PM Modi: विपक्ष की आलोचना के बीच देश के उद्योगपतियों ने किया पीएम मोदी का समर्थन, देश की जनता से किया अनुरोध
पश्चिम एशिया तनाव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईंधन बचत, वर्क फ्रॉम होम, गैर-जरूरी खरीदारी, विदेश यात्रा और सोना खरीदने से बचने की अपील की। उद्योगपतियों ने इसे विदेशी मुद्रा भंडार बचाने और आर्थिक आत्मनिर्भरता मजबूत करने के लिए जरूरी बताया।
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पश्चिम एशिया संघर्ष से उपजी वैश्विक अनिश्चितता के बीच, शीर्ष उद्योगपतियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बचत और आर्थिक आत्मनिर्भरता के आह्वान का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि ये उपाय भारत के लचीलेपन और विदेशी मुद्रा भंडार की रक्षा के लिए हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने रविवार को सिकंदराबाद में एक जनसभा में लोगों से ईंधन बचाने, घर से काम करने, गैर-जरूरी खरीदारी सीमित करने और विदेश यात्राओं से बचने का आग्रह किया था। पीएम मोदी के इस आग्रह पर कांग्रेस सांसद और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने उन पर निशाना साधा है। राहुल गांधी ने तीखा करते हुए इसे "नाकामी के सबूत" बताया।
उन्होंने एक्स पर पोस्ट करके हुए लिखा 'मोदी जी ने कल जनता से त्याग मांगे - सोना मत ख़रीदो, विदेश मत जाओ, पेट्रोल कम जलाओ, खाद और खाने का तेल कम करो, मेट्रो में चलो, घर से काम करो। ये उपदेश नहीं - ये नाकामी के सबूत हैं। 12 साल में देश को इस मुकाम पर ला दिया है कि जनता को बताना पड़ रहा है - क्या ख़रीदे, क्या न ख़रीदे, कहां जाए, कहां न जाए। हर बार जिम्मेदारी जनता पर डाल देते हैं ताकि खुद जवाबदेही से बच निकलें। देश चलाना अब कॉम्प्रोमाइज पीएम के बस की बात नहीं।
कई उद्योगपतियों ने किया समर्थन
टीवीएस मोटर कंपनी के अध्यक्ष वेणु श्रीनिवासन ने प्रधानमंत्री मोदी के आत्मनिर्भरता और विवेकपूर्ण उपभोग पर जोर का समर्थन किया। उन्होंने इसे वैश्विक अस्थिरता के समय आवश्यक बताया। भारती समूह के अध्यक्ष सुनील भारती मित्तल ने भी प्रधानमंत्री की टिप्पणियों का समर्थन किया। उन्होंने मौजूदा चरण को भारत के लिए आर्थिक अनुशासन का क्षण बताया। उन्होंने घरेलू ताकत पर 'दोगुना जोर' देने की बात कही। भारतीय स्टेट बैंक के मुख्य आर्थिक सलाहकार ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री मोदी की अपील विदेशी मुद्रा भंडार की सुरक्षा पर केंद्रित है। इसका उद्देश्य राशनिंग थोपना नहीं है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, वर्तमान परिस्थितियों में, विदेशी मुद्रा बचाना राष्ट्र के लिए उतना ही महत्वपूर्ण हो गया है।
ईंधन बचत और डिजिटल कार्यप्रणालियां
प्रधानमंत्री मोदी ने आयातित ईंधन पर भारत की निर्भरता रेखांकित की। उन्होंने बताया कि ईंधन खपत कम करने से मूल्यवान विदेशी मुद्रा भंडार बचेगा। यह तब और महत्वपूर्ण है जब वैश्विक ऊर्जा कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं। उन्होंने कोविड-19 महामारी के दौरान अपनाई गई डिजिटल कार्यप्रणालियों जैसे घर से काम और वर्चुअल बैठकों को बहाल करने का आह्वान किया। प्रधानमंत्री ने कहा, महामारी में हमने घर से काम और वर्चुअल बैठकें अपनाई थीं। राष्ट्रीय हित में इन्हें फिर प्राथमिकता देनी चाहिए।
गैर-जरूरी खर्चों पर नियंत्रण
प्रधानमंत्री मोदी ने नागरिकों से गैर-जरूरी विदेश यात्रा, डेस्टिनेशन वेडिंग और विदेशी छुट्टियों से बचने की अपील की। उन्होंने घरेलू पर्यटन और देश के भीतर समारोहों को प्रोत्साहित करने का आग्रह किया। उन्होंने लोगों से अगले एक वर्ष के लिए गैर-जरूरी सोने की खरीदारी टालने का आग्रह किया। यह विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव कम करेगा। इसके अतिरिक्त, उन्होंने परिवारों को खाद्य तेल की खपत कम करने की सलाह दी, जिससे आर्थिक स्थिरता और व्यक्तिगत स्वास्थ्य दोनों को लाभ होगा।