PM Internship Scheme: इंटर्नशिप स्कीम पर यहां तक पहुंची सरकार की तैयारी, युवाओं को जॉब देने की ये है प्लानिंग
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नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मोदी सरकार 3.0 के पहले बजट में युवाओं के लिए कई योजनाओं का ऐलान किया। इनमें से एक बड़ी स्कीम है- युवाओं को इंटर्नशिप के अवसर प्रदान करना। सूत्रों का कहना है कि सरकार के इस प्रयास के तहत मंत्रालय ने कई नए नियुक्ति की है। इनमें भारतीय कॉर्पोरेट लॉ सर्विस के अधिकारियों की एक डेडिकेटेड टीम का गठन भी शामिल है। इसी टीम को पीएम इंटर्नशिप स्कीम को लागू करने का काम सौंपा गया हैं।
लॉ सर्विस के अफसर दिल्ली में कॉर्पोरेट मंत्रालय में ही रहेंगे तैनात
मंत्रालय से जुड़े सूत्रों का कहना है कि, इस स्कीम के लिए चयन किए गए लॉ सर्विस के अफसर दिल्ली में कॉर्पोरेट मंत्रालय में ही तैनात रहेंगे। इन अधिकारियों और उनकी टीम की जिम्मेदारी इंटर्नशिप स्कीम के इम्प्लीमेंटेशन और मैनेजमेंट की देखरेख करना होगा। ये लोग इस स्कीम में शामिल होने वाली कंपनियों के साथ इसके सुचारू इंटीग्रेशन को सुनिश्चित करने का काम करेंगे। वहीं, कॉर्पोरेट मंत्रालय ने दूसरी तरफ इस स्कीम को अंतिम रूप देने के लिए दिल्ली और मुंबई में कॉर्पोरेट एचआर लीडर्स के साथ चर्चाओं का दौर शुरु कर दिया है। इन चर्चाओं में अब तक 50 प्रमुख कॉर्पोरेट हाउस शामिल हुए हैं। मंत्रालय आने वाले हफ्तों में और अन्य कंपनियों को जोड़ने की योजना बना रहा है।
सरकार की कंपनियों के साथ प्रारंभिक चर्चा में कई प्रस्ताव भी मिले हैं। इनमें पिछले तीन सालों में औसत सीएसआर खर्च के आधार पर टॉप 500 कंपनियों को एक डेडिकेटेड इंटर्नशिप पोर्टल में शामिल करने जैसे सुझाव शामिल है। वहीं, मंत्रालय भी इस बात की सिफारिश करेगा कि हर एक कंपनी को कितने इंटर्नशिप अवसर प्रदान करने चाहिए। इसके अलावा कंपनियों को स्कीम को ठीक से लागू करने के लिए एक नोडल अधिकारी भी नियुक्त करना होगा। मंत्रालय के सूत्रों का कहना है कि, प्रारंभिक चर्चाओं का दौर खत्म होने के बाद स्कीम का डिटेल फ्रेमवर्क तैयार किया जाएगा। इनमें कंपनियों के फीडबैक को भी शामिल किया जाएगा।
इस स्कीम का काम देखरेख अफसरों का कहना है कि, कॉर्पोरेट मंत्रालय इस योजना के लिए तेजी से प्रयास कर रहा हैं। मंत्रालय इस योजना से संबंधित मुद्दों और शिकायतों के समाधान के लिए एक हेल्पडेस्क सेटअप करने करने जा रहा है। इसके साथ ही मंत्रालय कंपनियों को भी इंटर्नशिप की स्किल्स और रोजगार योग्यता को बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करेगा।
शीर्ष 500 कंपनियों में युवाओं को इंटर्नशिप के लिए योजना शुरू
हाल ही में केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने घोषणा की थी कि केंद्र सरकार शीर्ष 500 कंपनियों में युवाओं को इंटर्नशिप के लिए एक योजना शुरू करेगी। कॉर्पोरेट मामलों का मंत्रालय इन कंपनियों के साथ मिलकर इंडस्ट्रियल स्किल्स ट्रेनिंग के लिए संसाधन जुटाएगा। इस योजना के तहत, इंटर्न को हर महीने लगभग 5,000 रुपये का भत्ता और एक बार में करीब 6 हजार रुपये की सहायता मिलेगी। इन इंटर्न को ट्रेनिंग देने का खर्च कंपनियां अपनी सीएसआर गतिविधियों के माध्यम से वहन करेंगी। इस योजना में कंपनियों की भागीदारी उनकी इच्छा के अनुसार है। ये इंटर्नशिप टॉप 500 कंपनियों के सप्लायर या वैल्यू चेन पार्टनर के जरिए दी जाएगी। अप्रेंटिसशिप प्रोग्राम के उलट, कंपनियों पर इंटर्न को स्थायी नौकरी देने का कोई दबाव नहीं होगा। सरकार इंटर्नशिप भत्ते का 90 प्रतिशत हिस्सा देगी, बाकी 10 प्रतिशत कंपनियां देंगी और ट्रेनिंग का खर्च कंपनियां खुद उठाएंगी।
ऐसे मिलेगी युवाओं को इंटर्नशिप
सरकार द्वारा लागू किए गए इस इंटर्नशिप प्रोग्राम का फायदा वही युवा उठा पाएंगे, जिन्होंने फुल टाइम कोर्स किया हो। कंपनियों के हिसाब से युवाओं की प्रोफाइल तैयार की जाएगी। इसके अलावा युवाओं को योग्यताओं के हिसाब से इंटर्नशिप मिलेगी। जिन छात्रों ने आईआईटी, आईआईएम और आईआईएसईआर से पढ़ाई की है, उन छात्रों को इस इंटर्नशिप योजना का लाभ नहीं मिलेगी। जिन छात्रों ने सीए और सीएमए की डिग्री ली है और जिन छात्रों के परिवार में कोई सरकारी नौकरी करता है या परिवार में कोई इनकम टैक्स देता है, उन छात्रों को भी इस इंटर्नशिप योजना का लाभ नहीं मिलेगा। साथ में केवल 21 से 24 साल के बाच के युवा ही इंटर्नशिप पा सकते हैं। हालांकि इंटर्नशिप पाने के लिए कैसे आवेदन करना है, इस बारे में सरकार की तरफ से कोई अपडेट नहीं आया है।