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Mann Ki Baat: PM मोदी के मन की 10 बड़ी बातें, जानें अपने खास कार्यक्रम के 100वें एपिसोड में क्या बोले?

Sun, 30 Apr 2023 02:02 PM IST
हिमांशु मिश्रा स्पेशल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पेशल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: हिमांशु मिश्रा Updated Sun, 30 Apr 2023 02:02 PM IST
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सार
प्रधानमंत्री ने इस दौरान अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा से लेकर कश्मीर के मंजूर और हरियाणा के सुनील जगलान तक का जिक्र किया। पर्यावरण से लेकर बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ और अमृतकाल तक की बात कही। 
 
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PM Modi Mann Ki Baat Today Updates Prime Minister Narendra Modi’s Monthly Radio Programme 100th Episode
पीएम मोदी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज अपने कार्यक्रम 'मन की बात' के 100वें एपिसोड में खास अंदाज में लोगों से रूबरू हुए। भारत से लेकर लंदन और अमेरिका तक में इस खास एपिसोड का प्रसारण हुआ। करोड़ों लोग पीएम मोदी के मन की बात कार्यक्रम का हिस्सा बने। 


प्रधानमंत्री ने इस दौरान अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा से लेकर कश्मीर के मंजूर और हरियाणा के सुनील जगलान तक का जिक्र किया। पर्यावरण से लेकर बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ और अमृतकाल तक की बात कही। बोले, 'इस कार्यक्रम के जरिए कई जनआंदोलन शुरू हुए। लोगों ने इसे खूब पसंद किया।' प्रधानमंत्री ने 'मन की बात' के सफर के बारे में भी बताया। 


आइए जानते हैं पीएम मोदी ने अपने खास कार्यक्रम 'मन की बात' के 100वें एपिसोड में क्या-क्या कहा?

 

पीएम मोदी
पीएम मोदी - फोटो : सोशल मीडिया
1. मन की बात एक अनोखा पर्व बन गया  
'तीन अक्टूबर 2014 को विजया दशमी का वो पर्व था और हम सबने मिलकर विजया दशमी के दिन 'मन की बात' की यात्रा शुरू की थी। विजया दशमी यानी, बुराई पर अच्छाई की जीत का पर्व, ‘मन की बात’ भी देशवासियों की अच्छाइयों का सकारात्मकता का एक अनोखा पर्व बन गया है। एक ऐसा पर्व, जो हर महीने आता है, जिसका इंतजार हम सभी को होता है। हम इसमें पॉजिटिविटी को सेलीब्रेट करते हैं। हम इसमें लोगों की भागीदारी को भी सेलीब्रेट करते हैं। कई बार यकीन नहीं होता कि 'मन की बात' को इतने महीने और इतने साल गुजर गए। हर एपिसोड अपने-आप में खास रहा।'

'आज मन की बात का 100वां एपिसोड है। मुझे आप सबकी हजारों चिट्ठियां और संदेश मिले। कोशिश की है कि ज्यादा से ज्यादा चीजों को पढ़ पाऊं देख पाऊं। संदेशों को समझने की कोशिश करूं। कई बार पत्र पढ़ते वक्त भावुक हो गया, भावनाओं में बह गया और संभाला। 100वें एपिसोड पर सच्चे दिल से कहता हूं कि बधाई आपने दी, पात्र आप सभी श्रोता हैं।'

 

PM Modi
PM Modi - फोटो : Amar Ujala
2. ओबामा के साथ मन की बात की तो दुनिया में इसकी चर्चा होने लगी 
'जब मैंने तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के साथ मन की बात की तो इसकी चर्चा दुनिया में हुई। मन की बात मेरे लिए दूसरों के गुणों की पूजा का मौका है। मेरे मार्गदर्शक थे लक्ष्मण राव, वो कहते थे कि हमें दूसरों के गुणों की पूजा करनी चाहिए। उनकी इस बात ने मुझे प्रेरणा देती है। यह कार्यक्रम दूसरों से सीखने की प्रेरणा बन गया है। इसने मुझे आपसे कभी दूर नहीं होने दिया।'

 

