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G20: पीएम मोदी ने किया ITPO कन्वेंशन सेंटर का उद्घाटन, प्रदर्शनी-सम्मेलन के लिए देश को मिला सबसे बड़ा केंद्र
Wed, 26 Jul 2023 10:48 AM IST
गुलाम अहमद
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: गुलाम अहमद
Updated Wed, 26 Jul 2023 10:48 AM IST
सार
पीएमओ की ओर से जारी बयान में बताया गया है कि इस परियोजना को लगभग 2,700 करोड़ रुपये की लागत से एक राष्ट्रीय परियोजना के रूप में विकसित किया गया है।
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पीएम मोदी ने आईसीसी कॉम्प्लेक्स में लोकार्पण पूजा में लिया हिस्सा।
- फोटो : Video Screengrab
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विस्तार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 26 जुलाई को दिल्ली के प्रगति मैदान में अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी-सह-सम्मेलन केंद्र (आईईसीसी) परिसर राष्ट्र को समर्पित किया। इससे पहले, दिन में उन्होंने नए परिसर में हवन और पूजा-पाठ में हिस्सा लिया। उन्होंने इस शानदार परिसर के निर्माण से जुड़े श्रमिकों के साथ बातचीत भी की थी। बाद में उन्होंने श्रमिकों को सम्मानित भी किया।
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राष्ट्रीय राजधानी के दिल में बसे प्रगति मैदान में नवनिर्मित अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी-सह-सम्मेलन केंद्र (आईईसीसी) के रूप में देश को एक ऐसा स्थान मिला है, जहां विभन्न तरह की बैठको, प्रोत्साहन मेलों, सम्मेलनों और प्रदर्शनियों का आयोजन हो सकेगा। भारत व्यापार संवर्धन संगठन (आईटीपीओ) का यह परिसर विभिन्न तरह के आयोजनों के लिए उपलब्ध कवर किए गए स्थान के लिहाज से दुनिया के शीर्ष प्रदर्शनी और सम्मेलन परिसरों में शामिल है। इसमें अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं।
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नए परिसर के पुनर्निर्माण पर करीब 2,700 करोड़ रुपये की लागत आई है और यह 123 एकड़ में फैला हुआ है। बताया गया है कि यह केंद्र सिडनी के ओपेरा हाउस से डेढ़ गुना बड़ा है। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) का दावा है कि यह दुनिया के अग्रणी प्रदर्शनी और सम्मेलन परिसरों में से एक होगा। इस परिसर में सितंबर में जी-20 नेताओं की बैठक प्रस्तावित है।
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दुनिया में अग्रणी परिसरों में एक होगा
प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) की ओर से जारी बयान में बताया गया है कि सम्मेलन कक्ष को एक राष्ट्रीय परियोजना के रूप में विकसित किया गया है। यह दुनिया के अग्रणी प्रदर्शनी और सम्मेलन परिसरों में से एक होगा। आईईसीसी परिसर को भारत के सबसे बड़े एमआईसीई (बैठकें, प्रोत्साहन, सम्मेलन और प्रदर्शनी) गंतव्य के रूप में विकसित किया गया है। सरकार ने जनवरी, 2017 में प्रगति मैदान के पुनर्विकास के लिए भारत व्यापार संवर्धन संगठन (आईटीपीओ) के प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए राष्ट्रीय राजधानी में विश्वस्तरीय आईईसीसी स्थापित करने पर सहमति जताई थी।
वास्तुशिल्प में भारतीय परंपराओं की झलक
सम्मेलन केंद्र भवन का वास्तुशिल्प डिजाइन भारतीय परंपराओं से प्रेरित है। इमारत का आकार शंख के जैसा है। 'जीरो टू इसरो' यह अंतरिक्ष में भारत की उपलब्धि को दर्शाता है। वहीं, पंचमहाभूत आकाश, वायु, अग्नि, जल व पृथ्वी तत्व के सार्वभौमिक आधार को भी रेखांकित किया गया है। बहुउद्देश्यीय हॉल और प्लेनरी हॉल में 7,000 लोगों की संयुक्त क्षमता है, एम्फीथिएटर में 3,000 लोग बैठ सकेंगे। वहीं, ऑस्ट्रेलिया के प्रसिद्ध सिडनी ओपेरा हाउस की बैठक क्षमता 55,00 है।
दुनिया के शीर्ष 10 में से एक भारत मंडपम
आधुनिक आईईसीसी कॉम्प्लेक्स दुनिया के टॉप 10 प्रदर्शनी और सम्मेलन परिसरों में से एक है। यह जर्मनी में हनोवर प्रदर्शनी केंद्र, शंघाई में राष्ट्रीय प्रदर्शनी और कन्वेंशन सेंटर जैसे बड़े नामों को टक्कर देता है। इसमें मेगा कन्वेंशन सेंटर भी है, जिसनें चार फ्लोर, 24 मीटिंग रूम, दो ऑडिटोरियम समेत दो हाॅल हैं। प्रगति मैदान में ट्रेड फेयर के दौरान कमजोर इंटरनेट सेवा की शिकायत वर्षों से है। कन्वेंशन सेंटर में इस पर विशेष रूप से सुधार किया है। सेंटर का कैम्पस 5जी वाईफाई सुविधा से लैस है।
कारीगरों ने बारीकी से बनाए हैं दीवारों के पर्दे
कन्वेंशन सेंटर के फर्श पर बिछे कालीन और दीवारों के पर्दे हथकरघा कारीगरों ने बड़ी बारीकी से बनाए हैं। कॉम्प्लेक्स में कुल सात प्रदर्शनी हॉल हैं, प्रदर्शनी हॉल विभिन्न प्रकार के उद्योगों को समायोजित करने और दुनिया भर के उत्पादों और सेवाओं को प्रदर्शित करने के लिए डिजाइन किए गए हैं। बारिश का पानी निकालने के लिए खास रेन वॉटर सिस्टम लगाए गए हैं।