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No Money for Terror: पीएम मोदी की इशारों-इशारों में पाकिस्तान को चेतावनी, कहा- तब तक चैन से नहीं बैठूंगा...
Fri, 18 Nov 2022 12:23 PM IST
प्रांजुल श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: प्रांजुल श्रीवास्तव
Updated Fri, 18 Nov 2022 12:23 PM IST
सार
राष्ट्रीय जांच एजेंसी के महानिदेशक दिनकर गुप्ता ने कहा, आतंकी फंडिंग के लिए सोशल मीडिया प्लेटफार्म का इस्तेमाल किया जा रहा है। भारत के पास इसका सबूत हैं। उन्होंने कहा, पीएम मोदी की जीरो टॉलरेंस नीति से भारत के सुरक्षा परिदृश्य में महत्वपूर्ण बदलाव आया है।
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पीएम मोदी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
आतंकी फंडिंग के खिलाफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज 'नो मनी फॉर टेरर' अंतरराष्ट्रीय मंत्रीस्तरीय सम्मेलन का उद्घाटन किया। इस मौके पर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह भी मौजूद रहे।
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इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, यह बड़ी बात है कि यह सम्मेलन भारत में हो रहा है। उन्होंने कहा, दशकों तक हमारे देश को आतंकवाद ने चोट पहुंचाने की कोशिश की, लेकिन हमने बहादुरी से इसके खिलाफ लड़ाई लड़ी।
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आतंक का खात्म होने तक चैन से नहीं बैठेंगे
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, हम तब तक चैन से नहीं बैठेंगे जब तक आतंकवाद का खात्मा नहीं हो जाता। उन्होंने कहा, लंबे समय से आतंकवाद असर गरीबों और स्थानीय अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है। चाहे वह पर्यटन हो या व्यापार का क्षेत्र। कोई भी उस इलाके को पसंद नहीं करता जहां लगातार आतंकवार का खतरा बना रहता है। इससे लोगों की रोजी-रोटी छिन रही है। यह सबसे अधिक महत्वपूर्ण है कि हम आतंकवाद के वित्तपोषण की जड़ पर प्रहार करें।
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#WATCH | At 'No Money for Terror’ Conference, PM says, "...Well known that terrorist orgs get money through several sources-one is state support. Certain countries support terrorism as part of their foreign policy. They offer political, ideological & financial support to them..." pic.twitter.com/JwsK8qzVUR
— ANI (@ANI) November 18, 2022
इशारों में पाकिस्तान को घेरा
प्रधानमंत्री ने कहा, आतंकवाद मानवता, स्वतंत्रता और सभ्यता पर हमला है। यह किसी भी देश की सीमा को नहीं पहचानता है। उन्होंने कहा, अगर आतंकवाद को हराना है तो हमें एकजुटता और शून्य-सहनशीलता का दृष्टिकोण अपनाना होगा। पीएम ने कहा, यह सभी जानते हैं कि आतंकवादी संगठनों को कई स्रोतों से धन प्राप्त होता है। इसका एक स्रोत किसी एक देश का समर्थन भी है। कुछ देश अपनी विदेश नीतियों के तहत आतंकवाद का समर्थन करते हैं। वे उन्हें राजनीतिक, वैचारिक और वित्तीय सहायता प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा, आतंकी फंडिंग के स्रोतों में से एक संगठित अपराध है। इसे अलग-थलग करके नहीं देखा जाना चाहिए। इन गिरोहों के अक्सर आतंकी संगठनों से गहरे संबंध होते हैं।
एनआईए चीफ ने की पीएम मोदी की तारीफ
राष्ट्रीय जांच एजेंसी के महानिदेशक दिनकर गुप्ता ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री मोदी की प्रशंसा की। उन्होंने कहा, बीते आठ वर्षों में आतंकवादी गतिविधियों में कमी आई है। उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ केंद्र की जीरो टॉलरेंस नीति की भी सराहना की और कहा कि इसने देश के सुरक्षा परिदृश्य में महत्वपूर्ण बदलाव लाया है। तीसरे मंत्रिस्तरीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए डीजी गुप्ता ने कहा, मेरे लिए प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत करना एक सम्मान की बात है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी के महानिदेशक दिनकर गुप्ता ने कहा, आतंकी फंडिंग के लिए सोशल मीडिया प्लेटफार्म का इस्तेमाल किया जा रहा है। भारत के पास इसका सबूत हैं।
गृह मंत्री शाह ने कही यह बात
- दिल्ली में 'नो मनी फॉर टेरर' सम्मेलन में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी अपनी बात रखी। उन्होंने बताया कि आतंकवादी हिंसा फैला रहे हैं, युवाओं को कट्टरपंथी बना रहे हैं और वित्तीय स्रोतों के नए रास्ते खोज रहे हैं। अपनी पहचान छुपाने और कट्टरपंथी सामग्री फैलाने के लिए आतंकवादी डार्क नेट का इस्तेमाल कर रहे हैं। क्रिप्टोकरेंसी जैसी आभासी संपत्ति का उपयोग भी बढ़ रहा है।
- उन्होंने कहा कि हमें डार्क नेट पर होने वाली ऐसी गतिविधियों के पैटर्न का विश्लेषण और समझना होगा और उनका समाधान खोजना होगा। दुर्भाग्य से कुछ ऐसे देश हैं, जो आतंकवाद से निपटने के हमारे सामूहिक संकल्प को कमजोर या नष्ट करना चाहते हैं।
- उन्होंने कहा कि अक्सर हमने देखा है कि कुछ देश आतंकवादियों को ढाल देते हैं और उन्हें शरण देते हैं। एक आतंकवादी को पनाह देना आतंकवाद को बढ़ावा देने के बराबर है। ऐसे तत्व और ऐसे देश अपने मंसूबों में कामयाब न हों, यह देखना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है।
- शाह ने कहा कि अगस्त 2021 के बाद दक्षिण एशियाई क्षेत्र में स्थिति में व्यापक परिवर्तन हुए हैं। सत्ता में बदलाव, आईएसआईएस और अलकायदा के प्रभाव में वृद्धि क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए एक बड़ी चुनौती बनकर उभरी है। नए समीकरणों ने टेरर फंडिंग के मुद्दे को और भी गंभीर बना दिया है।