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कभी पीने के पानी की समस्या से जूझता था बुंदेलखंड, आज 90 प्रतिशत से अधिक घरों तक पहुंच रहा है स्वच्छ पेयजल

Tue, 02 Jan 2024 08:13 PM IST
Media Solutions Initiative Published by: मार्केटिंग डेस्क Updated Tue, 02 Jan 2024 08:13 PM IST
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Picture of Bundelkhand changed due to Uttar Pradesh Government's Jal Jeevan Mission and Har Ghar Jal Yojana.
बुंदेलखंड की बदली तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

बुंदेलखंड उत्तर प्रदेश का एक बड़ा क्षेत्र है, जहां पर करोड़ों लोग रहते हैं। यहां के गांव में रहने वाले लोगों के लिए पीने का पानी एक बहुत बड़ी समस्या हुआ करती थी। बुंदेलखंड में रहने वाले लोगों की तीन पीढ़ियां यहां पानी लाने की जद्दोजहद में गुजर गईं हैं। वर्षों से महिलाएं यहां कई किमी दूर से सिर पर पानी ढोकर लाया करती थीं। 

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सुबह 4 बजे से शुरू होने वाला ये सिलसिला देर शाम तक बदस्तूर जारी रहता था, लेकिन पीने के पानी की इस जद्दोजहद के बीच उम्मीद की किरण उनके जीवन में खुशियों का संदेश लेकर आई हैं।
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जब वर्ष 2019 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी योजना जल जीवन मिशन की घोषणा हुई और उसका लाभ उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने गांव-गांव तक पहुंचाने का संकल्प लिया। खासकर बुंदेलखंड के सात जिलों को सबसे पहले इस योजना का लाभ देने के लिए चुना गया। यही वो समय था, जब बदलाव की चली हवा बुंदेलखंड के लोगों के लिए उम्मीद में बदल गई हैं। 
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इस जल जीवन मिशन का मुख्य लक्ष्य दिसम्बर 2023 तक बुंदेलखंड के हर घर तक नल से जल पहुंचाना है। इस योजना के तहत मात्र चार वर्षों में ही बुंदेलखंड और विंध्य के घर-घर में नल से स्वच्छ पेयजल पहुंच रहा हैं। 
 
कभी पीने के पानी की समस्या से जूझता था बुंदेलखंड
बुंदेलखंड में पीने का पानी वाली समस्या इतनी विकट थी कि इसकी के कारण यहां के लोग अपनी लड़कियों की शादी नहीं करते थे। साथ ही यहां रहने वाले लोगों की तीन पीढ़ियों पानी लाने की जद्दोजहद में ही अपनी जिंदगी गुजार दी। मगर आज उसी बुंदेलखंड में जल जीवन मिशन की योजना खुशियों की सौगात लाई है। जिसके तहत हर घर में नल हो और उसमें से आता स्वच्छ पेयजल हो, इसका सपना साकार हुआ है। साथ ही जल जनित बीमारियों में कमियां आने से यहां के लोगों का स्वस्थ जनजीवन भी बना है। पीएम मोदी के मार्गदर्शन और सीएम योगी के नेतृत्व में यूपी के बुंदेलखंड और विंध्य की तस्वीर बदली है। विंध्य क्षेत्र के मिर्जापुर (3,38,589) और सोनभद्र (1,98,766) में कुल 5,37,355 से अधिक परिवारों तक पहुंचे फंक्शनल हाउस होल्ड टेप कनेक्शन।

26 दिसंबर 2023 तक बुंदेलखंड के इन जिलों में इतने परिवारों तक पहुंचा है पानी 

जिला एफएचटीसी की संख्या परिवारों तक पहुंचे नल कनेक्शन
महोबा 1,32,489 1,29,263
झांसी 2,51,217 2,42,240
ललितपुर 2,06,607 2,01,143
चित्रकूट 1,63,660 1,52,290
बांदा 2,68,864 2,56,945
जालौन 2,12,020 1,89,244
हमीरपुर 1,84,927 1,65,281


बुंदेलखंड पाइप पेयजल परियोजना

  • बुदेलखंड के 13,36,406 ग्रामीण परिवारों तक पहुंचे नल कनेक्शन
  • 7 शहरों (झांसी, ललितपुर, जालौन, हमीरपुर, बांदा, चित्रकूट, महोबा) में जल जीवन मिशन की योजनाओं पर चल रहा काम
  • बुंदेलखंड क्षेत्र में 35 परियोजनाओं के तहत कुल 71 योजनाएं हो रहीं संचालित
  • बुंदेलखंड क्षेत्र में जल जीवन मिशन की परियोजनाओं के तहत 41 इंटेक वेलए, 41 डब्ल्यूटीपीए, 331 सीडब्ल्यूआर और 1258 ओएचटी हैं।
  • बुंदेलखंड के जिलों में बेतवा यमुना और सोन नदियों का जल स्त्रोत के रूप में हो रहा उपयोग
  • जल जीवन मिशन स्कीम में 35 डैम के पानी का हो रहा उपयोग

Picture of Bundelkhand changed due to Uttar Pradesh Government's Jal Jeevan Mission and Har Ghar Jal Yojana.
स्थानीय लोगों को मिला रोजगार - फोटो : सोशल मीडिया

जल जीवन मिशन : बीमारियों से लड़ाई का बड़ा अभियान
शुद्ध पानी से दांतों की उम्र बढ़ने के साथ त्वचा रोगों से भी छुटकारा मिल रहा है। उल्टी, दस्त, हैजा, टाइफाइड, मलेरिया, डेंगू, दांत, हड्डी, किडनी, लीवर व पाचन तंत्र से जुड़ी बीमारियों का खतरा कम हो रहा है।

