फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Piyush Goyal said that Railway Ministry has no intention of handing over the stations to private investors

निजीकरण: स्टेशन पट्टे पर, स्वामित्व रेलवे का, तर्क- यात्रियों को विश्वस्तरीय सुविधा मिलेगी

Mon, 29 Mar 2021 06:10 AM IST
Jeet Kumar अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली। Published by: Jeet Kumar Updated Mon, 29 Mar 2021 06:10 AM IST
सार

  • रेलवे यूनियन का कहना है कि पूरी तैयारी के साथ सरकार रेलवे को निजी हाथों में सौंपने जा रही है।
  • रेल मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि रेल मंत्रालय का स्टेशनों को निजी निवेशकों को सौंपने का कोई इरादा नहीं है।

विज्ञापन
Piyush Goyal said that Railway Ministry has no intention of handing over the stations to private investors
Piyush Goyal - फोटो : पीटीआई

विस्तार

संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण में रेलवे के निजीकरण का मुद्दा जोर-शोर से उठा। ट्रेनों और रेलवे स्टेशनों को निजी हाथों में सौंपने पर सदन में सदस्यों ने सवाल पूछे। तारांकित प्रश्न भी सांसदों ने निजीकरण को लेकर ही किए।

विज्ञापन


लिखित प्रश्नों के जवाब में केंद्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि स्टेशनों के निजीकरण करने का कोई प्रस्ताव नहीं है। निजी पार्टियों को सिर्फ पट्टा अधिकार हस्तांतरित किए जाएंगे। अवधि समाप्त होने के बाद भूमि वापस हो जाएगी। वहीं, रेलवे यूनियन का कहना है कि पूरी तैयारी के साथ सरकार रेलवे को निजी हाथों में सौंपने जा रही है।

विज्ञापन


संसद में उठे सवाल पर रेल यात्रियों में निजीकरण बहस का मुद्दा बना हुआ है। यह भी चर्चा है कि क्या स्टेशन पर भी एयरपोर्ट की तरह यूजर चार्ज वसूला जाएगा? एक ओर भोपाल के हबीबगंज स्टेशन पर पार्किंग शुल्क का विरोध जताया जा रहा है तो दूसरी ओर स्टेशनों पर सस्ती दरों में खाना परोसने वाले छोटे वेंडरों को भी रोजगार छिनने का डर सता रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


हालांकि, संसद के सदस्य चन्देश्वर प्रसाद व मनोज तिवारी द्वारा स्टेशनों को निजीकृत करने के सवाल के जवाब में रेल मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि रेल मंत्रालय का स्टेशनों को निजी निवेशकों को सौंपने का कोई इरादा नहीं है।

उन्होंंने कहा स्टेशनों का स्वामित्व रेलवे के पास ही रहेगा। स्टेशन पुनर्विकास कार्यक्रम के तहत निर्धारित अवधि के लिए पट्टा हस्तांतरण किया जा रहा है। मुसाफिरों को अच्छी सहूलियतें मिलें, रेलवे के जरिये अर्थव्यवस्था को मजबूती मिले, ऐसे कामों के लिए निजी निवेश देशहित में होगा।

आदर्श स्टेशन योजना से यात्रियों को मिली सुविधा : रेलवे
रेलवे का कहना है कि आदर्श स्टेशन योजना के तहत स्टेशनों पर यात्री सुविधा उपलब्ध कराई जा रही हैं। बेहतर सुविधा के लिए स्टेशनों का आधुनिकीकरण किया जा रहा है। इस योजना के तहत भारतीय रेल में विकसित करने के लिए 1253 स्टेशनों की पहचान की है।

इसमें 1201 स्टेशन विकसित किए जा चुके हैं। शेष 52 स्टेशनों को 2021-22 तक विकसित करने की योजना है। इसके तहत स्टेशन भवन के अग्रभाग में सुधार, विश्राम कक्ष, प्रतीक्षा कक्ष, नहाने की सुविधा के साथ, महिलाओं के लिए अलग से प्रतीक्षा कक्ष, कंप्यूटर आधारित जन उद्घोषणा प्रणाली, परिचालन क्षेत्र का भू-निर्माण, संकेतक, पे एंड यूज टॉयलेट, वाटर कूलर, उच्च सतह वाले प्लेटफार्म, ऊपरी पैदल पुल, दिव्यांगजनों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए स्टेशन के प्रवेश द्वार पर रैंप जैसी सुविधाएं स्टेशनों पर मुहैया कराई जा रही हैं। यूनियन ने कहा, रेल यात्रियों की सुविधा के लिए बनी थी, जिसे बिजनेस सेंटर बनाया जा रहा है

निजी भागीदारी के तहत स्टेशनों का पुनर्विकास

रेल मंत्रालय सार्वजनिक निजी भागीदारी के तहत निजी निवेशकों के सहयोग से रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास के लिए प्रयासरत है। हबीबगंज रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास का कार्य अंतिम चरण में है। यह देश का पहला प्राइवेट स्टेशन होगा। गोमतीनगर स्टेशन का पुनर्विकास काम भी तेजी से चल रहा है।

इनके अलावा अमृतसर, नागपुर, साबरमती, ग्वालियर, पुड्डुचेरी, तिरुपति, नेल्लोर और देहरादून स्टेशन के विकास के लिए निजी भागीदारी को अंतिम रूप दे दिया गया है।

इनके लिए अनुरोध किया आमंत्रित
नई दिल्ली, छत्रपति शिवाजी टर्मिनल मुंबई और केरल के एर्णाकुलम स्टेशन के लिए निजी निवेशकों से अनुरोध आमंत्रित किया गया है। इसी तरह दिल्ली के सफदरजंग स्टेशन व नागपुर स्टेशन के पुनर्विकास के लिए भी ठेका दिया गया है।

किसानों की तरह रेलकर्मी भी करेंगे आंदोलन
रेल मंत्रालय पूरे भारतीय रेलवे को बेचने पर आमदा है। संसद को गुमराह किया जा रहा है। स्टेशन डेवलपमेंट अथॉरिटी इसी वजह से बनाई गई है कि स्टेशनों को बेच सके। एक तरह से कॉरपोरेशन बनाया जा रहा है।

लंदन में भी इसी तरह से 26 प्राइवेट कंपनियों के सुपुर्द रेल को किया गया था, जिसे वापस लेना पड़ा। रेलवे में डीजल इंजन की सप्लाई भी इंडियन ऑयल से छीनकर रिलायंस को दे दिया गया। संसद में

रेल मंत्री यह कहते हैं कि जिस तरह सड़क पर प्राइवेट वाहन चलते हैं तो उसी तरह रेल ट्रैक पर भी प्राइवेट ट्रेन चलेंगी। उन्हें यह समझना चाहिए कि सड़क और रेल में फर्क है। रेल यात्रियों की सुविधा के लिए बिजनेस सेंटर नहीं है। स्टेशनों को निजी हाथों में सौंपने से यूजर चार्ज ही नहीं प्लेटफार्म टिकट, यात्रा टिकट, यात्री विश्रामालय, प्रतीक्षालय, रिटायरिंग रूम, पार्किंग शुल्क सभी महंगे हो जाएंगे। आम आदमी की परेशानी बढ़ेगी। कोरोना संक्रमण कम होने के साथ ही किसान आंदोलन की तरह ही रेलकर्मी भी आंदोलन करेंगे। - बीसी शर्मा, महासचिव उत्तरीय रेलवे मजदूर यूनियन

बिल्डर सिर्फ पैसा कमाएंगे, यात्रियों को नहीं मिलेगी सहूलियत
रेल मंत्रालय सुविधा के नाम पर यात्रियों को लूटने के लिए निजीकरण का प्रस्ताव लेकर आया है। स्टेशनों को पुनर्विकास के लिए निजी हाथों में बड़े-बड़े बिल्डरों को सौंपा जा रहा है। पट्टे की अवधि 60 साल तक कर दी गई है। बिल्डरों को रिहायशी इलाका भी विकसित करने की छूट है। ऐसे में बिल्डर सिर्फ पैसा कमाएंगे और यात्रियों को सहूलियत नहीं मिलेगी। निजीकरण हुआ तो दिव्यांग, कैंसर मरीज, स्पोर्ट्स कोटा समेत अन्य छूट खत्म कर दी जाएगी। प्लेटफार्म टिकट 100 रुपये में मिलेगा। पार्किंग चार्ज बढ़ जाएगा, जैसा कि हबीबगंज में देखा जा रहा है। खाने-पीने के सामान मल्टीनेशनल कंपनियों के हाथ में चले जाएंगे। 10 रुपये में पूड़ी-सब्जी से पेट भरने वाले यात्रियों को 100 रुपये से नीचे खाना नहीं मिलेगा।
- एसएन मलिक, प्रवक्ता नेशनल फेडरेशन ऑफ इंडियन रेलवे मैन

रेलवे का तर्क

  • यात्रियों को विश्वस्तरीय सुविधा मिलेगी।
  • रेलवे के जरिये अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। nनिजी निवेश देशहित में होगा। 
  • पट्टे की अवधि खत्म होने भूमि वापस हो जाएगी। nना तो यात्री सुविधा में कटौती होगी और ना ही यात्रा किराया बढ़ेगा।
  • यूजर चार्ज भी निर्माण के दौरान लिया जाएगा, वो भी मामूली।


यूनियन का तर्क

  • प्लेटफार्म टिकट अभी 50 रुपया है, जो बाद में 100 रुपये हो जाएगा।
  •  निवेशकों को गरीब यात्रियों से कोई लेना-देना नहीं होगा। मुनाफा कमाने पर फोकस होगा।
  • पार्किंग चार्ज, वेटिंग रूम चार्ज, रिटायरिंग रूम चार्ज बढ़ जाएगा।
  • आम आदमी की परेशानी बढ़ेगी।
  • जिस स्टेशन को निजी हाथों में सौंपा जाएगा वहां के आसपास के अभी तक के विकास प्रभावित होंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed