NITI Aayog: नीति आयोग की बैठक से नदारद रहेंगे ये सात CM, जानें कौन होगा शामिल और किसने किया आने से इनकार
साल 2047 में भारत की आजादी को 100 साल पूरे हो जाएंगे। केंद्र की मोदी सरकार ने 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य रखा है। इसी लक्ष्य को हासिल करने के लिए आज नीति आयोग की बैठक हो रही है।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज यानी 27 जुलाई को नेशनल इंस्टीट्यूशन फॉर ट्रांसफॉर्मिंग इंडिया (नीति आयोग) की नौवीं गवर्निंग काउंसिल की बैठक की अध्यक्षता करेंगे। इस बैठक में 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। गवर्निंग काउंसिल नीति आयोग की शीर्ष निकाय है। इसमे सभी राज्यों के मुख्यमंत्री, केंद्र शासित प्रदेशों के उपराज्यपाल और कई केंद्रीय मंत्री शामिल होते हैं। हालांकि, इस बैठक में कौन शामिल होगा कौन नहीं अभी इस पर संशय बना हुआ है।
दरअसल, शनिवार को होने वाली गवर्निंग काउंसिल की बैठक में भारतीय जनता पार्टी शासित राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल होंगे। हालांकि, एनडीए के सहयोगी बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अभी तक इस बात की जानकारी नहीं दी है कि वह इस बैठक में शामिल होंगे या नहीं। वहीं विपक्षी दलों के कई मुख्यमंत्रियों ने भाग नहीं लेने का फैसला किया है। आइए जानते हैं कि कौन बैठक में शामिल हो रहा और कौन नहीं।
यह लोग नीति आयोग की बैठक में हिस्सा लेंगे
- महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे
- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
- अरुणाचल मुख्यमंत्री पेमा खांडू
- अरुणाचल के उप मुख्यमंत्री चौना मेन
- त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा
- असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व शर्मा
- ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी
- छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साई
- गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल
- राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा
- मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड संगमा
इस बैठक की खास बात यह है कि इसमें पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी शामिल होंगी। हालांकि, वह इस दौरान केंद्रीय बजट 2024-25 में विपक्षी शासित राज्यों के प्रति केंद्र के सौतेले रवैय के खिलाफ आवाज उठाने की योजना बना रही हैं।
बनर्जी ने शुक्रवार को पत्रकारों से कहा था, 'बजट से पहले मैंने कहा था कि मैं बैठक में शामिल होऊंगी। मेरे लिखित भाषण की एक प्रति भी उनकी आवश्यकता के अनुसार नीति आयोग को भेजी गई थी। जब बजट पेश किया गया तो पाया गया कि विपक्षी दलों द्वारा शासित राज्यों की कैसे उपेक्षा की गई। सौतेला रवैया अपनाया गया। मैं इस बारे में बोलना चाहती हूं। अगर वे मुझे बोलने की अनुमति देते हैं, तो ठीक है। अगर वे नहीं करते हैं तो मैं विरोध करूंगी और चली जाऊंगी।'
बैठक में कौन शामिल नहीं होगा?
- तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन
- हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू
- कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया
- तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी
- पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान
- केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन
- पुडुचेरी के मुख्यमंत्री एन रंगासामी
अभी इनके नाम की पुष्टि नहीं
- झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन
- बिहार के मुख्यमंत्री नीतिश कुमार
किस मुद्दे पर होगी चर्चा?
नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की बैठक में 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। केंद्र और राज्य सरकार के बीच सहभागी शासन और साझेदारी बढ़ाने के साथ सरकारी हस्तक्षेप के जरिए ग्रामीण और शहरों में रहने वालों के लिए क्वालिटी ऑफ लाइफ में सुधार लाने के लिए डिलिवरी मैकेनिज्म में सुधार लाने पर चर्चा की जाएगी। बैठक में 2047 में भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में राज्यों की भूमिका पर भी चर्चा की जाएगी।
नीति आयोग ने कहा, भारत पांच ट्रिलियन डॉलर की जीडीपी के साथ दुनिया की तीसरी अर्थव्यवस्था बनने की राह पर है और 2047 तक 30 ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी के लक्ष्य को हासिल करेगा। 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए केंद्र और राज्यों के बीच सहयोगात्मक दृष्टिकोण की आवश्यकता होगी। नौवें नीति आयोग के गवर्निंग काउंसिल की बैठक में इस विजन पर चर्चा होगी।
क्या है नीति आयोग?
नेशनल इंस्टीट्यूशन फॉर ट्रांसफॉर्मिंग इंडिया को नीति (NITI) आयोग के नाम से जाना जाता है। यह भारत सरकार का एक नीति थिंक टैंक है, जो सरकार के कामों और नीतियों की जानकारी देता है। इसका उद्देश्य देश के विकास के लिए नीतियां बनाना और राज्यों को सलाह देना है। इस संस्थान की गवर्निंग काउंसिल मीटिंग हर साल होती है, जिसमें देश के प्रधानमंत्री, सभी राज्यों के मुख्यमंत्री, केंद्र शासित प्रदेशों के उपराज्यपाल और कई केंद्रीय मंत्री हिस्सा लेते हैं। केंद्र की मोदी सरकार ने 2015 में 65 साल पुराने योजना आयोग की जगह नीति आयोग का गठन किया था।
नीति आयोग सरकार के लॉन्ग टर्म पॉलिसी और कार्यक्रमों के लिए रणनीति तैयार करने में अहम रोल निभाता है। आयोग के अध्यक्ष प्रधानमंत्री होते हैं। अध्यक्ष के अलावा एक उपाध्यक्ष और एक कार्यकारी अधिकारी होता है। इनकी नियुक्ति प्रधानमंत्री करते हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने 8 फरवरी 2015 को नीति आयोग की पहली बैठक की अध्यक्षता की थी।