत की सहायता से क्रियान्वित की गई हैं। इनमें अखौरा-अगरतला क्रॉस-बॉर्डर रेल लिंक, खुलना-मोंगला पोर्ट रेल लाइन और मैत्री सुपर थर्मल पावर प्लांट की यूनिट-तीन, परियोजना शामिल हैं।
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पीएम नरेंद्र मोदी और बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना।
- फोटो : ANI
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विस्तार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बांग्लादेश की पीएम शेख हसीना संयुक्त रूप से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से तीन विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया है। भारत और बांग्लादेश के बीच तीन विकास परियोजनाओं के उद्घाटन पर पीएम शेख हसीना ने कहा, ''...मैं हमारे दोनों देशों के बीच दोस्ती के बंधन को मजबूत करने की आपकी प्रतिबद्धता के लिए अपना आभार व्यक्त करती हूं।"
वहीं, प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "यह खुशी की बात है कि एक बार फिर हम भारत-बांग्लादेश सहयोग की सफलता का जश्न मनाने के लिए जुड़े हैं। हमारे रिश्ते लगातार नई ऊंचाईयां छू रहे हैं। पिछले 9 वर्षों में हमने मिलकर जो काम किया है, वह इससे पहले के दशकों में भी नहीं हुआ था।" मोदी ने कहा कि सीमा पर शांति, सुरक्षा और स्थिरता की बहाली के लिए दोनों देशों के बीच दशकों से लंबित, जमीन सीमा समझौता किया गया और समुद्री सीमा संबंधी मामलों को भी सुलझाया गया।
उन्होंने कहा कि दोनों देशों के लोगों की साझा अपेक्षाओं और आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए भारत-बांग्लादेश ने अवसंरचना और संपर्क के विकास पर विशेष बल दिया। पिछले नौ वर्षों में तीन नयी बस सेवाएं और तीन नयी रेल सेवाएं शुरू किए जाने का उल्लेख करते हुए मोदी ने कहा कि साल 2020 से तो भारत-बांग्लादेश के बीच कंटेनर और पार्सल ट्रेन भी चल रही हैं। उन्होंने कहा, ‘‘पिछले नौ वर्षों में समुद्री मार्ग को सवारी और माल के यातायात के लिए विकसित किया गया। इसी रास्ते से बांग्लादेश से त्रिपुरा के लिए निर्यात का रास्ता खुल गया है।’’
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मोदी ने कहा कि भारत और बांग्लादेश के बीच विश्व की सबसे बड़ी क्रूज सेवा ‘गंगा विलास’ के शुरू होने से पर्यटन को बढ़ावा मिला है जबकि चटगांव और मोंगला बंदरगाह के रास्ते से भारत के उत्तर पूर्व के राज्यों को जोड़े जाने का लाभ भी दोनों देशों को हुआ है। प्रधानमंत्री ने कहा कि संपर्क पहल ने कोरोना महामारी के दौरान जीवनरेखा का काम किया और तभी ‘ऑक्सीजन एक्सप्रेस’ के जरिए 4,000 टन से ज्यादा ऑक्सीजन भारत से बांग्लादेश पहुंचाई गई।
क्या हैं भारत-बांग्लादेश के बीच की तीन विकास परियोजनाएं?
ये तीनों परियोजनाएं भारत की सहायता से क्रियान्वित की गई हैं। इनमें अखौरा-अगरतला क्रॉस-बॉर्डर रेल लिंक, खुलना-मोंगला पोर्ट रेल लाइन और मैत्री सुपर थर्मल पावर प्लांट की यूनिट-तीन, परियोजना शामिल हैं। अखौरा-अगरतला क्रॉस-बॉर्डर रेल लिंक परियोजना को भारत सरकार की ओर से बांग्लादेश को दी गई 392.52 करोड़ रुपये की अनुदान सहायता के तहत क्रियान्वित किया गया है। पीएमओ के बयान में कहा गया है कि बांग्लादेश में 6.78 किमी दोहरी गेज रेल लाइन और त्रिपुरा में 5.46 किमी के साथ रेल लिंक की लंबाई 12.24 किमी है।
खुलना-मोंगला पोर्ट रेल लाइन परियोजना को भारत सरकार की रियायती कर्ज सुविधा के तहत 38.83 करोड़ अमेरिकी डॉलर की कुल परियोजना लागत के साथ तैयार किया गया है। इस परियोजना में मोंगला बंदरगाह और खुलना में मौजूदा रेल नेटवर्क के बीच करीब 65 किमी ब्रॉड गेज रेल मार्ग का निर्माण शामिल है। इसके साथ ही बांग्लादेश का दूसरा सबसे बड़ा बंदरगाह मोंगला ब्रॉड-गेज रेलवे नेटवर्क से जुड़ गया है।
15 किमी लंबा अगरतला-अखौरा क्रॉस बॉर्डर रेल संपर्क (भारत में 5 किमी और बांग्लादेश में 10 किमी) सीमा पार व्यापार को बढ़ावा देगा और ढाका के रास्ते अगरतला से कोलकाता आने-जाने में लगने वाला समय भी घटाएगा। फिलहाल, ट्रेन को अगरतला से कोलकाता पहुंचने में 31 घंटे लगते हैं, जो इस परियोजना के शुरू होने के बाद 21 घंटे रह जाएंगे।
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वहीं, प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "यह खुशी की बात है कि एक बार फिर हम भारत-बांग्लादेश सहयोग की सफलता का जश्न मनाने के लिए जुड़े हैं। हमारे रिश्ते लगातार नई ऊंचाईयां छू रहे हैं। पिछले 9 वर्षों में हमने मिलकर जो काम किया है, वह इससे पहले के दशकों में भी नहीं हुआ था।" मोदी ने कहा कि सीमा पर शांति, सुरक्षा और स्थिरता की बहाली के लिए दोनों देशों के बीच दशकों से लंबित, जमीन सीमा समझौता किया गया और समुद्री सीमा संबंधी मामलों को भी सुलझाया गया।
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उन्होंने कहा कि दोनों देशों के लोगों की साझा अपेक्षाओं और आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए भारत-बांग्लादेश ने अवसंरचना और संपर्क के विकास पर विशेष बल दिया। पिछले नौ वर्षों में तीन नयी बस सेवाएं और तीन नयी रेल सेवाएं शुरू किए जाने का उल्लेख करते हुए मोदी ने कहा कि साल 2020 से तो भारत-बांग्लादेश के बीच कंटेनर और पार्सल ट्रेन भी चल रही हैं। उन्होंने कहा, ‘‘पिछले नौ वर्षों में समुद्री मार्ग को सवारी और माल के यातायात के लिए विकसित किया गया। इसी रास्ते से बांग्लादेश से त्रिपुरा के लिए निर्यात का रास्ता खुल गया है।’’
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मोदी ने कहा कि भारत और बांग्लादेश के बीच विश्व की सबसे बड़ी क्रूज सेवा ‘गंगा विलास’ के शुरू होने से पर्यटन को बढ़ावा मिला है जबकि चटगांव और मोंगला बंदरगाह के रास्ते से भारत के उत्तर पूर्व के राज्यों को जोड़े जाने का लाभ भी दोनों देशों को हुआ है। प्रधानमंत्री ने कहा कि संपर्क पहल ने कोरोना महामारी के दौरान जीवनरेखा का काम किया और तभी ‘ऑक्सीजन एक्सप्रेस’ के जरिए 4,000 टन से ज्यादा ऑक्सीजन भारत से बांग्लादेश पहुंचाई गई।
क्या हैं भारत-बांग्लादेश के बीच की तीन विकास परियोजनाएं?
ये तीनों परियोजनाएं भारत की सहायता से क्रियान्वित की गई हैं। इनमें अखौरा-अगरतला क्रॉस-बॉर्डर रेल लिंक, खुलना-मोंगला पोर्ट रेल लाइन और मैत्री सुपर थर्मल पावर प्लांट की यूनिट-तीन, परियोजना शामिल हैं। अखौरा-अगरतला क्रॉस-बॉर्डर रेल लिंक परियोजना को भारत सरकार की ओर से बांग्लादेश को दी गई 392.52 करोड़ रुपये की अनुदान सहायता के तहत क्रियान्वित किया गया है। पीएमओ के बयान में कहा गया है कि बांग्लादेश में 6.78 किमी दोहरी गेज रेल लाइन और त्रिपुरा में 5.46 किमी के साथ रेल लिंक की लंबाई 12.24 किमी है।
खुलना-मोंगला पोर्ट रेल लाइन परियोजना को भारत सरकार की रियायती कर्ज सुविधा के तहत 38.83 करोड़ अमेरिकी डॉलर की कुल परियोजना लागत के साथ तैयार किया गया है। इस परियोजना में मोंगला बंदरगाह और खुलना में मौजूदा रेल नेटवर्क के बीच करीब 65 किमी ब्रॉड गेज रेल मार्ग का निर्माण शामिल है। इसके साथ ही बांग्लादेश का दूसरा सबसे बड़ा बंदरगाह मोंगला ब्रॉड-गेज रेलवे नेटवर्क से जुड़ गया है।
15 किमी लंबा अगरतला-अखौरा क्रॉस बॉर्डर रेल संपर्क (भारत में 5 किमी और बांग्लादेश में 10 किमी) सीमा पार व्यापार को बढ़ावा देगा और ढाका के रास्ते अगरतला से कोलकाता आने-जाने में लगने वाला समय भी घटाएगा। फिलहाल, ट्रेन को अगरतला से कोलकाता पहुंचने में 31 घंटे लगते हैं, जो इस परियोजना के शुरू होने के बाद 21 घंटे रह जाएंगे।