PM Modi Speech: विपक्ष के कड़वे सवालों को कोरोना महामारी और पं. नेहरू के वक्तव्यों में उलझा गए प्रधानमंत्री मोदी, जानें पूरा मामला
प्रधानमंत्री ने सोमवार को केंद्र सरकार द्वारा लाए गए तीन कृषि कानूनों को लेकर भी अपनी सरकार का बचाव किया। उन्होंने कहा कि दलगत राजनीति के फेर में कांग्रेस छोटे किसानों का दर्द नहीं समझना चाहती।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में विपक्ष के सांसदों को राष्ट्रपति के अभिभाषण प्रस्ताव पर चर्चा में भाग लेने के लिए धन्यवाद देते हुए इसका अनुमोदन किया। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने चिरपरिचित अंदाज में जवाब दिया और मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस पर तंज कसते हुए आड़े हाथों लिया। इसके लिए प्रधानमंत्री ने देश के पहले प्रधानमंत्री पं. नेहरू का कई बार नाम लिया। कोरोना की वैश्विक महामारी का ढाल की तरह इस्तेमाल किया। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी का बिना नाम लिए उनकी समझ पर सवाल उठाए और कांग्रेस तथा यूपीए सरकार की नीतियों को कोसा।
प्रधानमंत्री के जवाब में दो बड़े आकर्षण रहे। पहला आकर्षण कोरोना महामारी का जिक्र करके उन्होंने बड़ी चतुराई से केंद्र सरकार को चुभते सवालों से बचाया। मसलन मंहगाई और गरीबी जैसे सवाल। प्रधानमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय सीमा पर चीन और पाकिस्तान से मिल रही दोहरी चुनौती पर न तो कोई जवाब दिया और न ही कोई भरोसा। संघवाद और भारतीय राज्यों की विविधता पर अपना पक्ष रखा। इस दौरान बिना नाम लिए उन्होंने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की समझ पर सवालिया निशान भी लगा दिया।
प्रधानमंत्री के जवाब का दूसरा आकर्षण कांग्रेस पार्टी की रीतियों, नीतियों पर जमकर हमला रहा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी की रीतियां, नीतियां, कामकाज का तरीका और व्यवहार इस तरह का है कि 1962 में ही तमिलनाडु में सत्ता से बाहर हो गई। उ.प्र., गुजरात और बिहार की जनता ने 1985 में कांग्रेस को सत्ता में लाने के लिए वोट दिया था, लेकिन 1988 में त्रिपुरा, 1991 में नागालैंड, 1994 में गोवा, 1995 में उड़ीसा की जनता ने कांग्रेस को सत्ता से बाहर कर दिया और अब घुसने नहीं दे रही है। झारखंड जैसे राज्य में भी यही हाल है तो कांग्रेस पिछले दरवाजे से घुसने में लगी है। उन्होंने कहा कि यहां भी सवाल नीयत का है।
छोटे किसानों से कांग्रेस को इतनी नफरत क्यों?
प्रधानमंत्री ने सोमवार को केंद्र सरकार द्वारा लाए गए तीन कृषि कानूनों को लेकर भी अपनी सरकार का बचाव किया। उन्होंने कहा कि दलगत राजनीति के फेर में कांग्रेस छोटे किसानों का दर्द नहीं समझना चाहती। उन्होंने कहा कि गरीबी से मुक्ति पानी है तो पहले छोटे किसानों को मजबूत बनाना होगा। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस और उसके नेताओं पर महाराष्ट्र से उ.प्र., बिहार के गरीबों, दलितों, कामगारों को कोरोना की पहली लहर के समय उनके राज्यों में भेजने और लॉकडाउन के नियम तोड़ने का आरोप लगाया। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि यहां दलगत भावना से राजनीति करके उ.प्र. और बिहार में कोरोना फैलाने की कोशिश की गई।
हम तो देश बदल रहे हैं, सुधार कर रहे हैं
प्रधानमंत्री ने सदन को बताया कि उनकी सरकार देश में लगातार सुधार कर रही है। देश और देश की व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव कर रही है। उनकी सरकार ने योग को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ख्याति दिलाई और स्थापित किया। महात्मा गांधी की आकांक्षाओं के अनुरुप मेक इन इंडिया मिशन के तहत भारत को आत्म निर्भर बना रही है। भारत रक्षा क्षेत्र में निर्यात कर रहा है और विदेशी आयात को घटा रहा है। उनकी सरकार वैश्विक महामारी के दौर में 80 करोड़ गरीबों को मुफ्त अनाज बांटकर भूखों मरने से बचाया। देश में सभी को टीके लगाए जा रहे हैं और सभी जरूरी सुधार किए जा रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि यूपीए-टू के समय में देश में मंहगाई दर दहाई के आंकड़े में थी। लेकिन उनकी सरकार में 2014-2021 तक 5 प्रतिशत और कोरोना कांल में 5.2 प्रतिशत तक रही। इनमें भी खाद्य सामग्री की मंहगाई दर तीन प्रतिशत के नीचे रही। बेरोजगारी के मुद्दे पर भी प्रधानमंत्री ने विस्तार में न जाकर बचने की कोशिश की। उन्होंने बताया कि 6 लाख गांवों में ऑप्टिकल फाइबर बिछाया जा चुका है। प्रइवेट क्षेत्र को देश के विकास में साझीदार बना रहे हैं। इंफ्रा क्षेत्र में देश प्रगति कर रहा है और स्टार्ट अप की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। इन क्षेत्रों में लोगों को तेजी से बड़े रोजगार के अवसर मिले हैं।
प्रधानमंत्री के जवाब में पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव की मिली झलक
मोदी ने व्यंग्य करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी तो तय कर चुकी है कि अगले 100 साल तक उसे सत्ता में नहीं आना है। उन्होंने कहा कि जब आपने तय कर लिया है तो हम भी तैयार हैं। यह प्रधानमंत्री की सबसे तीखी टिप्पणी थी। इसके साथ उन्होंने कांग्रेस को जमकर कोसा। उन्होंने कांग्रेस को टुकड़े-टुकड़े गैंग का लीडर बताया। उन्होंने कहा कि यह बड़ा सवाल है कि आखिर देश की जनता कांग्रेस को पसंद क्यों नहीं कर रही है। क्यों लोकसभा की 44 सीटों पर समेट दिया।
उन्होंने कांग्रेस पार्टी पर जिस तरह से कोरोना संक्रमण फैलाने का आरोप लगाया, उ.प्र. बिहार का नाम लेकर जिस तरह से घेरा, उसे पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है। प्रधानमंत्री ने कांग्रेस पर अंग्रेजों से विरासत में मिली तोड़ो (बांटो) और राज करो की नीति पर चलने का तंज कसा। कहा कि यह पार्टी आज टुकड़े-टुकड़े गैंग का लीडर बन गई है।