मोदी बोले, 'हैप्पी बर्थडे टू यू डियर जिनपिंग', वायरल मैसेज कुछ कहता है
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भारत के साथ चीन के रिश्ते कैसे भी हों, ड्रैगन लगातार भारत के खिलाफ आग भले ही उगलता रहे और शी जिनपिंग भारत के खिलाफ मजबूती पकड़ने के लिए अर्थ और सैन्य सहायता देकर पाकिस्तान को दोनों हाथों से गोद में भले ही उठाते रहें, हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ऐसे हैं कि अच्छे मौकों पर सब कुछ भुलाकर दुश्मन को भी गले लगा लेते हैं। जहर उगलने वाला पाकिस्तान हो या आग उगलना वाला चीन, मोदी की नरमदिली की मिसालें उनके दो साल के प्रयासों में कई हैं।
इस बात का जिक्र हम इसलिए कर रहे हैं, क्योंकि चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग 15 जून के उम्र के 63वें पड़ाव पर पहुंचे तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें सोशल प्लेटफॉर्म पर जन्मदिन की बधाई दे दी। मोदी ने उनकी लंबी उम्र और स्वास्थ्य की कामना की। जबकि सब जानते हैं कि मौजूदा वक्त में एनएसजी के मुद्दे पर चीन सख्ती से भारत के विरोध में खड़ा है। हालांकि बीते दिनों चीन ने ये जरूर कहा था कि वो आमराय बनाने वाली गोष्ठी में शामिल होने के लिए तैयार है।
जिनपिंग को मोदी का बधाई संदेश चीनी सोशल मीडिया में इस कदर वायरल हो रहा है कि लाइक और कमेंट करने वालों की तादात कई हजारों में पहुंच गई है। चीन में ट्विटर बैन है, लेकिन इसी के समकक्ष चीनी सोशल प्लेटफॉर्म 'सिना वीबो' पर प्रधानमंत्री मोदी ने जिनपिंग को बधाई संदेश लिखा था। पोस्ट के 12 घंटों के भीतर ही करीब 14 हजार लोगों ने इसे लाइक किया और 7 हजार 200 के करीब रीट्वीट आए।
मोदी के बधाई संदेश से गदगद चीन?
इंडिया टुडे की खबर के मुताबिक दिलचस्प बात ये भी है कि पीएम मोदी के वायरल होते बधाई संदेश पर चीन ने सेंसर लगा दिया, ताकि सकारात्मक कमेंट ही नजर आएं। हजारों कमेंट में से 135 कमेंट भारत-चीन के सकारात्मक संबंधों को लेकर थे।
चीन के इस सोशल प्लेटफॉर्म पर अक्सर भारत के अरुणाचल प्रदेश को चीन को सौंपने लेकर पोस्ट नजर आती हैं। चीन इस भू-भाग को दक्षिणी तिब्बत कहकर अपनी दावेदारी पेश करता है। इसके अलावा भारतीय फिल्में और योगा जैसे टॉपिक भी चीनी सोशल मीडिया का हिस्सा हुआ करते हैं।
अच्छी बात ये है कि इसबार भारत और चीन, दोनों देशों के अधिकारी 'वीबो' पर पोस्ट किए गए पीएम के बधाई संदेश को आवाम तक सकारात्मक रूप में पहुंचाने की भरसक कोशिश कर रहे हैं।
क्या इसे महज मोदी का बधाई संदेश ही समझा जाए?
इससे पहले साल 2015 में पीएम मोदी के बीजिंग दौरे के दौरान उनके समकक्ष ली केकियांग की साथ ली गई सेल्फी को चीनी अधिकारी बढ़ावा देते रहते हैं। चीनी सोशल मीडिया पर इस सेल्फी को लाखों लाइक्स मिले हैं।
चीनी नेता कम ही मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर नजर आते हैं। इस बात को लेकर पीएम मोदी ने हैरानी भी जाहिर की थी। बीते साल जब मोदी ने शी जिनपिंग को 15 जून पर उनको बर्थडे की बधाई दी थी तो सोशल मीडिया में काफी यूजर ऐसे थे जिन्हें पीएम की पोस्ट से जिनपिंग के जन्मदिन का पता चला था। मोदी ये जानकर आश्चर्यचकित थे।
बहरहाल, जो भी हो, जिनपिंग को पीएम के बधाई संदेश और उस पर आ रही प्रतिक्रियाओं से ये सवाल उठना लाजमी है कि क्या चीन और भारत आपसी संबंधों के लिए नई बिसात तैयार करने के इच्छुक हो रहे हैं? अगर ऐसा है, तो पीएम का बधाई संदेश बहुत काम का है।