बुंदेलखंड में जल जीवन मिशन से खुल रहे हैं रोजगार के अवसर 
सूखाग्रस्त कहलाने वाले बुंदेलखंड के गांवों में घर-घर तक पेजयल पहुंचने के रास्ते खुल गए हैं। साथ ही गांव के लोगों को यहां बनाई गई परियोजनाओं में पंप ऑपरेटर, मोटर मैकेनिक, फिटर, इलेक्ट्रीशियन और मेसन के रूप में काम भी मिलने लगा है। हर घर जल योजना के तहत प्रत्येक ग्रामीण को प्रतिदिन 55 लीटर पानी की आपूर्ति की जाती है। जन-जन को शुद्ध पेयजल का लाभ पहुंचाने के साथ ही सरकार स्कूली बच्चों के भविष्य और महिलाओं के जीवन को संवारने और उनके स्वास्थ्य का ध्यान भी रख रही है। ग्रामीण महिलाओं को स्वावलंबी बनाने के साथ ही स्वच्छ पेयजल के लिए हर गांव से 5 महिलाओं को जल जांच का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। महिलाएं गांव में फील्ड टेस्ट किट से पानी की जांच कर रही है।
 
जल जीवन मिशन योजना बनी रिश्तों की लाइफ लाइन
बुंदेलखंड के महोबा, ललितपुर, हमीरपुर, जालौन, चित्रकूट, बांदा, झांसी में कुछ ऐसे गांव थे, जहां जल संकट की वजह से लोग अपनी लड़कियों की शादी नहीं करते थे। जल जीवन मिशन योजना पहुंचने के बाद स्थितियां बदलीं और स्वच्छ पेयजल पहुंचने लगा है। ऐसे गांवों के लिए जल जीवन मिशन योजना रिश्तों की लाइफ लाइन बनी है। पथरीली जमीनों पर पीने के पानी के लिए पाइप लाइन बिछाने, गांव-गांव पानी टंकियों को बनाने, वाटर ट्रीटमेंट प्लांट बनाने, जल स्त्रोतों को बढ़ाने और घर-घर तक नल से जल पहुंचाने का काम तेजी से किया गया है।

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जल जीवन मिशन - फोटो : सोशल मीडिया

बुंदेलखंड में हर घर में शुद्ध पेयजल का सपना हो रहा पूरा
जल जीवन मिशन की योजना पहुंचने से वर्षों से बूंद-बूंद पानी को तड़पने वाले बुंदेलखंड क्षेत्र के लोगों की तकदीर बदल गई है। आज यहां हर घर में शुद्ध पेयजल का सपना पूरा हो रहा है। नमामि गंगे और ग्रामीण जलापूर्ति विभाग की हर घर नल से जल योजना बुंदेलखंड क्षेत्र की नई कहानी बन गई है। जल जीवन मिशन की हर घर जल योजना ने प्रदेश के बड़े क्षेत्र को पेयजल के बड़े संकट से निजात दिला दी है। हजारों गांवों में नल से घर-घर शुद्ध पेयजल की आपूर्ति शुरू हो जाना इसका जीता जागता प्रमाण है। घर-घर नल से जल मिल रहा है। शुद्ध पानी मिलने से लोगों को बीमारियों से तो निजात मिली ही हैं, साथ ही पानी की उपलब्धता की समस्या भी दूर हो रही है।
 
मीलों दूर से पानी भरकर लाने वाली महिलाओं को मिली बड़ी राहत
घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचने से महिलाओं को बड़ी राहत मिली है। खासकर बुंदेलखंड में महिलाओं को मीलों दूर से पानी भरकर लाना पड़ता था, लेकिन जल जीवन मिशन की योजना के शुरू होने के बाद से अब वो घर का कामकाज करने के साथ बच्चों की पढ़ाई में भी समय दे रही हैं और खुद भी पढ़ने के लिए समय निकाल पा रही हैं। जिससे खुद का रोजागार स्थापित कर स्वाबलंबी भी बन रही हैं।
 
बुंदेलखंड में रोजगार की दिशा में बढ़ रहे हैं कदम
जल जीवन मिशन न सिर्फ ग्रामीण क्षेत्रों में नल से स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करा रहा है, बल्कि होनहार एवं ज़रूरतमंद लोगों को रोजगार भी प्रदान कर रहा है।

बुंदेलखंड और विंध्य क्षेत्र के 90 प्रतिशत से अधिक घरों तक पहुंचा नल से जल

  • बुंदेलखंड के अधिकतर जिलों में 90 प्रतिशत से अधिक ग्रामीण परिवारों तक स्वच्छ पेयजल की सप्लाई दी गई है। महोबा में 97.57%, ललितपुर में 97.36% झांसी में 96.43% और बांदा में 95.57% चित्रकूट में 93.05% ग्रामीण परिवारों को हर घर जल की सौगात मिली है। 
  • हमीरपुर में 89.38% और जालौन 89.26%प्रतिशत ग्रामीणों को नल कनेक्शन दे चुके हैं और लक्ष्य प्राप्ति की ओर तेजी से बढ़ रहे है। वहीं विंध्य क्षेत्र में भी तेजी से नल कनेक्शन दिए जा रहे है। 
  • मिर्जापुर जिले में 96.75% प्रतिशत नल कनेक्शन दिए गए हैं। सोनभद्र में 67.45% नल कनेक्शन दे दिए गए हैं। ये जिला भी लक्ष्य प्राप्ति की ओर तेजी से अग्रसर है।
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