PM Modi Mann Ki Baat
PM Modi Mann Ki Baat - फोटो : Amar Ujala Graphics
3. देशवासी से कटकर नहीं रह सकता
'जब मैं गुजरात का सीएम था, तब सामान्य तौर पर लोगों से मिलना-जुलना हो जाता था। 2014 में दिल्ली आने के बाद मैंने पाया कि यहां का जीवन और काम का स्वरूप अलग है। सुरक्षा का तामझाम, समय की सीमा सबकुछ अलग है। शुरुआती दिनों में खाली-खाली सा महसूस करता था। 50 साल पहले घर इसलिए नहीं छोड़ा था कि अपने ही देशवासियों से संपर्क नहीं हो पाएगा। देशवासी सबकुछ हैं और उनसे कटकर नहीं रह सकता था। मन की बात ने मुझे मौका दिया। पदभार और प्रोटोकॉल व्यवस्था तक सीमित रहा। जनभाव मेरा अटूट अंग बन गया।'



 

PM Modi
PM Modi - फोटो : ANI
4. मन की बात से खड़े हुए जन आंदोलन
'मन की बात के जरिए कितने ही आंदोलन खड़े हुए। 'मन की बात' जिस विषय से जुड़ा, वो जन आंदोलन बन गया। खिलौनों की इंडस्ट्री को फिर से स्थापित करने का मिशन मन की बात से ही शुरू हुआ था। हमारे भारतीय श्वान (देशी कुत्ते) के बारे में जागरूकता बढ़ाने की शुरुआत भी मन की बात से ही शुरू हुई थी। इसके साथ ही गरीब और छोटे दुकानदारों से झगड़ा न करने की मुहिम भी शुरू की गई थी। ऐसे हर प्रयास समाज में बदलाव का कारण बने हैं।' 

 

पीएम मोदी
पीएम मोदी - फोटो : ANI
5. पर्यावरण को लेकर मन की बात का प्रयास भी जारी
'मैं हमेशा ही कहता हूं कि हमें विदेश में टूर जाने से पहले अपने देश के टूरिज्म प्लेसों पर जाना चाहिए। ऐसे ही हमने स्वच्छ सियाचिन, सिंगल यूज प्लास्टिक और ई-वेस्ट पर भी बात की है। आज दुनिया जिस पर्यावरण को लेकर इतनी परेशान है, उसे लेकर मन की बात का प्रयास भी जारी है। मुझे यूनेस्को की डीजी का बयान भी आया है। उन्होंने मन की बात के 100वें एपिसोड पर बधाई दी है और एक संदेश भी भेजा है।' 

 

6. 2030 तक हम हर जगह अच्छी शिक्षा पहुंचाना चाहते हैं
'भारत और यूनेस्को का इतिहास बहुत पुराना है। एजुकेशन पर यूनेस्को काम कर रहा है। 2030 तक हम हर जगह अच्छी शिक्षा पहुंचाना चाहते हैं। हम संस्कृति को भी बचाना चाहते हैं। आप भारत का इसमें रोल बताइए? आपसे बात करके खुशी हो रही है। आपने शिक्षा और संस्कृति संरक्षण पर सवाल पूछा है। ये दोनों विषय मन की बात के पसंदीदा विषय रहे हैं। नेशनल एजुकेशन पॉलिसी या क्षेत्रीय भाषा में पढ़ाई का विकल्प जैसे प्रयास हुए हैं। गुजरात में गुणोत्सव और शाला प्रवेश उत्सव शुरू किए थे।'

 

7. कल्चरल प्रिजर्वेशन के प्रयासों को भी जगह दी
'मन की बात में हमने लोगों के प्रयासों को हाईलाइट किया। एक बार हमने ओडिशा में ठेले पर चाय बेचने वाले स्वर्गीय डी प्रकाश राव के बारे में बात की, जो गरीब बच्चों को पढ़ाते थे। झारखंड के संजय कश्यप, हेमलता जी का उदाहरण हमने दिया। कल्चरल प्रिजर्वेशन के प्रयासों को भी जगह दी। लक्षद्वीप का क्लब, कर्नाटक का कला चेतना मंच... देश के कोने-कोने से मुझे उदाहरण भेजे गए। देशभक्ति पर गीत, लोरी और रंगोली के कम्पटीशन शुरू किए। स्टोरी टेलिंग पर भी मैंने बात की। इस साल हम जी-20 की अध्यक्षता कर रहे हैं। यह वजह है कि एजुकेशन के साथ डायवर्स ग्लोबल कल्चर को समृद्ध करने के लिए प्रयास और तेज हुआ है।'

