पीएम मोदी बोले- हाल में हुए सभी चुनाव में किसानों ने गुमराह करने वाले सारे दलों को नकारा
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Fri, 25 Dec 2020 01:58 PM IST
Sneha Baluni
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Sneha Baluni
Updated Fri, 25 Dec 2020 01:58 PM IST
खास बातें
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती के मौके पर देश के नौ करोड़ किसानों के खाते में 18 हजार करोड़ की सम्मान निधि हस्तांतरित की। कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने छह राज्यों के किसानों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बातचीत की। प्रधानमंत्री ने कहा कि बंगाल के 70 लाख किसानों को ये लाभ नहीं मिल पा रहा है। बंगाल सरकार पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि राज्य सरकार राजनीतिक कारणों से किसानों तक फायदा नहीं पहुंचने दे रही है। विपक्ष पर निशाना साधते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि जितने लोग आज आंदोलन चला रहे हैं वही उस सरकार के साथ थे, जिसने स्वामीनाथन रिपोर्ट को दबाकर रखा था। उन्होंने कहा कि कृषि कानून को लेकर झूठ फैलाया जा रहा है। एमएसपी और मंडी पर अफवाह जारी है। प्रधानमंत्री ने कहा कि किसानों की खुशी में ही हमारी खुशी है। उन्होंने कहा कि जिन राजनीतिक दलों को देश की जनता नकार चुकी है, वो आज कुछ किसानों को गुमराह करने में लगे हुए हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि आंदोलन में कुछ भोले-भाले किसानों को भड़काया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हाल ही में हुए चुनावों में किसानों ने गुमराह करने वाले सभी राजनीतिक दलों को नकार दिया है। यहां पढ़ें प्रधानमंत्री के संबोधन की बड़ी बातें-
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
- फोटो : Twitter
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लाइव अपडेट
01:47 PM, 25-Dec-2020
पीएम ने गिनाए कृषि सुधारों के फायदे
- राजनीतिक विचारधारा वाले लोग भांति-भांति के मुद्दों को किसानों के नाम पर उछाल रहे हैं। आंदोलन की शुरुआत में किसानों की कुछ ही मांगे थीं, और जब राजनीतिक विचारधारा वाले लोग आएं तो आज ये लोग हिंसा के आरोपियों को जेल से छुड़ाने की मांगे कर रहे हैं।
- अच्छी उपज के लिए सुविधाएं किसानों को उपलब्ध कराएगा। एग्रीमेंट करने वाला व्यक्ति बाजार के ट्रेंड से पूरी तरह वाकिफ रहेगा और उसी के अनुरूप हमारे किसानों को बाजार की मांग के हिसाब से काम करने में मदद करेगा।
- अब जब कोई किसान के साथ एग्रीमेंट करेगा, तो वो ये भी चाहेगा कि उपज अच्छी से अच्छी हो। इसके लिए एग्रीमेंट करने वाला, किसानों को अच्छे बीज, आधुनिक तकनीक, अत्याधुनिक उपकरण और विशेषज्ञता हासिल करने में मदद करेगा।
