PM Modi in Kerala: उद्घाटन के समय दक्षिण भारत क्यों घूम रहे मोदी, क्या हो पाएगा उत्तर भारत जैसा असर?
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विस्तार
केवल पांच दिन बाद अयोध्या में भगवान राम के मंदिर का उद्घाटन होना है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दक्षिण भारत के भ्रमण पर हैं। पहले उन्होंने आंध्र प्रदेश के वीरभद्र मंदिर में दर्शन किया। बाद में वहां बैठकर उन्होंने राम भजन भी किया। 17 जनवरी को उन्होंने केरल के गुरुवायूर में कृष्ण मंदिर में पूजा की। इसके बाद वे कर्नाटक और महाराष्ट्र भी जाने वाले हैं। अंतिम में उत्तर प्रदेश में आकर वे राम मंदिर के उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल होंगे। यानी उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल होने से पहले वे दक्षिण भारत से लेकर पश्चिम तक देश के विभिन्न मंदिरों के दर्शन कर चुके होंगे।
दक्षिण में विस्तार की भाजपा की अब तक की सभी कोशिशें सीमित असर ही दिखा सकी हैं। लेकिन माना जा रहा है कि दक्षिण का जो किला भाजपा अभी तक नहीं भेद पाई थी, वह राम मंदिर के मुद्दे के सहारे भेद सकती है। दक्षिण भारत के प्रमुख मंदिरों के दर्शन कर मोदी वहां भी राम मंदिर और उसके निर्माण में भाजपा की भूमिका को घर-घर तक पहुंचाने में कामयाब हो रहे हैं।
भविष्य में होगा बड़ा असर
तेलंगाना प्रेस क्लब के अध्यक्ष बालास्वामी ने अमर उजाला से कहा कि अब तक दक्षिण भारत के लोगों की राजनीतिक चर्चा के केंद्र में द्रविड़ राजनीति होती थी या यहां की पॉपुलर पॉलिटिक्स लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचती थी। लेकिन मोदी-शाह की कोशिशों के बाद अब भाजपा और राम मंदिर आम लोगों के बीच चर्चा के केंद्र में आ गए हैं। इसके लिए राम मंदिर आंदोलन, मंदिर निर्माण में भाजपा की कोशिशों की प्रमुख भूमिका है। मोदी का मंदिरों में घूमना भी लोगों को आकर्षित कर रहा है। यह कोशिश तात्कालिक चुनाव में भले ही बहुत असर न दिखा सके, लेकिन आने वाले समय में इससे भाजपा को लाभ मिल सकता है।
उत्तर में भी तुरंत नहीं सफल हुई थी कोशिश
ध्यान रखना चाहिए कि उत्तर भारत में राम मंदिर का मुद्दा होने के बाद भी भाजपा को अचानक ही सफलता नहीं मिल गई थी। इसके लिए उसे लगभग तीन दशक तक प्रतीक्षा करनी पड़ी। इस हिसाब से देखें तो मान सकते हैं कि लंबी राजनीति को ध्यान में रखते हुए राम मंदिर का मुद्दा लंबे समय में असर दिखा सकता है और भाजपा को इसका लाभ हो सकता है। हालांकि, इसके लिए पार्टी को लगातार कोशिशें करनी होंगी। मोदी का मंदिर दर्शन और पार्टी द्वारा देश के विभिन्न राज्यों से लोगों को अयोध्या का दर्शन कराने की योजना इसका हिस्सा हो सकती हैं।