एमएसएमई के लिए संजीवनी बनेगा CHAMPIONS, प्रधानमंत्री मोदी ने किया उद्घाटन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म चैम्पियंस (CHAMPIONS) लॉन्च किया। इसका मतलब उत्पादन और राष्ट्रीय शक्ति बढ़ाने के लिए आधुनिक प्रक्रियाओं का निर्माण और सामंजस्यपूर्ण अनुप्रयोग है। प्रधानमंत्री ने कहा यह एमएसएमई सेक्टर की सभी समस्याओं के समाधान और सहायता के लिए एकमात्र केंद्र होगा। इसका उद्देश्य इन उद्योगों की सहायता, शिकायतों का निवारण, उद्यमशील प्रतिभा का उपयोग और व्यापार के नए अवसरों की खोज करना है।
Launched the portal, https://t.co/ZdLkL1rwK5
This is a one stop place for MSME sector. The focus areas are support & hand-holding, grievance redressal, harnessing entrepreneurial talent and discovering new business opportunities. https://t.co/diLjzKeRY5 pic.twitter.com/d9t8XGJcxT— Narendra Modi (@narendramodi) June 1, 2020विज्ञापन
यह पोर्टल मूलत: छोटी इकाईयों की समस्याओं का हल करके, उन्हें उत्साहित करने, सहयोग देकर बड़ा बनाने के लिए है। यह एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग) उद्योगों की सभी समस्याओं के समाधान के लिए एक केंद्र होगा। यह व्यवस्था वर्तमान कठिन परिस्थितियों में एमएसएमई उद्योगों की मदद करने के लिए और उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उभारने के लिए तैयार की गई है।
CHAMPIONS में सी का मतलब क्रिएशन यानी निर्माण, एच का मतलब हारमोनियस यानी सामंजस्यपूर्ण, ए का मतलब एप्लीकेशन यानी अनुप्रयोग, एम का मतलब मॉडर्न यानी आधुनिक, पी का मतलब प्रोसेसेस यानी प्रक्रियाएं, आई का मतलब इंक्रीज यानी बढ़ोत्तरी, ओ का मतलब आउटपुट यानी उत्पादन, एन का मतलब नेशनल यानी राष्ट्रीय और एस का मतलब स्ट्रेंथ यानी ताकत है।
CHAMPIONS के विस्तृत उद्देश्य
- शिकायत निवारण : एमएसएमई की समस्याओं को हल करने के लिए जिनमें वित्त, कच्चे माल, श्रम, विनियामक अनुमति आदि शामिल हैं।
- नए मौके तलाशना : चिकित्सा उपकरणों और अन्य सामान जैसे पीपीई, मास्क आदि का निर्माण और राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में उनकी आपूर्ति।
- क्षमताओं को बढ़ावा : ऐसे क्षमतावान उद्योगों को प्रोत्साहित करना जो वर्तमान स्थितियों के मुताबिक खड़े होने में सक्षम हैं और जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहचान बना सकते हैं।
सरकार के मुताबिक यह एक टेक्नोलॉजी पर आधारित कंट्रोल रूम और सूचना प्रबंधन व्यवस्था है। यह टेलीफोन, इंटरनेट और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की सुविधाओं से लैस है। इसके साथ ही इसमें आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई), डाटा एलालिटिक्स और मशीन लर्निंग का इस्तेमाल किया गया है। इस मौके पर केंद्रीय एमएसएमई और परिवहन मंत्री नितिन गडकरी भी मौजूद थे।