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Modi 3.0: दुनिया ने माना पीएम नरेंद्र मोदी का तीसरा कार्यकाल दुर्लभ, सरकार के लिए गठबंधन बड़ी चुनौती
Mon, 10 Jun 2024 06:14 AM IST
दीपक कुमार शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: दीपक कुमार शर्मा
Updated Mon, 10 Jun 2024 06:14 AM IST
सार
विदेशी मीडिया ने माना, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दुर्लभ तीसरा कार्यकाल मिला है। इन पांच सालों में वे भारत और इसकी तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था को जलवायु परिवर्तन और विकास जैसे वैश्विक मुद्दों पर और तेजी से काम कर सकते हैं, ताकि भारत को वैश्विक महाशक्ति बनाने की महत्वाकांक्षा के और करीब ले जा सकें।
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प्रधानमंत्री पद की गोपनीयता की शपथ लेते नरेंद्र मोदी।
- फोटो : एएनआई
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विस्तार
प्रधानमंत्री पद की शपथ लेते ही भले ही नरेंद्र मोदी दुनिया के उन चंद नेताओं की कतार में शामिल हो गए हैं, जिन्होंने मुक्त और निष्पक्ष लोकतांत्रिक माहौल में हुए चुनावों में तीन या इससे ज्यादा बार सत्ता हासिल की है। लेकिन विदेशी मीडिया को गठबंधन के सहारे सत्ता में आए नरेंद्र मोदी की शपथ के सुर नरम नजर आए।
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सीएनएन ने लिखा, भारत के मोदी और उनकी हिंदू-राष्ट्रवादी पार्टी को सत्ता में अगले पांच साल और मिलेंगे इसके साथ ही एक विश्लेषण में दुनिया के लिए इसका मायने समझाते हुए लिखा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दुर्लभ तीसरा कार्यकाल मिला है। इन पांच सालों में वे भारत और इसकी तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था को जलवायु परिवर्तन और विकास जैसे वैश्विक मुद्दों पर और तेजी से काम कर सकते हैं, ताकि भारत को वैश्विक महाशक्ति बनाने की महत्वाकांक्षा के और करीब ले जा सकें। अल जजीरा ने लिखा, नरेंद्र मोदी ने इतिहास रचा है।
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न्यूयॉर्क टाइम्स ने पीएम मोदी की शपथ पर लिखा, मोदी ने विनम्र लहजे में तीसरे कार्यकाल के लिए शपथ ली। इसके साथ ही आगे लिखा कि गठबंधन सरकार में शामिल होने के लिए मजबूर प्रधानमंत्री को पिछले दो कार्यकाल की तुलना में अलग ढंग से शासन करने की चुनौती का सामना करना पड़ेगा। बीबीसी ने लिखा, शपथ ग्रहण समारोह में हजारों मेहमानों में पड़ोसी देशों भूटान, बांग्लादेश, नेपाल, श्रीलंका, मॉरीशस और मालदीव के राष्ट्राध्यक्ष शामिल हुए। हालांकि, चीन और पाकिस्तान से कोई नहीं आया।
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चीनी मीडिया विश्लेषण करने से बचा
चीनी सरकार के समाचार चैनल सीजीटीएन की वेबसाइट ने भी शपथ ग्रहण की खबर को प्रमुखता से दिखाते हुए लिखा, नरेंद्र मोदी तीसरी बार भारत के प्रधानमंत्री बने। चीनी मीडिया ने दिलचस्प रूप से इस खबर में किसी तरह का खास विश्लेषण या दृष्टिकोण दिखाने की कोशिश नहीं की। जापानी समाचार पत्र निक्केई एशिया ने भी सपाट शब्दों में लिखा, दुनिया की सबसे ज्यादा आबादी वाले देश के लिए नीतिगत निश्चितता बनाए रखना मोदी के सामने आने वाली सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक होगी। श्रीलंका के डेली मिरर ने लिखा, कि नरेंद्र मोदी भारत के राजनीतिक इतिहास में जवाहर लाल नेहरू के बाद दूसरे नेता हैं, जो तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ले रहे हैं।
...तो गठबंधन साथियों से हो सकता है टकराव
पाकिस्तानी वेबसाइट डॉन ने लिखा, नरेंद्र मोदी तीसरी बार भारत के प्रधानमंत्री बने, गठबंधन के मंत्रियों के साथ शपथ ली। इसके साथ ही मंत्रालयों के बंटवारें को लेकर भारतीय मीडिया की खबरों को अहमियत देते हुए बताया कि भाजपा चार सबसे अहम रक्षा, वित्त, गृह और विदेश मंत्रालय अपने पास ही रखना चाहती है। इस मुद्दे पर गठबंधन साथियों से टकराव हो सकता है।