- सरकार किसान के साथ हर कदम पर खड़ी है, अगर किसी वजह से किसान की उपज बर्बाद हो जाती है तो भी एग्रीमेंट करने वाले को उस किसान को पैसा देना पड़ेगा।
01:43 PM, 25-Dec-2020
किसानों ने गुमराह करने वाले दलों को नकारा
- पिछले दिनों अनेक राज्यों, चाहे असम हो, राजस्थान हो, जम्मू-कश्मीर हो, इनमें पंचायतों के चुनाव हुए। इनमें प्रमुखता से ग्रामीण क्षेत्र के लोगों ने, किसानों ने ही भाग लिया। उन्होंने एक प्रकार से किसानों को गुमराह करने वाले सभी दलों को नकार दिया है।
- कुछ राजनीतिक दल जिन्हें देश की जनता ने लोकतांत्रिक तरीके से नकार दिया है, वो आज कुछ किसानों को गुमराह करके जो कुछ भी कर रहे हैं, उन सभी को बार-बार नम्रता पूर्वक सरकार की तरफ से अनेक प्रयासों के बावजूद भी किसी न किसी राजनीतिक कारण से ये चर्चा नहीं होने दे रहे हैं।
- ऐसी परिस्थिति में भी देशभर के किसानों ने कृषि सुधारों का भरपूर समर्थन किया है, स्वागत किया है। मैं सभी किसानों का आभार व्यक्त करता हूं। मैं भरोसा दिलाता हूं कि आपके विश्वास पर हम कोई आंच नहीं आने देंगे।
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01:36 PM, 25-Dec-2020
कृषि सुधारों को लेकर असंख्य झूठ फैलाए जा रह हैं
- मैं आपको फिर ध्यान दिलाना चाहता हूं कि इन कानूनों को लागू हुए कई महीने बीत गए हैं, क्या आपने देश के किसी एक भी कोने में एक भी मंडी बंद होने की खबर सुनी है? ये कृषि सुधारों और नए कृषि सुधार कानूनों के बाद भी हुआ है।
- आज नए कृषि सुधारों को लेकर असंख्य झूठ फैलाए जा रह हैं। कुछ लोग किसानों के बीच भ्रम फैला रहे हैं कि एमएसपी समाप्त की जा रही है। कुछ लोग अफवाहें फैला रहे हैं कि मंडियों को बंद कर दिया जाएगा।
- बीते कुछ महीनों में करीब 2.5 करोड़ छोटे किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड से जोड़ा गया है। हम मछली पालकों, पशुपालकों को भी अब किसान क्रेडिट कार्ड दे रहे हैं।
- अब हमने दूसरे सेक्टर में इनवेस्टमेंट और इनोवेशन बढ़ाया तो हमने आय बढ़ाने के साथ ही उस सेक्टर में ब्रांड इंडिया को भी स्थापित किया। अब समय आ गया है कि ब्रांड इंडिया दुनिया के कृषि बाजारों में भी खुद को उतनी ही प्रतिष्ठा के साथ स्थापित करे।
01:33 PM, 25-Dec-2020
भोले किसानों को भड़काया जा रहा है
- आज कृषि कानून को लेकर झूठ फैलाए जा रहे हैं। एमएसपी और मंडी पर अफवाह जारी है, कानून लागू हुए कई महीने हो गए हैं लेकिन क्या किसी को कोई नुकसान हुआ है।
- किसान आंदोलन में सभी गलत लोग नहीं हैं, कुछ भोले किसानों को भड़काया जा रहा है। पहले एमएसपी पर फसल बेची गई और उसके बाद आंदोलन को हवा दी गई।
- देश के किसान को इतने अधिकार मिल रहे हैं तो इसमें गलत क्या है? अगर किसानों को अपनी उपज बेचने का विकल्प ऑनलाइन माध्यम से पूरे साल और कहीं भी मिल रहा है तो इसमें गलत क्या है?
