41 कोयला खदानों की नीलामी प्रक्रिया हुई शुरू, शाह बोले- पैदा होंगी 2.8 लाख नौकरियां
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को आत्मनिर्भर भारत के तहत वाणिज्यिक खनन के लिये 41 कोयला खदानों के नीलामी प्रक्रिया शुरू की। सरकार के इस कदम से देश का कोयला क्षेत्र निजी कंपनियों के लिए खुल जाएगा। इसे लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि यह ऐतिहासिक निर्णय भारत को ऊर्जा उत्पादन क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा और कोयला उत्पादन को बढ़ावा देकर आत्मनिर्भर बनाएगा।
गृह मंत्री ने कहा, 'आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने आज वाणिज्यिक खनन के लिए 41 कोयला खानों की नीलामी की प्रक्रिया को हरी झंडी दिखाई। यह ऐतिहासिक निर्णय भारत को ऊर्जा उत्पादन क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा और कोयला उत्पादन को बढ़ावा देकर आत्मनिर्भर बनाएगा। मोदी सरकार के इस फैसले से 2.8 लाख से अधिक नौकरियां पैदा होंगी, 33,000 करोड़ का पूंजी निवेश होगा और राज्य सरकारों के लिए 20,000 करोड़ का वार्षिक राजस्व उत्पन्न होगा।'
This decision of Modi government will create more than 2.8 lakh jobs, attract capital investment worth 33,000 crore and generate annual revenue of 20,000 crore for the state governments: Home Minister Amit Shah https://t.co/l91O8sR85L
— ANI (@ANI) June 18, 2020
बता दें कि वाणिज्यिक खनन के लिए कोयला खदानों की नीलामी प्रक्रिया की शुरुआत करने के मौके पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि देश कोरोना वायरस संक्रमण से अपनी लड़ाई जीत लेगा और इस संकट को एक अवसर में बदलेगा। यह महामारी भारत को आत्म निर्भर बनाएगी।
वाणिज्यिक खनन के लिए कोयला खदानों की नीलामी से देश में अगले पांच से सात साल में 33,000 करोड़ रुपये के पूंजीगत निवेश की उम्मीद है। मोदी ने कहा कि नीलामी प्रक्रिया की शुरुआत होना देश के कोयला क्षेत्र को ‘दशकों के लॉकडाउन’ से बाहर निकालने जैसा है। भारत का लक्ष्य दुनिया का सबसे बड़ा कोयला निर्यातक होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि दुनिया का चौथा सबसे बड़ा कोयला भंडार मौजूद होने के बावजूद देश अभी दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा कोयला आयातक है। मोदी ने कहा, 'वाणिज्यिक कोयला खनन के लिए निजी कंपनियों को अनुमति देना चौथे सबसे बड़े कोयला भंडार रखने वाले देश के संसाधनों को जकड़न से निकालना है।'
कोयला क्षेत्र को बंद रखने की पुरानी नीतियों पर सवाल उठाते हुए मोदी ने कहा कि कोयला नीलामी में पहले बड़े घोटाले हुए, लेकिन अब प्रणाली को ‘पारदर्शी’ बनाया गया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस नीलामी प्रक्रिया से राज्यों की आय बढ़ने के साथ-साथ सूदूर इलाकों का विकास होगा और रोजगार का निर्माण होगा।
मोदी ने कहा कि इन कोयला खदानों की नीलामी प्रक्रिया का शुरू होना ‘आत्मनिर्भर भारत अभियान’ के तहत की गई घोषणाओं का ही हिस्सा है। यह राज्य सरकारों की आय में सालाना 20,000 करोड़ रुपये का योगदान करेगा।