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नितिन गडकरी बोले: गाड़ियों में हॉर्न की जगह बजेगा भारतीय संगीत, कर रहा हूं अध्ययन 

Mon, 04 Oct 2021 11:08 PM IST
Amit Mandal पीटीआई, नासिक/दिल्ली
पीटीआई, नासिक/दिल्ली Published by: Amit Mandal Updated Mon, 04 Oct 2021 11:08 PM IST
सार

नासिक में एक कार्यक्रम में नितिन गडकरी ने कहा कि मैंने लाल बत्ती बंद कर दी है। अब मैं इन सायरन को भी खत्म करना चाहता हूं।

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Planning law to use sound of Indian musical instruments only for horns of vehicles: Gadkari
Nitin Gadkari - फोटो : PTI

विस्तार

केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने सोमवार को कहा कि वह एक ऐसा कानून लाने की योजना बना रहे हैं जिसके तहत वाहनों के हॉर्न के रूप में भारतीय संगीत वाद्ययंत्रों की आवाज का इस्तेमाल किया जा सकता है। नासिक में एक राजमार्ग के उद्घाटन समारोह में बोलते हुए गडकरी ने कहा कि वह एम्बुलेंस और पुलिस वाहनों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले सायरन का भी अध्ययन कर रहे हैं और उन्हें ऑल इंडिया रेडियो पर बजने वाले एक अधिक सुखद धुन के साथ बदल रहे हैं।

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गडकरी ने कहा कि उन्होंने लाल बत्ती बंद कर दी है। अब मैं इन सायरन को भी खत्म करना चाहता हूं। अब मैं एम्बुलेंस और पुलिस द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले सायरन का अध्ययन कर रहा हूं।
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एक कलाकार ने आकाशवाणी (ऑल इंडिया रेडियो) की एक धुन की रचना की और इसे सुबह-सुबह बजाया गया। मैं उस धुन को एंबुलेंस के लिए इस्तेमाल करने की सोच रहा हूं ताकि लोगों को अच्छा लगे। यह बहुत परेशान करने वाला है, खासकर मंत्रियों के गुजरने के बाद सायरन का इस्तेमाल पूरी मात्रा में किया जाता है। इससे कानों को भी नुकसान पहुंचता है।
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उन्होंने कहा, मैं इसका अध्ययन कर रहा हूं और जल्द ही एक कानून बनाने की योजना बना रहा हूं कि सभी वाहनों के हॉर्न भारतीय संगीत वाद्ययंत्रों में हों ताकि ये सुनने में अच्छा लगे जैसे कि बांसुरी, तबला, वायलिन, माउथ ऑर्गन, हारमोनियम आदि। 
 

सड़क दुर्घटना के पीड़ितों को अस्पताल पहुंचाने वाले मददगार को 5,000 रुपये

वहीं, सड़क मंत्रालय ने सोमवार को कहा कि सड़क दुर्घटना के पीड़ितों को गंभीर चोट लगने के एक घंटे के भीतर अस्पताल पहुंचाने वाले मददगारों के लिए एक योजना शुरू की गई है। इसके तहत ऐसे लोगों को 5 हजार रुपये का नकद पुरस्कार दिया जाएगा। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रधान सचिवों और परिवहन सचिवों को लिखे पत्र में कहा कि यह योजना 15 अक्तूबर 2021 से 31 मार्च 2026 तक प्रभावी होगी।

मंत्रालय ने सोमवार को ‘नेक मददगार को पुरस्कार देने की योजना’ के लिए दिशानिर्देश जारी किए। मंत्रालय ने कहा कि इस योजना का मकसद सड़क दुर्घटना पीड़ितों की मदद करने के लिए आम जनता को प्रेरित करना है। नकद पुरस्कार के साथ एक प्रमाण पत्र भी दिया जाएगा। मंत्रालय ने कहा कि इस पुरस्कार के अलावा राष्ट्रीय स्तर पर 10 सबसे नेक मददगारों को एक-एक लाख रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा।

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