{"_id":"60b01f188ebc3ea7057cb216","slug":"pm-modi-instructed-officials-to-get-this-black-fungus-drug-from-anywhere-it-is-available-in-the-world","type":"story","status":"publish","title_hn":"पीएम मोदी बोले :दुनिया में ब्लैक फंगस की दवा जहां कहीं भी हो भारत में लाई जाए","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
पीएम मोदी बोले :दुनिया में ब्लैक फंगस की दवा जहां कहीं भी हो भारत में लाई जाए
Fri, 28 May 2021 06:02 AM IST
Jeet Kumar
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
Published by: Jeet Kumar
Updated Fri, 28 May 2021 06:02 AM IST
सार
तात्कालिक जरूरत पूरी करने के लिए पीएम के निर्देश के बाद पांच कंपनियों को लिपोसोमल एंफोटेरेसिरिन बी के उत्पादन का लाइसेंस दिया गया है।
विज्ञापन
पीएम मोदी
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कोरोना की दूसरी लहर के बीच मुसीबत बनते जा रहे ब्लैक फंगस से निपटने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद मोर्चा संभाल लिया है। बढ़ते मामलों के बीच पीएम ने अधिकारियों के साथ कई बैठकें की और उन्हें दुनिया में जहां भी इसकी दवा हो, उसे हर हाल में भारत लाना सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। इसके मद्देनजर दुनिया भर में स्थित भारतीय उच्चायोग और दूतावासों को आगाह किया गया है।
विज्ञापन
सूत्रों के मुताबिक फिलहाल इस दवा से निपटने के लिए एंबीसॉम और लिपोसोमल एंफोटेरेसिरिन बी का उपयोग हो रहा है। तात्कालिक जरूरत पूरी करने के लिए पीएम के निर्देश के बाद पांच कंपनियों को लिपोसोमल एंफोटेरेसिरिन बी के उत्पादन का लाइसेंस दिया गया है।
विज्ञापन
इसके अलावा एंबीसॉम के लिए अमेरिकी कंपनी गलियड साइंसेस की सहायता से अब तक करीब सवा लाख खुराक का आयात किया गया है। पीएम की सक्रियता के बाद अमेरिकी फार्मास्यूटिकल कंपनी मायलन एंफोटेरेसिरिन बी की खुराक का प्रबंध कर रही है। कंपनी ने जल्द करीब 12 लाख खुराक उपलब्ध कराने का वादा किया है। इसके लिए दुनिया के दूसरे देशों से एंफोटेरेसिरिन बी के स्टॉक हटाए जा रहे हैं।
विज्ञापन
दूतावास-उच्चायोग भी जुटे
मोर्चे पर सरकार ने दूतावासों और उच्चायोग को भी लगाया है। इन्हें अपने अपने देशों में एंफोटेरेसिरिन बी की उपलब्धता की संभावना तलाशने और इसे भारत भेजने में अपनी भूमिका सुनिश्चित करने को कहा गया है।
इस क्रम में करीब चार दर्जन देशों के राजदूत और उच्चायुक्त ने कूटनीतिक संपर्कों के जरिये दवा की उपलब्धता की संभावना तलाशी है। सरकार को उम्मीद है कि कोरोना की दूसरी लहर के दौरान दवाओं की कमी जैसी स्थिति ब्लैक फंगस के मामले में नहीं आएगी।