 

8. मन की बात ईश्वर रूपी जनता के चरणों में प्रसाद की थाल जैसे 
'हर महीने मैं देशवासियों के त्याग की पराकाष्ठा देखता हूं। मुझे लगता ही नहीं है कि आपसे थोड़ा भी दूर हूं। यह मेरे लिए अध्यात्मिक यात्रा बन गया है। यह तो मैं नहीं, तू ही की संस्कार साधना है। कल्पना करिए कि कोई देशवासी 40-40 साल से निर्जन जमीन पर पेड़ लगा रहा है। कोई 30 साल से जल संरक्षण के लिए बावड़ी बना रहा है। कोई निर्धन बच्चों को पढ़ा रहा है। कोई गरीबों की इलाज में मदद कर रहा है। कितनी ही बार मन की बात में इनका जिक्र करते वक्त मैं भावुक हुआ। आकाशवाणी के साथियों को इसे दोबारा रिकॉर्ड करना पड़ा।'


 

9. अहम् से वयम् की यात्रा
'जनभाव कोटि-कोटि जनों के साथ मेरे भाव अटूट विश्व का अंग बन गया। हर महीने मैं लोगों के हजारों संदेश पढ़ता हूं। मैं देशवासियों के भावों को महसूस करता हूं। मुझे लगता ही नहीं कि मैं आपसे थोड़ा भी दूर हूं। मेरे लिए मन की बात कार्यक्रम नहीं है। मेरे लिए यह आस्था, पूजा और व्रत है। जैसे लोग ईश्वर की पूजा करने जाते हैं, तो प्रसाद लाते हैं। मेरे लिए मन की बात में आपके संदेश प्रसाद की तरह हैं। मेरे लिए मन की बात आध्यात्मिक यात्रा बन गया है। यह अहम् से वयम् की यात्रा है।' 

 

10. देशवासियों की सेवा और सामर्थ्य ने प्रेरणा दी
'उपनिषदों में कहा गया है- चलते रहो, चलते रहो, चलते रहो। आज हम इसी चरैवेति भावना के साथ मन की बात का 100वां एपिसोड पूरा कर रहे हैं। भारत के सामाजिक ताने-बाने को मजबूती देने में मन की बात माला के धागे की तरह है। हर एपिसोड में देशवासियों की सेवा और सामर्थ्य ने प्रेरणा दी है। एक तरह से मन की बात का हर एपिसोड अगले एपिसोड की जमीन तैयार करता है। यह कार्यक्रम हमेशा सद्भावना,सेवा भावना से आगे बढ़ा है।'

'मन की बात से जो शुरुआत हुई, वह देश की नई परंपरा भी बन रही है। ऐसी परंपरा, जिसमें सबका प्रयास की भावना दिखती है। आकाशवाणी के साथियों को भी धन्यवाद, जो धैर्य के साथ इसे रिकॉर्ड करते हैं, ट्रांसलेटर जो विभिन्न भाषाओं में अनुवाद करते हैं, दूरदर्शन और माई गांव, इलेक्ट्रॉनिक चैनल्स का भी आभार व्यक्त करता हूं। उन्हें भी आभार देता हूंं जो मन की बात की कमान संभाले हुए हैं। भारत के लोग और भारत में आस्था रखने वाले लोग। यह आपकी प्रेरणा से संभव है।'

'आज समय और शब्द दोनों कम पड़ रहे हैं, मुझे भरोसा है कि आप मेरे भाव और भावनाओं को समझेंगे। आपके परिवार के सदस्य के रूप में आपके साथ रहा हूं, आपके बीच में रहा हूं और आपके बीच में रहूंगा। अगले महीने फिर मिलेंगे।'
 

कई लोगों से पीएम मोदी ने संवाद भी किया
  • हरियाणा के सुनील जगलान से की बात
'मेरे साथ जुड़ रहे हैं हरियाणा के भाई सुनील जगलान, इनका प्रभाव है मेरे मन पर। मैंने बेटी बचाओ अभियान हरियाणा से शुरू किया। इनके कैंपेन सेल्फी विद डॉटर का असर मुझ पर पड़ा। मैंने इसका जिक्र मन की बात में किया। ये अभियान पूरी दुनिया में फैल गया। जीवन में बेटी का स्थान कितना बड़ा होता है, इस कैंपेन से यह प्रकट हुआ। आज हरियाणा में जेंडर रेशियो में सुधार आया।'

