फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   PM Modi start Karmayogi Saptah today, public servants will learn mantra of connecting with national goals

Karmayogi Saptah: कर्मयोगी सप्ताह की शुरुआत करेंगे PM ,लोकसेवक सीखेंगे राष्ट्रीय लक्ष्यों संग जुड़ने का मंत्र

Sat, 19 Oct 2024 05:59 AM IST
शिव शुक्ला अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: शिव शुक्ला Updated Sat, 19 Oct 2024 05:59 AM IST
सार

प्रधानमंत्री कार्यालय की तरफ से दी गई जानकारी के मुताबिक, राष्ट्रीय शिक्षण सप्ताह लोक सेवकों के लिए व्यक्तिगत और संगठनात्मक क्षमता विकास की दिशा में नई गति प्रदान करने वाला, अपनी तरह का सबसे बड़ा आयोजन होगा।

विज्ञापन
PM Modi start Karmayogi Saptah today, public servants will learn mantra of connecting with national goals
पीएम मोदी - फोटो : PTI

विस्तार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को नई दिल्ली स्थित डॉ. अंबेडकर अंतरराष्ट्रीय केंद्र में कर्मयोगी सप्ताह यानी राष्ट्रीय शिक्षण सप्ताह का शुभारंभ करेंगे। इसका उद्देश्य सभी लोकसेवकों के बीच आजीवन शिक्षण का बढ़ावा देना और उन्हें खुद को राष्ट्रीय लक्ष्यों के साथ जुड़ना सिखाना है।
विज्ञापन


प्रधानमंत्री कार्यालय की तरफ से दी गई जानकारी के मुताबिक, राष्ट्रीय शिक्षण सप्ताह लोक सेवकों के लिए व्यक्तिगत और संगठनात्मक क्षमता विकास की दिशा में नई गति प्रदान करने वाला, अपनी तरह का सबसे बड़ा आयोजन होगा। यह पहल सीखने और विकास के लिए एक नई प्रतिबद्धता को प्रोत्साहित करेगी। राष्ट्रीय शिक्षण सप्ताह का उद्देश्य एक सरकार का संदेश देना भी है। पीएमओ के मुताबिक, यह कार्यक्रम व्यक्तिगत प्रतिभागियों और मंत्रालयों, विभागों और संगठनों के जुड़ाव के विभिन्न रूपों के माध्यम से सीखने के लिए समर्पित होगा।
विज्ञापन


इस दौरान प्रत्येक कर्मयोगी कम से कम 4 घंटे की योग्यता-आधारित शिक्षा के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए प्रतिबद्ध होगा। प्रतिभागी आईजीओटी मॉड्यूल और प्रख्यात व्यक्तियों की तरफ से आयोजित वेबिनार आदि के माध्यम से लक्षित घंटे पूरे कर सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


चार साल पहले हुई शुरुआत
मिशन कर्मयोगी की शुरुआत सितंबर 2020 में हुई थी और तब से इसमें उल्लेखनीय प्रगति हुई है। इसमें वैश्विक परिप्रेक्ष्य के साथ भारतीय लोकाचार में निहित भविष्य के अनुकूल सिविल सेवा की कल्पना की गई है। इस दौरान, मंत्रालय, विभाग और संगठन क्षेत्र-विशिष्ट दक्षताओं को बढ़ाने के लिए सेमिनार और कार्यशालाएं आयोजित करते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed