Cabinet Meeting: केंद्र ने दी तीन रेल परियोजनाओं को मंजूरी, पीएम बोले- ओडिशा, झारखंड, बंगाल को होगा फायदा
रेलवे ने बताया कि परियोजनाओं के तहत 14 नए रेलवे स्टेशन बनाए जाएंगे। इससे नुआपाड़ा और पूर्वी सिंहभूमि जिले आपस में जुड़ सकेंगे। नई रेल लाइनें 1300 गांवों और लगभग 19 लाख आबादी को सुविधा प्रदान करेगी।
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केंद्र सरकार की कैबिनेट बैठक में बुधवार को 6,456 करोड़ रुपये की तीन रेल परियोजनाओं को मंजूरी दी गई। इसे लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि नई रेल परियोजनाओं से ओडिशा, झारखंड, पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ के लोगों को फायदा होगा।
The three new railways related projects approved by the Cabinet today will greatly benefit Odisha, Jharkhand, West Bengal and Chhattisgarh. The benefits include seamless transportation of goods and easier travel for passengers.https://t.co/8Z80deEUXu
— Narendra Modi (@narendramodi) August 28, 2024
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पोस्ट किया कि तीन नई परियोजनाओं से चार राज्यों को काफी फायदा होगा। इससे माल का निर्बाध परिवहन हो सकेगा। साथ ही यात्रियों के लिए सफर आसान होगा। वहीं रेल मंत्रालय ने बताया कि नई रेल लाइनों से सीधी कनेक्टिविटी कर सुविधा मिलेगी। साथ ही ट्रेनों की रफ्तार में इजाफा होगा। इसके अलावा मल्टी-ट्रैकिंग प्रस्ताव से ट्रेनों का सुरक्षित परिचालन आसान होगा और भीड़भाड़ कम होगी। इससे रेलवे के सबसे व्यस्त रेलखंडों का बोझ भी कम होगा।
मंत्रालय ने कहा कि नई परियोजनाएं व्यापक विकास के साथ क्षेत्र के लोगों को आत्मनिर्भर बनाएंगीं। तीनों परियोजनाएं पीएम-गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के तहत लोगों, वस्तुओं और सेवाओं के लिए निर्बाध सुविधा प्रदान करेंगी। साथ ही चार राज्य ओडिशा, झारखंड, पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ के सात जिलों को कवर करते हुए भारतीय रेलवे के नेटवर्क में 300 किमी का इजाफा करेंगीं।
रेलवे ने बताया कि परियोजनाओं के तहत 14 नए रेलवे स्टेशन बनाए जाएंगे। इससे नुआपाड़ा और पूर्वी सिंहभूमि जिले आपस में जुड़ सकेंगे। नई रेल लाइनें 1300 गांवों और लगभग 19 लाख आबादी को सुविधा प्रदान करेगी। इनसे कृषि उत्पाद, उर्वरक, कोयला, लौह अयस्क, स्टील, सीमेंट और चूना पत्थर का सुरक्षित परिवहन हो सकेगा।
नई रेल परियोजनाएं पर्यावरण के अनुकूल होंगीं। इनसें तेल आयात (10 करोड़ लीटर) कम होगा। जबकि कार्बन उत्सर्जन में (240 करोड़ किलोग्राम) कमी आएगी। जो कि 9.7 करोड़ पेड़ लगाने के बराबर है।
अगले पांच वर्षों में पूरी होंगी सभी स्वीकृत रेलवे परियोजना'
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि रेलवे ने पिछले एक साल के दौरान मौजूदा नेटवर्क में 5,300 किलोमीटर रेलवे लाइन जोड़ी है। दस साल पहले, रेलवे में निर्माण की औसत गति चार किलोमीटर प्रतिदिन थी। आज, यह 14.5 किलोमीटर प्रतिदिन है। उन्होंने कहा, सभी स्वीकृत रेलवे परियोजनाएं अगले पांच वर्षों में पूरी हो जाएंगी।
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