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आंध्र में बड़ा हादसा: डूबने से पांच महिलाओं की मौत, एक नवविवाहिता की शामिल, उजड़ गए हंसते खेलते परिवार
Fri, 16 Oct 2026 11:10 PM IST
राकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अमरावती।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अमरावती।
Published by: राकेश कुमार
Updated Fri, 16 Oct 2026 11:10 PM IST
सार
दशहरा की छुट्टियों में आंध्र प्रदेश के श्री सत्य साई जिले में स्थित गोल्लापल्ली जलाशय घूमने गईं पांच महिलाएं पैर फिसलने से गहरे पानी में डूब गईं। इस दर्दनाक हादसे में एक नवविवाहिता समेत पांचों महिलाओं की मौत हो गई, जिन्हें स्थानीय मछुआरों ने बाहर निकाला। इस घटना के बाद मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री ने गहरा दुख जताते हुए जलाशयों पर सुरक्षा और लाइफगार्ड की तैनाती के कड़े निर्देश दिए हैं।
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संकेतिक तस्वीर
- फोटो : एडोव
विस्तार
आंध्र प्रदेश के श्री सत्य साई जिले से एक बेहद झकझोर देने वाली खबर सामने आ रही है। यहां पेनुकोंडा के पास बने गोल्लापल्ली जलाशय में घूमने गईं पांच महिलाएं अचानक गहरे पानी में समा गईं, जिससे इलाके में कोहराम मच गया है। इस दर्दनाक हादसे में जान गंवाने वाली महिलाएं आपस में पड़ोसी और रिश्तेदार थीं, जो दशहरा की छुट्टियों का आनंद लेने निकली थीं।
छुट्टी मनाने आई बेटी की भी गई जान
हादसे का शिकार हुईं महिलाओं की पहचान 50 साल की गायत्री, उनकी बेटी अश्विनी और उनकी तीन पड़ोसिनों पुष्पा, हसीना और महीन के रूप में हुई है। ये सभी पेनुकोंडा मंडल के दुर्गापेट इलाके की रहने वाली थीं। इनमें से गायत्री की बेटी अश्विनी की हाल ही में शादी हुई थी और वह अपने पति के साथ मुंबई में रहती थी। दशहरा की छुट्टियों में मायके आई अश्विनी परिवार और पड़ोसियों के साथ इस सैर पर निकली थी, किसे पता था कि यह उसकी जिंदगी का आखिरी सफर साबित होगा।
पैर फिसलने से हुआ बड़ा हादसा, स्थानीय मछुआरों ने निकाले शव
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, महिलाओं का यह पूरा समूह गोल्लापल्ली जलाशय घूमने पहुंचा था। घूमते-घूमते अचानक उनका पैर फिसल गया और वे गहरे पानी में जा गिरीं। चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग और स्थानीय मछुआरे तुरंत मदद के लिए दौड़े, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। मछुआरों ने ही पानी से पां चों महिलाओं के शव बाहर निकाले। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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यह भी पढ़ें: गुजरात के सोमनाथ में नॉन-वेज पर बैन: दुकानदारों ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया, क्या है पूरा मामला?
सियासत में भी शोक की लहर, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस हृदयविदारक घटना पर राज्य के बड़े राजनेताओं ने गहरा दुख जताया है। मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने तुरंत अधिकारियों से फोन पर पूरी जानकारी ली और पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट की। वहीं, उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने जिला कलेक्टर को इस पूरे मामले की गंभीरता से जांच करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि पर्यटन स्थलों और जलाशयों के आसपास सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होने चाहिए और हर जगह लाइफगार्ड की तैनाती सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी अनहोनी दोबारा न हो। इसके अलावा, पूर्व मुख्यमंत्री और वाईएसआरसीपी प्रमुख वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने भी दुख जताते हुए सरकार से पीड़ित परिवारों को हरसंभव आर्थिक मदद देने की माँग की है।
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छुट्टी मनाने आई बेटी की भी गई जान
हादसे का शिकार हुईं महिलाओं की पहचान 50 साल की गायत्री, उनकी बेटी अश्विनी और उनकी तीन पड़ोसिनों पुष्पा, हसीना और महीन के रूप में हुई है। ये सभी पेनुकोंडा मंडल के दुर्गापेट इलाके की रहने वाली थीं। इनमें से गायत्री की बेटी अश्विनी की हाल ही में शादी हुई थी और वह अपने पति के साथ मुंबई में रहती थी। दशहरा की छुट्टियों में मायके आई अश्विनी परिवार और पड़ोसियों के साथ इस सैर पर निकली थी, किसे पता था कि यह उसकी जिंदगी का आखिरी सफर साबित होगा।
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पैर फिसलने से हुआ बड़ा हादसा, स्थानीय मछुआरों ने निकाले शव
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, महिलाओं का यह पूरा समूह गोल्लापल्ली जलाशय घूमने पहुंचा था। घूमते-घूमते अचानक उनका पैर फिसल गया और वे गहरे पानी में जा गिरीं। चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग और स्थानीय मछुआरे तुरंत मदद के लिए दौड़े, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। मछुआरों ने ही पानी से पां चों महिलाओं के शव बाहर निकाले। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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सियासत में भी शोक की लहर, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस हृदयविदारक घटना पर राज्य के बड़े राजनेताओं ने गहरा दुख जताया है। मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने तुरंत अधिकारियों से फोन पर पूरी जानकारी ली और पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट की। वहीं, उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने जिला कलेक्टर को इस पूरे मामले की गंभीरता से जांच करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि पर्यटन स्थलों और जलाशयों के आसपास सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होने चाहिए और हर जगह लाइफगार्ड की तैनाती सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी अनहोनी दोबारा न हो। इसके अलावा, पूर्व मुख्यमंत्री और वाईएसआरसीपी प्रमुख वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने भी दुख जताते हुए सरकार से पीड़ित परिवारों को हरसंभव आर्थिक मदद देने की माँग की है।