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Hijab Row: कर्नाटक के हिजाब विवाद पर बोले सीजेआई रमण- एक जज की तबीयत ठीक नहीं, प्रतीक्षा करें

Tue, 02 Aug 2022 05:32 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: निर्मल कांत Updated Tue, 02 Aug 2022 05:32 PM IST
सार

सीजेआई रमण ने कहा कि वह एक पीठ का गठन करेंगे। उन्होंने बताया कि न्यायाधीशों में से एक की तबीयत ठीक नहीं है, उन्होंने याचिकाकर्ता को प्रतीक्षा करने के लिए कहा। सीजेआई ने यह भी कहा कि न्यायाधीश ठीक होते तो मामला लिस्ट हो जाता।

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Plea seeking early hearing on Karnataka HC judgement for upholding Hijab ban mentioned in SC
हिजाब विवाद (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : ANI

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कर्नाटक के शैक्षणिक संस्थानों में हिजाब पर प्रतिबंध को बरकरार रखने के हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं को लेकर कहा कि वह इसके लिए एक पीठ का गठन करेगा। कोर्ट ने कहा कि न्यायाधीशों में एक अस्वस्थ हैं जिसके चलते देरी हुई। 
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वरिष्ठ वकील मीनाक्षी अरोड़ा ने भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) एनवी रमना की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष कर्नाटक हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका का उल्लेख किया। 
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सीजेआई रमण ने कहा कि वह एक पीठ का गठन करेंगे। उन्होंने बताया कि न्यायाधीशों में से एक की तबीयत ठीक नहीं है, उन्होंने याचिकाकर्ता को प्रतीक्षा करने के लिए कहा। सीजेआई ने यह भी कहा कि न्यायाधीश ठीक होते तो मामला लिस्ट हो जाता। मामले पर सीजेआई एनवी रमण,  न्यायमूर्ति कृष्ण मुरारी और न्यायमूर्ति हिमा कोहली की पीठ ने गौर किया। 
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बता दें कि विभिन्न याचिकाकर्ताओं ने कर्नाटक हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है, जो स्कूलों और कॉलेजों में ड्रेस के नियमों को सख्ती से लागू करने का निर्देश देता है। 

सुप्रीमों कोर्ट में अपीलों में एक में 'सरकारी अधिकारियों पर सौतेले व्यवहार का भी आरोप लगाया गया है, जिसमें कहा गया है कि छात्रों को अपने  विश्वास का अभ्यास करने से रोका गया है और इसके परिणाम स्वरूप अवांछित कानून और व्यवस्था की स्थिति पैदा हुई है। 


क्या है हिजाब विवाद?
बता दें कि कर्नाटक में हिजाब विवाद उस समय शुरू हुआ था, जब उडुपी के एक सरकारी स्कूल में कुछ छात्राओं को हिजाब पहनकर कक्षा में जाने पर रोक लगा दी गई थी। इसे लेकर देश के कई हिस्सों में काफी प्रदर्शन हुए थे। इसी दौरान आठ फरवरी को मांड्या में पीईएस कॉलेज के अंदर भगवा शॉल पहने लड़कों ने जयश्री राम के नारे लगाए। जिसके बाद विवाद और बढ़ गया। जय श्री राम के नारे लगाती भीड़ के सामने 19 साल की मुस्कान खान ने अल्लाह हू अकबर के नारे लगाए थे। इसके बाद मामला कर्नाटक हाईकोर्ट पहुंचा और हाईकोर्ट ने फैसला दिया था कि हिजाब इस्लाम धर्म का अभिन्न अंग नहीं है, इसलिए राज्य सरकार को इसे स्कूलों के अंदर यूनिफॉर्म का हिस्सा बनाने का निर्देश नहीं दिया जा सकता।
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