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नोटबंदी पर जवाब के लिए पीएम को नहीं बुलाया जाएगा: PAC

Fri, 13 Jan 2017 11:19 PM IST
एजेंसी/ नई दिल्ली
एजेंसी/ नई दिल्ली Updated Fri, 13 Jan 2017 11:19 PM IST
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PM Modi cannot be summoned over demonotisation: PAC

अपने अध्यक्ष केवी थामस के विचारों को खारिज करते हुए संसद की लोक लेखा समिति (पीएसी) ने शुक्रवार को फैसला किया कि समिति के समक्ष प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को नहीं बुलाया जाएगा। इससे पहले समिति में भाजपा सदस्यों ने कांग्रेस नेता थामस की उस टिप्पणी पर गहरी आपत्ति व्यक्त की जिसमें कहा गया था कि नोटबंदी के मुद्दे पर प्रधानमंत्री को बुलाया जा सकता है।

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यह मुद्दा उस समय सुर्खियों में आ गया था जब समिति में सत्तारूढ़ पार्टी के सदस्यों ने इस सप्ताह के शुरू में दिए गए थामस के उस बयान पर गहरी आपत्ति जताई थी कि नोटबंदी के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बुलाया जा सकता है। 
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वित्तीय समितियों और प्रधानमंत्री या मंत्रियों को बुलाने से जुड़े विषय से संबंधित नियमों पर स्पीकर के निर्देशों का जिक्र करते हुए समिति ने अपनी विज्ञप्ति में कहा कि मंत्रियों को समिति के समक्ष लेखा से जुड़े अनुमानों की जांच-परख करने के सिलसिले में साक्ष्य देने या विचार-विमर्श करने के लिए नहीं बुलाया जा सकता। समिति ने कहा कि हालांकि अध्यक्ष जब जरूरी समझे और चर्चा पूरी हो जाने पर मंत्री के साथ अनौपचारिक संवाद कर सकते हैं।

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समिति के पास प्रधानमंत्री को बुलाने का अधिकार नहीं है

PM Modi cannot be summoned over demonotisation: PAC
नरेंद्र मोदी

समिति में भाजपा सदस्य निशिकांत दूबे, भूपेंद्र यादव और किरीट सोमैया ने थामस के बयान का मुद्दा उठाया और कहा कि समिति के पास प्रधानमंत्री को बुलाने का अधिकार नहीं है। दूबे ने इससे पहले लोकसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर कहा था कि थामस की यह टिप्पणी कि नोटबंदी के मुद्दे पर मोदी को समिति के समक्ष उपस्थित होने के लिए कहा जा सकता है, यह गलत, अनैतिक और स्थापित संसदीय प्रक्रियाओं के खिलाफ है। 

समझा जाता है कि बैठक में थामस ने स्पष्ट किया कि उनके कहने का आशय यह था कि अगर सर्वसम्मत निर्णय हो तो प्रधानमंत्री को बुलाया जा सकता है। बयान में कहा गया है कि वर्तमान नियमों के अनुसार लेखा और अनुमानों पर विचार विमर्श के लिए साक्ष्य देने के संबंध में अधिकारियों को बुलाया जा सकता है, लेकिन प्रधानमंत्री या मंत्री को नहीं।

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