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नीति आयोग के सदस्यों के साथ पीएम मोदी की बैठक: विकसित भारत 2047 पर मंथन; नई टीम से क्या-क्या जाना?
Thu, 05 Nov 2026 06:12 PM IST
राकेश कुमार
पीटीआई, नई दिल्ली।
पीटीआई, नई दिल्ली।
Published by: राकेश कुमार
Updated Thu, 05 Nov 2026 06:12 PM IST
सार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच नीति आयोग की नई लीडरशिप के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की, जिसमें आयोग के सदस्यों ने 'विकसित भारत 2047' के विजन पर आधारित अपनी चल रही नीतियों का विस्तृत प्रेजेंटेशन दिया। इस बैठक में उपाध्यक्ष अशोक लाहिरी और सीईओ अनुराग जैन समेत कई दिग्गज सदस्य शामिल हुए, जिनका मुख्य उद्देश्य देश की आर्थिक नीतियों को मजबूती देना और विकास की रफ्तार को और तेज करना है।
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पीएम मोदी ने की नीति आयोग के सदस्यों के साथ बैठक
- फोटो : @अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को नई दिल्ली में नीति आयोग की नई टीम के साथ एक बहुत ही महत्वपूर्ण बैठक की है। यह मुलाकात ऐसे समय पर हुई है जब दुनिया भर की अर्थव्यवस्थाओं में अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है और ग्लोबल लेवल पर कई तरह की चुनौतियां सामने आ रही हैं। सरकार के इस शीर्ष थिंक टैंक के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि प्रधानमंत्री का मुख्य मकसद यह जानना था कि आयोग के नए सदस्य इस समय किन-किन अहम मुद्दों और नीतियों पर जमीनी स्तर पर काम कर रहे हैं।
क्या खास प्लान पेश किया गया?
इस हाई-लेवल बैठक के दौरान नीति आयोग के सदस्यों ने प्रधानमंत्री के सामने एक डिटेल्ड प्रेजेंटेशन रखी। इसमें उन सभी खास नीतियों और सेक्टरों का जिक्र किया गया जिन पर आयोग इन दिनों तेजी से काम कर रहा है। अधिकारियों ने साफ किया कि यह पूरा एजेंडा सरकार के साल 2047 तक देश को एक विकसित राष्ट्र यानी 'विकसित भारत' बनाने के विजन के बिल्कुल मुताबिक तैयार किया गया है, जिससे देश की अर्थव्यवस्था को आने वाले दशकों में और ज्यादा मजबूत बनाया जा सके।
बैठक में किन बड़े चेहरों ने की शिरकत?
इस अहम बैठक में नीति आयोग की पूरी नई लीडरशिप ने खुलकर हिस्सा लिया और अपने-अपने विभागों का अपडेट साझा किया। इस बैठक में मुख्य रूप से निम्नलिखित वरिष्ठ अधिकारी और सदस्य मौजूद रहे। नीति आयोग के उपाध्यक्ष अशोक लाहिरी और सीईओ अनुराग जैन इस बैठक में प्रमुख रूप से शामिल हुए। आयोग के पूर्णकालिक सदस्यों में राजीव गाउबा, आर. बालासुब्रमण्यम और जोरम अनिया ने अपनी बात रखी। इसके अलावा के.वी. राजू, एम. श्रीनिवास, गोबर्धन दास और अभय करंदिकर सहित कई अन्य वरिष्ठ सरकारी अधिकारी भी इस चर्चा का हिस्सा बने।
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आज के वक्त में जब पूरी दुनिया आर्थिक उथल-पुथल और अनिश्चितताओं के दौर से गुजर रही है, तब भारत की आर्थिक नीतियों को बेहद सावधानी के साथ आगे बढ़ाने की जरूरत है। बैठक के दौरान इस बात पर विशेष रूप से मंथन किया गया कि कैसे देश के अंदरूनी विकास को गति दी जाए, रोजगार के नए अवसर पैदा किए जाएं और घरेलू उद्योगों को मजबूत किया जाए। सरकार की मंशा साफ है कि बिना किसी भटकाव के देश की नीतियों को सीधे तौर पर जमीनी फायदों से जोड़ा जाए।
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क्या खास प्लान पेश किया गया?
इस हाई-लेवल बैठक के दौरान नीति आयोग के सदस्यों ने प्रधानमंत्री के सामने एक डिटेल्ड प्रेजेंटेशन रखी। इसमें उन सभी खास नीतियों और सेक्टरों का जिक्र किया गया जिन पर आयोग इन दिनों तेजी से काम कर रहा है। अधिकारियों ने साफ किया कि यह पूरा एजेंडा सरकार के साल 2047 तक देश को एक विकसित राष्ट्र यानी 'विकसित भारत' बनाने के विजन के बिल्कुल मुताबिक तैयार किया गया है, जिससे देश की अर्थव्यवस्था को आने वाले दशकों में और ज्यादा मजबूत बनाया जा सके।
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बैठक में किन बड़े चेहरों ने की शिरकत?
इस अहम बैठक में नीति आयोग की पूरी नई लीडरशिप ने खुलकर हिस्सा लिया और अपने-अपने विभागों का अपडेट साझा किया। इस बैठक में मुख्य रूप से निम्नलिखित वरिष्ठ अधिकारी और सदस्य मौजूद रहे। नीति आयोग के उपाध्यक्ष अशोक लाहिरी और सीईओ अनुराग जैन इस बैठक में प्रमुख रूप से शामिल हुए। आयोग के पूर्णकालिक सदस्यों में राजीव गाउबा, आर. बालासुब्रमण्यम और जोरम अनिया ने अपनी बात रखी। इसके अलावा के.वी. राजू, एम. श्रीनिवास, गोबर्धन दास और अभय करंदिकर सहित कई अन्य वरिष्ठ सरकारी अधिकारी भी इस चर्चा का हिस्सा बने।
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आज के वक्त में जब पूरी दुनिया आर्थिक उथल-पुथल और अनिश्चितताओं के दौर से गुजर रही है, तब भारत की आर्थिक नीतियों को बेहद सावधानी के साथ आगे बढ़ाने की जरूरत है। बैठक के दौरान इस बात पर विशेष रूप से मंथन किया गया कि कैसे देश के अंदरूनी विकास को गति दी जाए, रोजगार के नए अवसर पैदा किए जाएं और घरेलू उद्योगों को मजबूत किया जाए। सरकार की मंशा साफ है कि बिना किसी भटकाव के देश की नीतियों को सीधे तौर पर जमीनी फायदों से जोड़ा जाए।