01:24 PM, 25-Dec-2020
पीएम मोदी बोले आप दूसरे राज्य में बेच सकते हैं अपनी उपज
- हम इस दिशा में भी बढ़े कि फसल बेचने के लिए किसान के पास सिर्फ एक मंडी नहीं बल्कि नए बाजार हो। हमने देश की एक हजार से ज्यादा कृषि मंडियों को ऑनलाइन जोड़ा। इनमें भी एक लाख करोड़ रुपए से ज्यादा का कारोबार हो चुका है।
- हमने इस लक्ष्य पर भी काम किया की देश के किसान के पास खेत में सिंचाई की पर्याप्त सुविधा हो। हम दशकों पुरानी सिंचाई योजनाओं को पूरा करने के साथ ही देशभर में पर ड्रॉप-मोर क्रॉप के मंत्र के साथ माइक्रो इरीगेशन को भी बढ़ावा दे रहे हैं।
- आप अपनी उपज दूसरे राज्य में बेचना चाहते हैं? आप बेच सकते हैं। आप एफपीओ के माध्यम से उपज को एक साथ बेचना चाहते हैं? आप बेच सकते हैं। आप बिस्किट, चिप्स, जैम, दूसरे कंज्यूमर उत्पादों की वैल्यू चेन का हिस्सा बनना चाहते हैं? आप ये भी कर सकते हैं।
- आप न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी एमएसपी पर अपनी उपज बेचना चाहते हैं? आप उसे बेच सकते हैं। आप मंडी में अपनी उपज बेचना चाहते हैं? आप बेच सकते हैं। आप अपनी उपज का निर्यात करना चाहते हैं? आप निर्यात कर सकते हैं। आप उसे व्यापारी को बेचना चाहते हैं? आप बेच सकते हैं।
01:21 PM, 25-Dec-2020
कृषि सुधार के जरिए हमने किसानों को बेहतर विकल्प दिए
- इन कृषि सुधार के जरिए हमने किसानों को बेहतर विकल्प दिए हैं। इन कानूनों के बाद आप जहां चाहें जिसे चाहें अपनी उपज बेच सकते हैं। आपको जहां सही दाम मिले आप वहां पर उपज बेच सकते हैं।
- 2014 में सरकार बनने के बाद हमारी सरकार ने नई अप्रोच के साथ काम करना शुरू किया। हमने देश के किसान की छोटी छोटी दिक्कतों, कृषि के आधुनिकीकरण और उसे भविष्य की जरूरतों के लिए तैयार करने पर ध्यान दिया।
- आज देश के किसान को अपना पक्का घर मिल रहा है, शौचालय मिल रहा है, साफ पानी का नल मिल रहा है। यही किसान है जिसे बिजली के मुफ्त कनेक्शन, गैस के मुफ्त कनेक्शन से बहुत लाभ हुआ है। आयुष्मान भारत योजना के तहत 5 लाख रुपए तक के मुफ्त इलाज ने उनके जीवन की बड़ी चिंता कम की है।
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01:17 PM, 25-Dec-2020
आज करोड़ों किसानों को पीएम फसल बीमा योजना का लाभ मिल रहा है
- हमने एक और लक्ष्य बनाया कि छोटे किसानों के समूह बनें ताकि वो अपने क्षेत्र में एक सामूहिक ताकत बनकर काम कर सकें। आज देश में 10 हजार से ज्यादा किसान उत्पादक संघ- एफपीओ बनाने का अभियान चल रहा है, उन्हें आर्थिक मदद दी जा रही है।
- हम इस दिशा में भी बढ़े कि फसल बेचने के लिए किसान के पास सिर्फ एक मंडी नहीं बल्कि नए बाजार हो। हमने देश की एक हजार से ज्यादा कृषि मंडियों को ऑनलाइन जोड़ा। इनमें भी एक लाख करोड़ रुपए से ज्यादा का कारोबार हो चुका है।
- हमारी सरकार ने प्रयास किया कि देश के किसान को फसल की उचित कीमत मिले। हमने लंबे समय से लटकी स्वामीनाथन कमेटी की रिपोर्ट के अनुसार, लागत का डेढ़ गुना एमएसपी किसानों को दिया। पहले कुछ ही फसलों पर एमएसपी मिलती थी, हमने उनकी भी संख्या बढ़ाई।
