फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Plea against photo of PM Narendra Modi on Covid Vaccination Certificate Kerala High Court asks petitioner if ashamed of Prime Minister news in Hindi

केरल हाईकोर्ट: टीकाकरण प्रमाणपत्र पर पीएम की तस्वीर के खिलाफ याचिका, अदालत ने पूछा- क्या प्रधानमंत्री पर शर्म आती है?

Mon, 13 Dec 2021 05:00 PM IST
गौरव पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोच्चि
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोच्चि Published by: गौरव पाण्डेय Updated Mon, 13 Dec 2021 05:00 PM IST
सार

कोरोना टीकाकरण प्रमाणपत्र पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर को हटाने की मांग करने वाली एक याचिका दायर करने वाले से केरल हाईकोर्ट ने कई सवाल उठाए। याचिकाकर्ता ने प्रमाणपत्र पर पीएम की फोटो को मौलिक अधिकारों का हनन बताया है। उधर, बॉम्बे हाईकोर्ट में दाखिल हुई ऐसी ही याचिका पर केंद्र को हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया गया है। पढ़िए पूरा मामला...

विज्ञापन
Plea against photo of PM Narendra Modi on Covid Vaccination Certificate Kerala High Court asks petitioner if ashamed of Prime Minister news in Hindi
केरल हाईकोर्ट - फोटो : पीटीआई

विस्तार

केरल हाईकोर्ट ने सोमवार को कोरोना वायरस टीकाकरण प्रमाणपत्र पर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर हटाने की मांग करने वाली एक याचिका की विचारणीयता की जांच की। हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता से सवाल किया कि क्या आपको प्रधानमंत्री पर शर्म आती है। न्यायाधीश पीवी कुन्हिकृष्णन ने कहा कि प्रधानमंत्री का चयन देश की जनता ने किया है, प्रमाणपत्र पर उनकी तस्वीर होने में क्या गलत है।

विज्ञापन


याचिकाकर्ता के अधिवक्ता पीटर म्यलिपरंपिल ने अदालत से जब यह कहा कि अन्य देशों में ऐसा नहीं हो रहा है तो न्यायाधीश ने कहा कि उन्हें अपने प्रधानमंत्रियों पर गर्व नहीं होगा, लेकिन हमें है। उन्होंने याचिकाकर्ता से पूछा, 'आपको प्रधानमंत्री पर शर्म क्यों आती है? वह सत्ता में जनता के समर्थन से आए हैं... हमारे राजनीतिक विचार अलग-अलग हो सकते हैं, लेकिन वह फिर भी हमारे प्रधानमंत्री हैं।'
विज्ञापन


'100 करोड़ लोगों को आपत्ति नहीं फिर आपको क्यों?'
अधिवक्ता पीटर ने कहा कि प्रमाणपत्र एक निजी वस्तु है जिसमें निजी जानकारियां दर्ज होती हैं ऐसे में किसी की निजता में दखल देना अनुचित है। उन्होंने दलील दी कि प्रमाणपत्र पर प्रधानमंत्री की तस्वीर लगाना व्यक्ति की निजी जगह में दखल है। इस पर अदालत ने कहा, 'देश के 100 करोड़ से अधिक लोगों को टीकाकरण प्रमाणपत्र पर प्रधानमंत्री की फोटो से कोई आपत्ति नहीं है, फिर आपको क्यों है?' 
विज्ञापन
विज्ञापन


'प्रधानमंत्री पर गर्व निजी पसंद या नापसंद का विषय है'
एक घंटे से अधिक समय तक चली सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से पेश हुए एक अन्य अधिवक्ता अजित जॉय ने कहा कि प्रधानमंत्री पर गर्व एक निजी पसंद का विषय है। उन्होंने अदालत से कहा कि यह कोई राजनीतिक मतभेदों से संबंधित कोई मामला नहीं है, क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने ही जनता के पैसे का इस्तेमाल करते हुए प्रचार कार्यक्रमों और अभियानों के लिए दिशा-निर्देश बनाए हैं।

केंद्र सरकार ने भी जताया याचिका के खिलाफ विरोध
हाईकोर्ट ने कहा कि हम इस बात का परीक्षण करेंगे कि याचिका में कोई आधार है या नहीं, अगर इसमें कोई आधार नहीं मिलता है तो मामले को रद्द कर दिया जाएगा। उधर, केंद्र सरकार ने भी इस याचिका का विरोध करते हुए कहा कि इसे प्रचार के लिए दाखिल किया गया है। याचिकाकर्ता एक वरिष्ठ नागरिक हैं जिन्होंने आरोप लगाया है कि प्रमाणपत्र पर पीएम की तस्वीर मौलिक अधिकारों का हनन है।


बॉम्बे हाईकोर्ट में भी दाखिल हुई एक ऐसी ही याचिका
उधर, बॉम्बे हाईकोर्ट में भी यही मांग करने वाली एक याचिका दाखिल की गई है। हाईकोर्ट ने इसे एक महत्वपूर्ण मुद्दा बताते हुए केंद्र सरकार को इस संबंध में हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है। अदालत ने इसके लिए केंद्र सरकार को 23 दिसंबर तक का समय दिया है। इस याचिका में टीकाकरण प्रमाणपत्र से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर और उनका नाम हटाने की मांग की गई है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed