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Pixxel: स्टार्टअप पिक्सल के उपग्रह को 2025 तक लॉन्च कर सकती है वायुसेना, सीमाओं की निगरानी होगी मजबूत
Sun, 07 Jul 2024 10:41 AM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नितिन गौतम
Updated Sun, 07 Jul 2024 10:41 AM IST
सार
अवैस अहमद का कहना है कि 'हमें 2025 के मध्य में उपग्रह को अंतरिक्ष में भेजने की योजना बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि पिक्सल का काम उपग्रह (सैटेलाइट) का निर्माण करना और उसे भारतीय वायुसेना को सौंपना है।
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वायुसेना ने पिक्सल के साथ किया समझौता
- फोटो : एएनआई
विस्तार
भारतीय वायुसेना अंतरिक्ष स्टार्ट-अप पिक्सल साल 2025 के मध्य तक वायुसेना को उपग्रह सौंप देगा, जिसके बाद वायुसेना 2025 के मध्य या अंत तक इसे लॉन्च कर सकती है। इससे देश की सीमाओं की निगरानी करने की वायुसेना की क्षमता में इजाफा होगा। बता दें कि भारतीय वायुसेना ने बंगलूरू स्थित कंपनी पिक्सल स्पेस के साथ एक अनुबंध पर हस्ताक्षर किए हैं।
2025 के मध्य में सैटेलाइट लॉन्च की योजना
पिक्सल की स्थापना बिट्स पिलानी के युवा उद्यमियों अवैस अहमद और क्षितिज खंडेलवाल ने उच्च शिक्षा प्राप्त करने के दौरान की थी। अवैस अहमद का कहना है कि 'हमें 2025 के मध्य में उपग्रह को अंतरिक्ष में भेजने की योजना बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि पिक्सल का काम उपग्रह (सैटेलाइट) का निर्माण करना और उसे भारतीय वायुसेना को सौंपना है। इन सैटेलाइट का मुख्य काम देश की सीमाओं की निगरानी करना है। पिक्सल ने लघु बहु-पेलोड उपग्रहों की आपूर्ति के लिए वायु सेना के साथ iDEX के तहत अनुबंध पर हस्ताक्षर किए हैं।
यह अनुबंध इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल, इन्फ्रारेड, सिंथेटिक एपर्चर रडार और हाइपर-स्पेक्ट्रल उद्देश्यों के लिए 150 किलोग्राम तक के छोटे उपग्रहों को विकसित करने के लिए किया गया है। साल 2019 में अपनी स्थापना के बाद से, पिक्सल ने 7.1 करोड़ डॉलर का वित्तपोषण जुटाया है। कंपनी का मानना है कि यह फंडिंग इसके 24 उपग्रहों के प्रक्षेपण को कवर करने के लिए पर्याप्त है। कंपनी की योजना इस साल छह और अगले साल 18 सैटेलाइट लॉन्च करने की है।
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जल्द ही एक माउस क्लिक पर अपने आसपास की सैटेलाइट तस्वीर देख पाएंगे
क्या आप अपने घर के आसपास की सैटेलाइट तस्वीर चाहते हैं? तो यह जल्द ही संभव हो सकता है क्योंकि बंगलूरू स्थित अंतरिक्ष स्टार्ट-अप पिक्सल अपने उपग्रहों द्वारा ली गई पृथ्वी की तस्वीरों को ब्राउज़ करने और कस्टमाइज़्ड तस्वीरों के लिए एक ऑनलाइन सॉफ़्टवेयर लॉन्च करने की योजना बना रहा है।
पिक्सल स्पेस के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और सह-संस्थापक अवैस अहमद ने कहा कि स्टार्ट-अप का पृथ्वी अवलोकन स्टूडियो 'ऑरोरा' अंतरिक्ष-आधारित डेटा को बेहद कम शुल्क पर आम लोगों के लिए सुलभ बनाने के प्रयासों का हिस्सा है। पिक्सल का पृथ्वी अवलोकन स्टूडियो इस साल के अंत में लाइव होने की उम्मीद है और इसके उपग्रहों द्वारा ली गई पृथ्वी की हाइपर-स्पेक्ट्रल तस्वीरें और डेटा विश्लेषण सभी के लिए सुलभ होंगे।
पिक्सेल ने दो उपग्रहों - शकुंतला और आनंद को लॉन्च किया है - दोनों ही 200 से अधिक तरंग दैर्ध्य में पृथ्वी की छवियों को कैप्चर करते हैं और ग्रह पर होने वाले सूक्ष्म परिवर्तनों का पता लगाते हैं। अहमद ने कहा, 'इस साल अक्टूबर या नवंबर में, कोई भी हमारी वेबसाइट, Pixel.Space/Aurora पर ऑनलाइन अकाउंट बनाकर हमारे उपग्रहों द्वारा ली गई पृथ्वी की तस्वीरों को देख सकेगा।' एलन मस्क के स्पेसएक्स और इसरो के पीएसएलवी द्वारा प्रक्षेपित दो उपग्रह - शकुंतला और आनंद - पाथफाइंडर अंतरिक्ष यान थे, जो उच्च गुणवत्ता वाली हाइपर-स्पेक्ट्रल तस्वीरें देने की कंपनी की क्षमताओं को प्रदर्शित करते हैं।
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2025 के मध्य में सैटेलाइट लॉन्च की योजना
पिक्सल की स्थापना बिट्स पिलानी के युवा उद्यमियों अवैस अहमद और क्षितिज खंडेलवाल ने उच्च शिक्षा प्राप्त करने के दौरान की थी। अवैस अहमद का कहना है कि 'हमें 2025 के मध्य में उपग्रह को अंतरिक्ष में भेजने की योजना बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि पिक्सल का काम उपग्रह (सैटेलाइट) का निर्माण करना और उसे भारतीय वायुसेना को सौंपना है। इन सैटेलाइट का मुख्य काम देश की सीमाओं की निगरानी करना है। पिक्सल ने लघु बहु-पेलोड उपग्रहों की आपूर्ति के लिए वायु सेना के साथ iDEX के तहत अनुबंध पर हस्ताक्षर किए हैं।
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यह अनुबंध इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल, इन्फ्रारेड, सिंथेटिक एपर्चर रडार और हाइपर-स्पेक्ट्रल उद्देश्यों के लिए 150 किलोग्राम तक के छोटे उपग्रहों को विकसित करने के लिए किया गया है। साल 2019 में अपनी स्थापना के बाद से, पिक्सल ने 7.1 करोड़ डॉलर का वित्तपोषण जुटाया है। कंपनी का मानना है कि यह फंडिंग इसके 24 उपग्रहों के प्रक्षेपण को कवर करने के लिए पर्याप्त है। कंपनी की योजना इस साल छह और अगले साल 18 सैटेलाइट लॉन्च करने की है।
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क्या आप अपने घर के आसपास की सैटेलाइट तस्वीर चाहते हैं? तो यह जल्द ही संभव हो सकता है क्योंकि बंगलूरू स्थित अंतरिक्ष स्टार्ट-अप पिक्सल अपने उपग्रहों द्वारा ली गई पृथ्वी की तस्वीरों को ब्राउज़ करने और कस्टमाइज़्ड तस्वीरों के लिए एक ऑनलाइन सॉफ़्टवेयर लॉन्च करने की योजना बना रहा है।
पिक्सल स्पेस के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और सह-संस्थापक अवैस अहमद ने कहा कि स्टार्ट-अप का पृथ्वी अवलोकन स्टूडियो 'ऑरोरा' अंतरिक्ष-आधारित डेटा को बेहद कम शुल्क पर आम लोगों के लिए सुलभ बनाने के प्रयासों का हिस्सा है। पिक्सल का पृथ्वी अवलोकन स्टूडियो इस साल के अंत में लाइव होने की उम्मीद है और इसके उपग्रहों द्वारा ली गई पृथ्वी की हाइपर-स्पेक्ट्रल तस्वीरें और डेटा विश्लेषण सभी के लिए सुलभ होंगे।
पिक्सेल ने दो उपग्रहों - शकुंतला और आनंद को लॉन्च किया है - दोनों ही 200 से अधिक तरंग दैर्ध्य में पृथ्वी की छवियों को कैप्चर करते हैं और ग्रह पर होने वाले सूक्ष्म परिवर्तनों का पता लगाते हैं। अहमद ने कहा, 'इस साल अक्टूबर या नवंबर में, कोई भी हमारी वेबसाइट, Pixel.Space/Aurora पर ऑनलाइन अकाउंट बनाकर हमारे उपग्रहों द्वारा ली गई पृथ्वी की तस्वीरों को देख सकेगा।' एलन मस्क के स्पेसएक्स और इसरो के पीएसएलवी द्वारा प्रक्षेपित दो उपग्रह - शकुंतला और आनंद - पाथफाइंडर अंतरिक्ष यान थे, जो उच्च गुणवत्ता वाली हाइपर-स्पेक्ट्रल तस्वीरें देने की कंपनी की क्षमताओं को प्रदर्शित करते हैं।