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कोरोना से लड़ने को 99 साल के पूर्व विधायक ने दान की अपनी बचत, पीएम मोदी ने फोन कर जताया आभार

Mon, 20 Apr 2020 07:45 PM IST
अमित कुमार पीटीआई, अहमदाबाद
पीटीआई, अहमदाबाद Published by: अमित कुमार Updated Mon, 20 Apr 2020 07:45 PM IST
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PM Narendra Modi calls up ex-MLA who donated savings to fight coronavirus
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लॉकडाउन बढ़ाने की घोषणा की - फोटो : PTI

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना वायरस से लड़ने के लिए अपनी बचत दान करने वाले 99 साल के पूर्व विधायक रत्नभाई ठुम्मर को फोन कर उनके इस प्रयास की प्रशंसा की। पीएम मोदी ने करीब तीन मिनट तक उनसे फोन पर बात की। इस दौरान उन्होंने पुराने दिनों को याद करते हुए कहा कि वह एक बार जूनागढ़ जिले के बिल्खा शहर में ठुम्मर से मिलने आए थे। गुजरात सरकार की ओर से जारी बयान के मुताबिक पीएम मोदी ने ठुम्मर से कहा, 'मैंने आपको बचत दान करने की वजह से फोन किया है। आप इस उम्र में भी अच्छा काम कर रहे हैं। अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखिएगा।' 

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प्रधानमंत्री ने उनसे पूछा कि क्या उन्हें वह मुलाकात याद है, तो ठुम्मर ने हां में जवाब दिया। पूर्व विधायक ठुम्मर अब ठीक से सुन नहीं सकते हैं। उनके रिश्तेदार ने बताया कि 99 वर्षीय ठुम्मर ने पीएम मोदी से कहा है कि वह अपनी पूरी ताकत के साथ इस वायरस से लड़ें।  
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रिश्तेदारों ने यह भी बताया कि ठुम्मर अक्सर बताते हैं कि मोदी एक बार उनके निवास पर मिलने आए थे। उनके साथ गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री शंकरसिंह वाघेला भी थे। रिश्तेदारों ने बताया कि ठुम्मर ने पीएम मोदी को बताया कि इस वायरस से लड़ने के लिए वह अपनी सारी बचत दान करने के लिए तैयार हैं।  
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बीते 17 अप्रैल को वह जूनागढ़ जिला कलेक्टर के कार्यालय गए और उन्होंने राज्य सरकार को 51 हजार रुपये का चेक सौंपा। उस समय उन्होंने कहा था, 'मैंने इसलिए सरकार को दान देने का फैसला किया है क्योंकि इस उम्र में मैं शरीर से मदद नहीं कर सकता।' रत्नभाई ठुम्मर 1975 से 1980 के बीच जूनागढ़ में मेंदारा मानिया सीट से विधायक थे। 


कहा जाता है कि विधायक रहते हुए उन्होंने कभी भी वेतन नहीं लिया। यहां तक कि पूर्व विधायक होने के नाते वह पेंशन भी नहीं लेते हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के आहृवान के बाद प्रत्येक सोमवार को खाना नहीं खाने का भी प्रण लिया था, जिसका पालन वह आज तक कर रहे हैं। 

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