एक ओर पूरा देश कोरोना वायरस के संकट से जूझ रहा है तो दूसरी ओर प्राकृतिक आपदाएं आम जनजीवन पर दोहरी मार की तरह पड़ रही हैं। पहले पश्चिम बंगाल और ओडिशा में चक्रवात अम्फान ने कहर बरपाया तो अब महाराष्ट्र और गुजरात चक्रवात निसर्ग से जूझ रहे हैं।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) का कहना है कि 120 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार वाली हवाओं के साथ बुधवार की दोपहर महाराष्ट्र के तट पर पहुंचा भीषण चक्रवात निसर्ग अब कमजोर पड़ने लगा है और शाम तक इसकी तीव्रता और घट गई है। तस्वीरों में देखिए कैसा रहा निसर्ग के दौरान माहौल...
चक्रवात निसर्ग की सबसे ज्यादा मार मछुआरों पर पड़ी है। उन्हें खुद और परिवार को तो सुरक्षित स्थानों पर ले ही जाना पड़ा साथ में उनकी आजीविका का साधन नावों की सुरक्षा भी उतनी ही जरूरी थी यह तस्वीर ठाणे के उत्तम में चक्रवात निसर्ग से भूस्खलन होने के बाद में नाव को सुरक्षित स्थान पर ले जाते मछुआरों की है।
देश में फिलहाल संकट का सबब बने कोरोना वायरस से देश में महाराष्ट्र सबसे ज्यादा प्रभावित राज्य है। ऐसे में चक्रवात निसर्ग महाराष्ट्र की तटीय आबादी के लिए बड़ा संकट बन गया। बांद्रा में अरब सागर के किनारे पर बने झोपड़े के पास खड़ा एक व्यक्ति और पीछे समुद्र में उठती तेज लहरें।
तूफान निसर्ग दोपहर करीब एक बजे महाराष्ट्र तट से टकराया और अगले तीन घंटे तक लैंडफॉल प्रक्रिया चली। इसी के साथ रत्नागिरी, सिंधुदुर्ग, अलीबाग सहित कई इलाकों में तेज बारिश और हवाओं का दौर शुरू हो गया। सुरक्षित स्थानों पर ले जाने के बाद नाव में से पानी निकालते मछुआरे।
महाराष्ट्र में रत्नागिरि नर्मदा सीमेंट पोर्ट पर चक्रवात निसर्ग के दौरान एक जहाज से टकराती लहरें।