मानव रहित विमान की हर उड़ान के लिए लेनी होगी इजाजत, ऑनलाइन मैप पर बना होगा रूट
मानव रहित विमान को तय रूट से बाहर जाने की इजाजत नहीं होगी। अगर रूट मैप का उल्लंघन होता है तो पायलट के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है...
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इसमें लिखा है कि मानव रहित विमान की हर उड़ान के लिए अलग से इजाजत लेनी होगी। मंजूरी लेने की यह प्रक्रिया ऑनलाइन रहेगी। विमान या ड्रोन का रूट क्या रहेगा, यह जानकारी भी ऑनलाइन मैप पर मिलेगी।
मानव रहित विमान को तय रूट से बाहर जाने की इजाजत नहीं होगी। अगर रूट मैप का उल्लंघन होता है तो पायलट के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है।
साथ ही प्रत्येक उड़ान के बाद पायलट को नियमानुसार, ऑनलाइन तरीके से यात्रा दैनिकी 'लॉग' फार्म भरना होगा।
मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि महानिदेशक कार्यालय की तरफ से जो नियम तय किए जाएंगे, उसके मुताबिक ही मानव रहित विमान को उड़ान भरने की इजाजत मिलेगी।
अगर कोई संस्था या पायलट यह इजाजत नहीं लेता है तो वह मानव रहित विमान नहीं उड़ा सकेगा। जिस इलाके में उड़ान भरनी है, उसका रूट मैप पर रहेगा।
पायलट के लिए यह रूट फॉलो करना जरूरी है। विमान द्वारा किसी ऐसे क्षेत्र की तस्वीर नहीं ली जाएगी, जिसके लिए मैप में मना किया गया है।
पायलट ड्रोन की मदद से कहीं पर कोई वस्तु नहीं गिराएगा, जो डीजीसीए द्वारा तय नियमों से बाहर हो।
कोई भी व्यक्ति को किसी दूसरी संस्था या पायलट को मानव रहित विमान उड़ाने का लाइसेंस व प्रमाणपत्र देता है, तो उसे तय नियमों का पालन करना पड़ेगा।
अगर इस मामले में वह कुछ छिपाता है या धोखाधड़ी कर प्रमाणपत्र किसी दूसरे व्यक्ति को देता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।