पीएम मोदी के इस कदम से बढ़ी बैंकों की चुनौती
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पांच सौ और हजार रुपये के बड़े नोटों को बंद करने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फैसले ने बैंकों के सामने चुनौती बढ़ा दी है। बैंकों के समक्ष सबसे बड़ी चुनौती बाजार में छोटे नोटों का परिचालन सामान्य बनाए रखने की है। तो रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की प्रिंटिंग प्रेस के सामने भी छोटे नोटों को छापने की चुनौती बनी रहेगी।
हालांकि रिजर्व बैंक ने 2000 और 500 के नए नोट को अपने क्षेत्रीय केंद्रों पर पहुंचाना शुरू कर दिया है। सूत्र बताते हैं कि पीएम के फैसले को सफल बनाने के लिए देर रात आरबीआई ने अपने क्षेत्रीय केंद्रों पर नए नोट पहुंचाने का काम शुरू कर दिया है।
लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में ज्यादा समस्या हो सकती है। ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकों की पहुंच अब भी कम है। देश की 60 प्रतिशत आबादी अब भी कैश के जरिए अपना काम चलाती है। इसमें ग्रामीण इलाकों में रहने वालों की संख्या ज्यादा है। लेकिन तमाम आर्थिक विशेषज्ञों ने सरकार के कदम की सराहना की है। उनका कहना है कि इससे भ्रष्टाचार और काले धन पर नकेल
कसने में मदद मिलेगी।
पीएम मोदी की अपील
मगर शादी-ब्याह का सीजन होने के कारण जनता को समस्या होने का अंदेशा भी सता रहा है। इसीलिए पीएम मोदी ने आम जन से कड़वा घूंट पीने का आह्वान किया है। पीएम ने हर व्यक्ति से राष्ट्र निर्माण में योगदान देने की बात कही है।
उन्होंने कहा है कि हर नागरिक भ्रष्टाचार और काले धन के खिलाफ शुरू हुए इस यज्ञ में आहुति दे। उन्होंने देश के सभी सियासी दलों, सामाजिक संस्थाओं और जनता से आह्वान किया है कि वे कष्ट झेलकर उनके प्रयास को सफल बनाएं।
इससे देश का भला होगा। पीएम के इस कदम पर राजनीतिक दलों ने भी सधी टिप्पणी की है। वहीं, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने कहा है कि भ्रष्टाचार और काले धन के खिलाफ लड़ाई निर्णायक मोड़ पर है।