फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Pinaka missiles and Smerch rocket launcher system deployed at LAC

सेना की ताकत: पूर्वोत्तर में चीन को करारा जवाब देने की तैयारी, एलएसी पर पिनाक और स्मर्च तैनात

Fri, 22 Oct 2021 05:26 PM IST
Amit Mandal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Amit Mandal Updated Fri, 22 Oct 2021 05:26 PM IST
सार

सेना के मुताबिक, यह समुद्र तल से 38 किलोमीटर तक के लक्ष्य को भेद सकती है। ऊंचाई पर इसकी मारक क्षमता और कारगर हो जाती है।  पिनाक नाम भगवान शिव के धनुष का था।

विज्ञापन
Pinaka missiles and Smerch rocket launcher system deployed at LAC
पिनाक गाइडेड मिसाइल - फोटो : पीटीआई

विस्तार

भारतीय सेना ने पूर्वी लद्दाख के बाद अब पूर्वोत्तर में भी एलएसी पर चीन की आक्रामकता का करारा जवाब देने की तैयारी कर ली है। समाचार एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय सेना ने वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर किसी भी खतरे से निपटने के लिए चीन की सीमा के पास फॉरवर्ड पोजिशन पर पिनाक और स्मर्च मल्टीपल राकेट लांचर सिस्टम को तैनात किया है। हाल ही में सेना ने अरुणाचल प्रदेश में एलएसी पर अपनी तैनाती बढ़ाई थी।  
विज्ञापन


38 किलोमीटर तक के इलाके में मारक 
पिनाक हथियार प्रणाली एक राकेट आर्टिलरी सिस्टम है जो 38 किलोमीटर तक के इलाके में दुश्मन को निशाना बना सकती है। ऊंचाई वाले सीमाई क्षेत्र में इसकी तैनाती का मकसद सेना की क्षमताओं को मजबूत करना है। एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक पिनाक के छह लांचरों की एक बैटरी 44 सेकंड में 72 राकेटों का सैल्वो फायर कर सकती है। ये 1000 x 800 मीटर के दायरे में दुश्मन के टैंकों और दूसरे हथियारों को बर्बाद कर सकता है।
विज्ञापन


ऊंचाई पर अधिक कारगर
इस हथियार प्रणाली की तैनाती पर बैटरी कमांडर लेफ्टिनेंट कर्नल सरथ ने एएनआई को बताया कि पिनाक हथियार प्रणाली रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) द्वारा डिजाइन किया गया स्वदेशी मल्टी राकेट लॉन्चर सिस्टम है। यह अत्याधुनिक और पूरी तरह से स्वायत्त हथियार प्रणाली है। यह समुद्र तल से 38 किलोमीटर तक के लक्ष्य को भेद सकती है। ऊंचाई पर इसकी मारक क्षमता और कारगर हो जाती है। इसकी तैनाती से सेना की स्ट्राइक क्षमता में काफी बढ़ोतरी हुई है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


एक नजर में पिनाक
1986 में शुरू किया गया था सिस्टम का निर्माण
214 मिमी बैरल वाले 12 रॉकेट से लैस है सिस्टम
250 किलोग्राम होता है इसके हर वारहेड का वजन
80 किमी/घंटा की गति से करता है लक्ष्य पर हमला
40 किलोमीटर है पिनाक मार्क-1 संस्करण की मारक दूरी
65 किलोमीटर थी पिनाक मार्क-2 की शुरुआती मारक दूरी
70 किलोमीटर किया गया था इसे बढ़ाकर मई, 2018 में
75 किलोमीटर हो गई है नए नेविगेशन के बाद इसकी मारक दूरी
120 किलोमीटर मारक दूरी वाले पिनाक मार्क-3 का विकास जारी
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed