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भरोसा खो चुके लोग ही खून-खराबे, गृहयुद्ध और देश के टुकड़े-टुकड़े होने की बात कर रहे हैं: मोदी

Sun, 12 Aug 2018 02:11 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/ अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sun, 12 Aug 2018 02:11 AM IST
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PM Narendra Modi attacks on Opposition over NRC, mob lynching, women safety and unemployment
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (फाइल फोटो) - फोटो : amar ujala

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आर्थिक हालात, नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजंस (एनआरसी), भीड़ हिंसा, महिलाओं के उत्पीड़न पर विपक्ष के हमलों का करारा जवाब दिया। उन्होंने कहा जिनका खुद पर भरोसा खत्म हो गया, उन्हें जनसमर्थन खोने का डर सता रहा है। जिन्हें देश की संस्थाओं पर भरोसा नहीं है, ऐसे लोग गृह युद्ध, खून-खराबा और देश के टुकड़े-टुकड़े होने की बात कर माहौल खराब कर रहे हैं।

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एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि यूपीए सरकार के दौर से यह जीएसटी अलग है। तत्कालीन वित्त मंत्री विभिन्न राज्यों की समस्याएं सुनने को तैयार नहीं थे और वह ‘माई वे या हाईवे’ का तरीका अपनाते थे। सिर्फ गुजरात ही नहीं, कई राज्यों को इस पर भरोसा नहीं था। 
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उन्होंने वादे के मुताबिक राज्यों को जीएसटी का मुआवजा नहीं दिया। एनडीए सरकार पहले पांच साल तक राज्यों को नुकसान की भरपाई देने पर सहमत हुई, तभी यह जीएसटी लागू हुआ। हमारा जीएसटी मॉडल सभी राज्यों की चिंताओं के प्रति सजग था इसलिए इसे सभी राज्यों ने स्वीकार किया। योग, आयुष्मान भारत, स्वच्छ भारत, एनआरसी, सर्जिकल स्ट्राइक जैसे हर मुद्दे पर विपक्ष लोगों को गुमराह कर रहा है।
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ममता जी तब सही थीं या आज
पीएम मोदी ने आरोप कि कांग्रेस एनआरसी पर भी राजनीति कर रही है। एनआरसी की बुनियाद तीन दशक पुरानी है, जब राजीव गांधी ने असम समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। कई बार कांग्रेस की सरकार बनी लेकिन उन्होंने इस पर कुछ भी नहीं किया। हमने सत्ता में आने के बाद एनआर को हमने वादे के मुताबिक लागू किया। मैं लोगों को आश्वस्त करना चाहता हूं कि एक भी भारतीय नागरिक को देश नहीं छोड़ना पड़ेगा। मोदी ने 2005 में संसद में ममता के घुसपैठियों के खिलाफ दिए बयानों का जिक्र करते हुए पूछा कि ममता जी उस समय सही थीं या आज घुसपैठियों के पक्ष में बोलने पर सही हैं। आज वह एनआरसी पर गृहयुद्ध और खूनखराबे पर बात करती हैं।

भीड़ हिंसा की एक भी घटना दुर्भाग्यपूर्ण

मोदी ने भीड़ हिंसा और महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामलों पर खामोश रहने के विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि ऐसी एक भी घटना दुर्भाग्यपूर्ण है। मैंने और कई भाजपा नेताओं ने बार-बार हिंसा के खिलाफ स्पष्ट शब्दों में बोला है। ये सब रिकॉर्ड में है। हमने शब्दों से आगे बढ़कर काम किया है। गृह मंत्रालय के काम पर नजर डालिए कि हिंसा की घटनाओं के खिलाफ हमने क्या काम किया। ऐसी घटनाओं के खिलाफ राजनीति से ऊपर उठकर एकसाथ खड़े होना चाहिए। ऐसी घटनाओं को महज संख्याओं में आंकना और फिर उन पर राजनीति करना उचित नहीं है। ज्यादातर लोग राजनीतिक फायदे के लिए इसका इस्तेमाल करने लगते हैं। 

महिलाओं के खिलाफ अपराध में मौत की सजा का प्रावधान किया
पीएम ने कहा, ‘मैंने सत्ता में आने बाद लाल किले से पहले भाषण में ही कहा था कि महिलाओं का सम्मान सुनिश्चित करना सरकार, समाज, परिवार और हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है। सरकार के स्तर पर हमने महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामलों में मृत्युदंड तक का प्रावधान किया। ऐसी घटनाओं के मुकदमों की सुनवाई में तेजी आई है।अब मौत की सजा भी दी जा रही है।

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