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Wayanad Landslide: पीएम मोदी का स्नेह पाकर पीड़ितों का दर्द छलका; तबाही और पीड़ा देख भावुक हुए प्रधानमंत्री
Sun, 11 Aug 2024 06:55 AM IST
दीपक कुमार शर्मा
एजेंसी/ब्यूरो, नई दिल्ली
एजेंसी/ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: दीपक कुमार शर्मा
Updated Sun, 11 Aug 2024 06:55 AM IST
सार
राहत शिविर में पहुंचे पीएम ने न सिर्फ लोगों को ढांढस बंधाया, बल्कि उनको भरोसा दिलाया कि उनकी हर जरूत का ख्याल सरकार रखेगी। मोदी को देखकर राहत शिविर में त्रासदी का दंश झेल चुके लोगों के चेहरे पर उम्मीद की किरण जागी। पीएम ने राहत कार्य में लगे मजदूरों से लेकर अफसरों तक, सभी का हाल पूछा और उनके कार्य की सराहना भी की।
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वायनाड में भूस्खलन से तबाही का जायदा लेते पीएम नरेंद्र मोदी
- फोटो : एएनआई
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विस्तार
भूस्खलन त्रासदी पीड़ितों का दर्द प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्नेह पाकर छलक पड़ा। उन्होंने जब बच्चों के सिर पर हाथ फेरा तो उनके चेहरों पर मुस्कान खिल उठी। किसी ने पूरा परिवार खोया है तो किसी के बच्चे अब दुनिया में नहीं....पीडि़तों की आपबीती सुनकर मोदी की आंखें भी छलक उठीं।
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राहत शिविर में पहुंचे पीएम ने न सिर्फ लोगों को ढांढस बंधाया, बल्कि उनको भरोसा दिलाया कि उनकी हर जरूत का ख्याल सरकार रखेगी। मोदी को देखकर राहत शिविर में त्रासदी का दंश झेल चुके लोगों के चेहरे पर उम्मीद की किरण जागी। पीएम ने राहत कार्य में लगे मजदूरों से लेकर अफसरों तक, सभी का हाल पूछा और उनके कार्य की सराहना भी की। उन्होंने कहा, कि जो निष्ठा और जज्बा बचाव कार्य में दिखाया, उससे कई परिवार उजड़ने से बच गए।
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डॉक्टरों से जाना मरीजों का हाल, कहा-देखभाल में न रहे कसर
मोदी ने राहत शिविरों में ठहरे लोगों के स्वास्थ्य के बारे में डॉक्टरों से जाना और उनकी बेहतर देखभाल करने को कहा। डॉ. चार्ली ने पीएम मोदी को कैंप में ठहरे लोगों की स्थिति का ब्योरा दिया। उन्हें बताया कि वे किस तरह के मानसिक व शारीरिक पीड़ा झेल रहे हैं। डॉ. चार्ली ने कहा, पीएम ने ठीक हुए लोगों की संख्या, उन्नत उपचार की जानकारी ली। केरल सरकार ने राहत कार्य के लिए केंद्र से 2,000 करोड़ रुपये की सहायता मांगी है।
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राष्ट्रीय आपदा घोषित करने का नियमों में कोई प्रावधान नहीं : केंद्र
केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया कि वायनाड भूस्खलन को राष्ट्रीय आपदा घोषित नहीं किया जा सकता, क्योंकि नियमों के तहत ऐसी कोई अवधारणा है ही नहीं। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी समेत अन्य नेताओं की वायनाड में भूस्खलन त्रासदी को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग के बीच केंद्र सरकार की ओर से यह स्पष्टीकरण आया है। इसमें यूपीए सरकार के एक मंत्री की ओर से 2013 में लोकसभा में दिये जवाब का हवाला दिया गया। राहुल ने राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग की थी।
सरकार ने साफ किया है कि यूपीए सरकार में तत्कालीन गृह राज्य मंत्री और केरल से कांग्रेस सांसद मुल्लापल्ली रामचंद्रन ने 2013 में एक सवाल के जवाब में लोकसभा को बताया था कि नियमानुसार प्राकृतिक आपदा को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने का कोई प्रावधान नहीं है।
बचाव में दिन-रात जुटे रहे 1,200 से ज्यादा कर्मचारी
केंद्र सरकार ने केरल के वायनाड में भूस्खलन त्रासदी के बाद तत्काल कदम उठाते हुए घटनास्थल पर बचाव और राहत के उपाय शुरू किए। अधिकारियों ने बताया कि केंद्र ने एनडीआरएफ, सेना, वायुसेना, नौसेना, अग्निशमन सेवाओं और नागरिक सुरक्षा समेत अन्य विभागों के 1,200 से अधिक कर्मियों को तैनात किया। चिकित्सा सहायता व उपचार के लिए डॉक्टरों और अन्य कर्मचारियों के साथ 100 से अधिक एम्बुलेंस तैनात की गईं। सेना ने वायनाड में महज 71 घंटे के भीतर 190 फुट लंबा बेली ब्रिज बनाया, जो भारी मशीनरी और एंबुलेंस की आवाजाही को सुविधाजनक बनाने में महत्वपूर्ण है। इससे भारी वाहनों और मशीनरी को बचाव कार्यों में काफी मदद मिली। इससे पहले के पुल के क्षतिग्रस्त होने से फंसे करीब 200 लोगों को बचाया जा सका। अधिकारियों मुताबिक अब तक मलवे में फंसे 30 लोगों को बचाया गया है और 520 लोगों को प्रभावित क्षेत्र से निकालकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया है। एनडीआरएफ की बचाव टीमों ने 112 शव बरामद किए हैं।