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PM Gift Auction : पीएम को मिले उपहारों की नीलामी, दिव्यांगों को महत्व समझाने के खास प्रबंध किए
Sat, 24 Sep 2022 02:56 PM IST
सुरेंद्र जोशी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: सुरेंद्र जोशी
Updated Sat, 24 Sep 2022 02:56 PM IST
सार
पहले ही दिन बड़ी संख्या में विद्यार्थी व अन्य दिव्यांग जन शामिल हुए और पीएम मोदी को मिले तोहफों की नीलामी के लिए लगी प्रदर्शनी का अवलोकन किया। यह अनुभव दिव्यांग मासूमों के लिए पहला और बिल्कुल अलग था।
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पीएम मोदी को मिले उपहारों की जानकारी सांकेतिक भाषा में प्राप्त करते दिव्यांग
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश और दुनिया से मिले उपहारों की नीलामी दिल्ली के नेशनल गैलरी ऑफ मॉडर्न आर्ट एनजीएमए (NGMA) में जारी है। गैलरी में यह इस तरह की लगातार चौथी प्रदर्शनी है। इस बार की प्रदर्शनी पिछली तीन वर्षों से कुछ अलग है, क्योंकि इस बार एनजीएमए ने दिव्यांगों को इन उपहारों का महत्व सांकेतिक भाषा में बताने के लिए सराहनीय पहल की है।
दिव्यांगाों के लिए इस खास पहल की शुरुआत नेशनल गैलरी ऑफ मॉडर्न आर्ट ने अंतरराष्ट्रीय सांकेतिक भाषा दिवस के अवसर पर की। इस मौके पर दिव्यांगों के लिए कई आकर्षक कार्यक्रम आयोजित किए गए। शारीरिक रूप से अक्षम लोगों के लिए आयोजित इस कार्यक्रम में संगीतमय प्रस्तुति के अलावा कठपुतली और जादू शो का भी आयोजन किया गया।
पहले ही दिन बड़ी संख्या में विद्यार्थी व अन्य दिव्यांग जन शामिल हुए और पीएम मोदी को मिले तोहफों की नीलामी के लिए लगी प्रदर्शनी का अवलोकन किया। यह अनुभव दिव्यांग मासूमों के लिए पहला और बिल्कुल अलग था। जब बच्चों ने पीएम को मिले उपहारों को सांकेतिक भाषा और अपने हाथों से छूकर उन्हें महसूस किया और उनसे जुड़ी जानकारी हासिल की।
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इन दिव्यांग बच्चों के साथ आए उनके शिक्षकों ने बताया कि इस दिन को ये बच्चे शायद ही कभी भुला पाएंगे कि उनको अपने प्रिय प्रधानमंत्री को मिले विशेष उपहारों के बारे में जानने और उन्हें महसूस करने का अवसर मिला। यह दिन उनके लिए यादगार बन गया है।
नेशनल गैलरी ऑफ मॉडर्न आर्ट की निदेशक टेम्सुनारो जमीर ने बताया सभी वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए यहां कई तरह के रचनात्मक कार्यक्रमों के आयोजन की शुरूआत की गई है। अंतरराष्ट्रीय सांकेतिक भाषा दिवस पर हमने मूक-बधिरों के लिए सांकेतिक भाषा में स्पेशल टूर्स प्रोग्राम डिजाइन किया था। इसके अलावा ऑडियो गाइड ऐप के साथ साथ ब्रेल में यहां की चुनिंदा चीजों की एक सूची भी जारी की गई।
बता दें, यह प्रदर्शनी 17 सितंबर यानी पीएम मोदी के जन्मदिन से शुरू हुई थी और 2 अक्तूबर यानी गांधी जयंती तक चलेगी। पीएम मोदी को मिले इन उपहारों की नीलामी से प्राप्त होने वाली राशि को भारत सरकार द्वारा गंगा की सफाई के लिए चलाए जा रहे कार्यक्रम ‘नमामि गंगे‘ पर खर्च किया जाएगा। इन उपहारों में 100 रुपये से लेकर 10 लाख रुपये तक की कीमत के 1200 से ज्यादा वस्तुएं प्रदर्शित की गई हैं।
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दिव्यांगाों के लिए इस खास पहल की शुरुआत नेशनल गैलरी ऑफ मॉडर्न आर्ट ने अंतरराष्ट्रीय सांकेतिक भाषा दिवस के अवसर पर की। इस मौके पर दिव्यांगों के लिए कई आकर्षक कार्यक्रम आयोजित किए गए। शारीरिक रूप से अक्षम लोगों के लिए आयोजित इस कार्यक्रम में संगीतमय प्रस्तुति के अलावा कठपुतली और जादू शो का भी आयोजन किया गया।
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पहले ही दिन बड़ी संख्या में विद्यार्थी व अन्य दिव्यांग जन शामिल हुए और पीएम मोदी को मिले तोहफों की नीलामी के लिए लगी प्रदर्शनी का अवलोकन किया। यह अनुभव दिव्यांग मासूमों के लिए पहला और बिल्कुल अलग था। जब बच्चों ने पीएम को मिले उपहारों को सांकेतिक भाषा और अपने हाथों से छूकर उन्हें महसूस किया और उनसे जुड़ी जानकारी हासिल की।
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इन दिव्यांग बच्चों के साथ आए उनके शिक्षकों ने बताया कि इस दिन को ये बच्चे शायद ही कभी भुला पाएंगे कि उनको अपने प्रिय प्रधानमंत्री को मिले विशेष उपहारों के बारे में जानने और उन्हें महसूस करने का अवसर मिला। यह दिन उनके लिए यादगार बन गया है।
नेशनल गैलरी ऑफ मॉडर्न आर्ट की निदेशक टेम्सुनारो जमीर ने बताया सभी वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए यहां कई तरह के रचनात्मक कार्यक्रमों के आयोजन की शुरूआत की गई है। अंतरराष्ट्रीय सांकेतिक भाषा दिवस पर हमने मूक-बधिरों के लिए सांकेतिक भाषा में स्पेशल टूर्स प्रोग्राम डिजाइन किया था। इसके अलावा ऑडियो गाइड ऐप के साथ साथ ब्रेल में यहां की चुनिंदा चीजों की एक सूची भी जारी की गई।
बता दें, यह प्रदर्शनी 17 सितंबर यानी पीएम मोदी के जन्मदिन से शुरू हुई थी और 2 अक्तूबर यानी गांधी जयंती तक चलेगी। पीएम मोदी को मिले इन उपहारों की नीलामी से प्राप्त होने वाली राशि को भारत सरकार द्वारा गंगा की सफाई के लिए चलाए जा रहे कार्यक्रम ‘नमामि गंगे‘ पर खर्च किया जाएगा। इन उपहारों में 100 रुपये से लेकर 10 लाख रुपये तक की कीमत के 1200 से ज्यादा वस्तुएं प्रदर्शित की गई हैं।