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याचिका: जबरन धर्मांतरण व जादू-टोना रोकें, सुप्रीम कोर्ट से सख्त कानून बनाने का निर्देश देने की गुहार

Thu, 01 Apr 2021 05:46 PM IST
सुरेंद्र जोशी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: सुरेंद्र जोशी Updated Thu, 01 Apr 2021 05:46 PM IST
सार

  • भाजपा नेता अश्विनी कुमार उपाध्याय पहुंचे शीर्ष अदालत
  • नौ राज्यों में हिंदुओं के अल्पसंख्यक बनने का दावा

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Petition: Request for stopping forcible conversion and  witchcraft, requested Supreme Court to make strict laws
supreme court - फोटो : पीटीआई

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर कर जबरन धर्मांतरण और जादू-टोना, अंधविश्वास, प्रलोभन और वित्तीय लाभ के नाम पर धर्मांतरण रोकने की गुहार लगाई गई है। 

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यह याचिका वकील और भाजपा नेता अश्विनी कुमार उपाध्याय की ओर से दाखिल की गई है। इसमें 'धर्म का दुरुपयोग' रोकने के लिए एक कमेटी नियुक्त कर धर्म परिवर्तन कानून बनाने की संभावना का पता लगाने का निर्देश देने का अनुरोध किया गया है। अधिवक्ता अश्वनी कुमार दुबे के जरिए दाखिल याचिका में कहा गया है कि प्रलोभन और जोर-जबरदस्ती से धर्मांतरण किया जाना ना केवल अनुच्छेद 14, 21, 25 का उल्लंघन है बल्कि यह संविधान के मूल ढांचे के अभिन्न अंग धर्मनिरपेक्षता के सिद्धांत के भी खिलाफ है।
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अनुच्छेद 51ए के तहत इसे रोकना सरकार का दायित्व
याचिका में कहा गया कि अफसोस के साथ कहना पड़ रहा है कि केंद्र और राज्य जादू-टोना, अंधविश्वास और छल से धर्म परिवर्तन पर रोक लगाने में नाकाम रहे हैं, जबकि अनुच्छेद 51 ए के तहत इस पर रोक लगाना उनका दायित्व है।
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केंद्र बनाए कानून, 10 साल की सजा का हो प्रावधान
समाज की कुरीतियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई कर पाने में नाकामी का आरोप लगाते हुए याचिका में कहा गया है कि केंद्र एक कानून बना सकता है, जिसमें तीन साल की न्यूनतम कैद की सजा हो, जिसे 10 साल की सजा तक बढ़ाया जा सकता है और जुर्माना भी लगाया जा सकता है। याचिका में कहा गया है कि केंद्र राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को धार्मिक समूहों के मामलों से निपटने और उनके बीच धार्मिक भेदभाव का गहराई से अध्ययन कराने के लिए अधिकार दे सकता है। याचिका में विधि आयोग को जादू-टोना, अंधविश्वास और धर्मांतरण पर तीन महीने के भीतर एक रिपोर्ट तैयार करने के लिए निर्देश देने का भी अनुरोध किया गया है।


धर्मांतरण एक राष्ट्रीय समस्या
याचिका में कहा गया है कि जनसंख्या विस्फोट और छल तथा प्रलोभन के जरिए धर्मांतरण कराना एक राष्ट्रीय समस्या है इसलिए केंद्र को एक कड़ा और प्रभावी जनसंख्या नियंत्रण कानून और धर्मांतरण रोधी कानून बनाना चाहिए।

नौ राज्यों में हिंदू अल्पसंख्यक बने
याचिका में कहा गया है कि जनसंख्या विस्फोट और छल से धर्मांतरण के कारण नौ राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में हिंदू अल्पसंख्यक हो गए हैं तथा दिनों-दिन स्थिति और खराब होती जा रही है।

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