{"_id":"589109964f1c1b2f3de825f9","slug":"permanent-toilet-use-certificate-compulsory-for-candidate-in-maharashtra-election","type":"story","status":"publish","title_hn":"यहां उम्मीदवारों को देना होगा शौचालय के नियमित इस्तेमाल का प्रमाणपत्र","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
यहां उम्मीदवारों को देना होगा शौचालय के नियमित इस्तेमाल का प्रमाणपत्र
अमर उजाला ब्यूरो/मुंबई
Updated Wed, 01 Feb 2017 03:33 AM IST
विज्ञापन
शहर के 155 टॉयलेट की लोकेशन ऑनलाइन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ भारत अभियान को आगे बढ़ाते हुए महाराष्ट्र सरकार ने उम्मीदवारों के लिए शौचालय के इस्तेमाल का प्रमाणपत्र अनिवार्य कर दिया है। अब स्थानीय निकाय चुनाव लड़ने के लिए उम्मीदवारों को यह प्रमाण पत्र देना जरूरी होगा। अन्यथा उनका नामांकन रद्द हो जाएगा।
मंगलवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में निर्णय लिया गया कि महानगरपालिका, जिला परिषद, ग्राम पंचायत और पंचायत समिति का चुनाव लड़ने के इच्छुक उम्मीदवारों को शौचालय के नियमित इस्तेमाल का स्व हस्ताक्षरित प्रमाणपत्र पेश करना होगा। इसके लिए कैबिनेट ने अध्यादेश जारी करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी।
बता दें कि स्थानीय निकाय स्वराज्य संस्था का सदस्य होने के लिए शौचालय और इसका नियमित इस्तेमाल का उपयोग करने का प्रावधान मुंबई महानगरपालिका अधिनियम 1988, महाराष्ट्र महानगर अधिनियम सहित महाराष्ट्र नगर परिषद, नगर पंचायत और औद्योगिक नगरी अधिनियम 1965 में है। कैबिनेट के निर्णय के अनुसार अब उम्मीदवारों के पास शौचालय हैं और वह इसका नियमित इस्तेमाल करते हैं, इस बारे में सक्षम प्राधिकारी का प्रमाणपत्र या स्वयं हस्ताक्षरित प्रमाणपत्र पेश करना होगा।
विज्ञापन
इससे पहले दिसंबर 2015 में महाराष्ट्र कैबिनेट ने निर्णय लिया था कि नगर पालिका, महानगरपालिका का चुनाव लड़ने वालों के घर में शौचालय होना जरूरी है। अगर किसी उम्मीदवार के घर में शौचालय नहीं है तो वह स्थानीय चुनाव नहीं लड़ सकते। यह अहम फैसला शौचालय निर्माण और स्वच्छ भारत अभियान को बढ़ावा देने के लिए लिया गया था।
विज्ञापन
मंगलवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में निर्णय लिया गया कि महानगरपालिका, जिला परिषद, ग्राम पंचायत और पंचायत समिति का चुनाव लड़ने के इच्छुक उम्मीदवारों को शौचालय के नियमित इस्तेमाल का स्व हस्ताक्षरित प्रमाणपत्र पेश करना होगा। इसके लिए कैबिनेट ने अध्यादेश जारी करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी।
विज्ञापन
बता दें कि स्थानीय निकाय स्वराज्य संस्था का सदस्य होने के लिए शौचालय और इसका नियमित इस्तेमाल का उपयोग करने का प्रावधान मुंबई महानगरपालिका अधिनियम 1988, महाराष्ट्र महानगर अधिनियम सहित महाराष्ट्र नगर परिषद, नगर पंचायत और औद्योगिक नगरी अधिनियम 1965 में है। कैबिनेट के निर्णय के अनुसार अब उम्मीदवारों के पास शौचालय हैं और वह इसका नियमित इस्तेमाल करते हैं, इस बारे में सक्षम प्राधिकारी का प्रमाणपत्र या स्वयं हस्ताक्षरित प्रमाणपत्र पेश करना होगा।
विज्ञापन
इससे पहले दिसंबर 2015 में महाराष्ट्र कैबिनेट ने निर्णय लिया था कि नगर पालिका, महानगरपालिका का चुनाव लड़ने वालों के घर में शौचालय होना जरूरी है। अगर किसी उम्मीदवार के घर में शौचालय नहीं है तो वह स्थानीय चुनाव नहीं लड़ सकते। यह अहम फैसला शौचालय निर्माण और स्वच्छ भारत अभियान को बढ़ावा देने के लिए लिया गया था।