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Hindi News ›   India News ›   Petition in Supreme Court against NDPS Act Getting drugs in limited quantity should not be considered a crime

एनडीपीएस एक्ट को SC में चुनौती: सीमित मात्रा में ड्रग्स मिलने पर न माना जाए अपराध, युवाओं को जेल की बजाए पुनर्वास पर हो जोर

Wed, 27 Oct 2021 01:35 PM IST
प्रांजुल श्रीवास्तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: प्रांजुल श्रीवास्तव Updated Wed, 27 Oct 2021 01:35 PM IST
सार

एनडीपीएस एक्ट के तहत नशीला पदार्थ मिलने पर आरोपी को बीस हजार का जुर्माना या एक साल तक जेल या फिर दोनों का प्रावधान है। 
 

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Petition in Supreme Court against NDPS Act Getting drugs in limited quantity should not be considered a crime
drugs - फोटो : drugs

विस्तार

नशीली दवा एवं मादक पदार्थ (एनडीपीएस) अधिनियम को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है। एक्ट के प्रावधानों को लेकर वकील जयकृष्ण सिंह ने एक याचिका दाखिल करते हुए कहा है कि- युवाओं को जेल में डालने के बजाए पुनर्वास पर जोर होना चाहिए। सीमित मात्रा में ड्रग्स मिलने को अपराध के दायरे से बाहर रखा जाए। कम मात्रा में ड्रग खरीदने वालों को ट्रेफिकर नहीं माना जाना चाहिए। एनडीपीएस एक्ट के प्रावधानों के खिलाफ यह याचिका तब सामने आई है, जब चर्चित मुंबई क्रूज ड्रग पार्टी केस में शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान समेत अन्य लोग जेल में बंद हैं। 

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मौजूदा वक्त में क्या है प्रावधान
मौजूदा वक्त में एनडीपीएस एक्ट के तहत राहत या छूट का कोई प्रावधान नहीं है। जिस व्यक्ति के पास ड्रग्स मिलता है वह सजा व जेल जाने से तभी बच सकता है, जब व्यक्ति खुद पुनर्वास केंद्र जाने की इच्छा रखता होगा। एक्ट की धारा 27 के तहत नशीली दवा के सेवन में आरोपी को एक साल तक की कैद या 20 हजार के जुर्माने या दोनों का प्रावधान है।  
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मंत्रालय ने भी की है सिफारिश 
सामाजिक न्याय मंत्रालय ने भी राजस्व विभाग के साथ एनडीपीएस एक्ट की हुई समीक्षा में एक रिपोर्ट सौंपी थी। इसमें कहा गया था कि निजी इस्तेमाल के लिए सीमित मात्रा में ड्रग्स रखने को अपराध की श्रेणी से हटाया जाना चाहिए। कम मात्रा में नशीले पदार्थ मिलने पर व्यक्ति को जेल की बजाय सरकारी केंद्रों में अनिवार्य उपचार के लिए भेजा जाना चाहिए। 

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