पीएम मोदी : आज सुनील जी से गप्प मार लेते हैं। सुनील जी सेल्फी विद डॉटर हर किसी को याद है। आपको कैसा लग रहा है?
सुनील: ये हमारे प्रदेश हरियाणा से पानीपत की चौथी लड़ाई शुरू की थी, यह मेरे लिए और बेटियों के पिता के लिए बहुत बड़ी बात है।

पीएम मोदी : आपकी बिटाया कैसी है?
सुनील : दोनों बेटियां आपकी बहुत प्रशंसक हैं। उन्होंने अपने क्लास मेट्स से थैंक्यू प्रधानमंत्री जी लेटर भी लिखवाए था।

  • कश्मीर के मंजूर से भी जुड़े 
'साथियों मुझे संतोष है कि मन की बात में हमने नारी शक्ति की प्रेरणादायी गाथाओं का जिक्र किया है। छत्तीसगढ़ के गांव की महिलाओं के स्वच्छता अभियान चलाने वाले स्वसहायता समूह की बात की। तमिलनाडु की आदिवासी समुदाय की टेराकोटा कप बनाने वाली महिलाओं की बात की। वहीं 20 हजार महिलाओं ने वेल्लोर में नाग नदी को पुनर्जीवित किया। मन की बात में जम्मू-कश्मीर की पेंसिल स्लेट का जिक्र करते हुए मंजूर अहमद का जिक्र किया था। वो साथ हैं।'

पीएम मोदी: मंजूर जी पेंसिल-स्लेट का काम कैसा चल रहा है?
मंजूर अहमद : ये काम बढ़ गया है, बहुत लोगों को रोजगार मिल गया। अभी 200 प्लस लोग काम कर रही हैं। आगे 200 लोगों को और रोजगार मिलेगा।

पीएम मोदी : मंजूरजी आपने कहा था कि इस काम की पहचान नहीं, आपकी पहचान नहीं। आपको पीड़ा थी। अब पहचान भी है और 200 से ज्यादा लोगों को रोजगार दे रहे हैं।
मंजूर : किसानों को भी फायदा मिला। दो हजार का ट्री बेचते थे और अब पांच हजार बढ़ गई है।

पीएम मोदी : आपने लोकल फॉर वोकल को जमीन पर उतार दिया।

 

  • प्रदीप सांगवान से भी की चर्चा
'मन की बात ने जन आंदोलन ने जन्म लिया और गति पकड़ी। टॉय इंडस्ट्री को फिर से स्थापित करने का मिशन यहीं शुरू हुआ था। स्वान और देसी डॉग्स की मुहिम शुरू की। गरीब छोटे दुकानदारों से मोलभाव ना करने की मुहिम भी शुरू की थी। हर घर तिरंगा मुहिम भी मन की बात ने संकल्प से जोड़ा। ऐसे उदाहरण समाज में बदलाव का कारण बने। प्रदीप सांगवान ने हीलिंग हिमालय शुरू किया। प्रदीप हमारे साथ हैं।'

पीएम मोदी : कैसे हैं?
प्रदीप : मेरा कैंपेन 2020 से बहुत अच्छा है। जो काम 20 साल में करते थे, वो पांच साल में हो गया। मुहिम को कोई तवज्जो नहीं देता था, 2020 के बाद चीजें बदल गईं। अब 10 टन कचरा हम बटोरते हैं। 2020 में मैं हार मान चुका था, पर फिर सब बदल गया। पता नहीं आप कैसे हम जैसे लोगों को ढूंढ लेते हैं। मेरे लिए तब भी बहुत भावुक पल था और आज भी है।

पीएम मोदी : आप सच्चे अर्थों में हिमालय की चोटियों पर साधना कर रहे हैं। आज आपके नाम से लोगों को आपका अभियान याद आ जाता है। विश्वास है कि आपके प्रयासों से कितने ही पर्वतारोही स्वच्छता से जुड़े फोटो पोस्ट करने लगे हैं।
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