- सरकार ने प्रयास किया कि किसान के पास एक बेहतर फसल बीमा कवच हो। आज करोड़ों किसानों को पीएम फसल बीमा योजना का लाभ हो रहा है।
01:16 PM, 25-Dec-2020
ये दल जरा केरल में आंदोलन करके दिखाएं
- ये वही लोग हैं जो वर्षों तक सत्ता में रहें। इनकी नीतियों की वजह से देश की कृषि और किसान का उतना विकास नहीं हो पाया जितना उसमें सामर्थ्य था। पहले की सरकारों की नीतियों की वजह से सबसे ज्यादा बर्बाद छोटा किसान हुआ।
- किसानों के नाम पर अपने झंडे लेकर जो खेल खेल रहे हैं, अब उनको सच सुनना पड़ेगा। ये लोग अखबार और मीडिया में जगह बनाकर, राजनीतिक मैदान में खुद के जिंदा रहने की जड़ी- बूटी खोज रहे हैं।
- मैं इन दलों से पूछता हूं कि यहां फोटो निकालने के कार्यक्रम करते हो, जरा केरल में आंदोलन करके वहां तो एपीएमसी चालू करवाओ। पंजाब के किसानों को गुमराह करने के लिए आपके पास समय है, केरल में यह व्यवस्था शुरू कराने के लिए आपके पास समय नहीं है। क्यों आप लोग दोगली नीति लेकर चल रहे हो।
01:09 PM, 25-Dec-2020
राजनीतिक विचारधारा ने बंगाल को किया बर्बाद
- हमारी सरकार ने प्रयास किया कि देश के किसान को फसल की उचित कीमत मिले। हमने लंबे समय से लटकी स्वामीनाथन कमेटी की रिपोर्ट के अनुसार, लागत का डेढ़ गुना एमएसपी किसानों को दिया। पहले कुछ ही फसलों पर एमएसपी मिलती थी, हमने उनकी भी संख्या बढ़ाई।
- हमने लक्ष्य बनाकर काम किया कि देश के किसानों का इनपुट कॉस्ट कम हो। सॉयल हेल्थ कार्ड, यूरिया की नीम कोटिंग, लाखों सोलर पंप की योजना, इसीलिए शुरू हुई। सरकार ने प्रयास किया कि किसान के पास एक बेहतर फसल बीमा कवच हो। आज करोड़ों किसानों को पीएम फसल बीमा योजना का लाभ हो रहा है
- आप ममता जी के 15 साल पुराने भाषण सुनेंगे तो पता चलेगा कि इस विचारधारा ने बंगाल को कितना बर्बाद कर दिया था।
- जो लोग 30-30 साल तक बंगाल में राज करते थे, एक ऐसी राजनीतिक विचारधारा को लेकर उन्होंने बंगाल को कहां से कहां लाकर खड़ा कर दिया है, ये सारा देश जानता है।
01:04 PM, 25-Dec-2020
पीएम ने पूछा- केरल में ये लोग कभी आंदोलन क्यों नहीं करते
- स्वार्थ की राजनीति करने वालों को जनता बहुत बारीकी से देख रही है। जो दल पश्चिम बंगाल में किसानों के अहित पर कुछ नहीं बोलते वो दल यहां किसान के नाम पर दिल्ली के नागरिकों को परेशान करने में लगे हुए हैं, देश की अर्थनीति को बर्बाद करने में लगे हुए हैं।
- जो दल पश्चिम बंगाल में किसानों के अहित पर कुछ नहीं बोलते, वो यहां दिल्ली में आकर किसान की बात करते हैं। इन दलों को आजकल एपीएमसी- मंडियों की बहुत याद आ रही है। लेकिन ये दल बार-बार भूल जाते हैं कि केरला में एपीएमसी- मंडियां हैं ही नहीं। केरल में ये लोग कभी आंदोलन नहीं करते।
- मुझे आज इस बात का अफसोस है कि मेरे पश्चिम बंगाल के 70 लाख से अधिक किसान भाई-बहनों को इसका लाभ नहीं मिल पाया है। बंगाल के 23 लाख से अधिक किसान इस योजना का लाभ लेने के लिए ऑनलाइन आवेदन कर चुके हैं। लेकिन राज्य सरकार ने वेरिफिकेशन की प्रक्रिया को इतने लंबे समय से रोक रखा है।