{"_id":"5e99c29a8ebc3e76aa59cb64","slug":"people-were-putting-their-ration-cards-on-lease-for-money-in-purulia-district-of-west-bengal-during-lockdown","type":"story","status":"publish","title_hn":"बंगाल में लॉकडाउन की एक यह भी तस्वीर, पैसे देकर गिरवी रखे जा रहे मजदूरों के राशन कार्ड","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
बंगाल में लॉकडाउन की एक यह भी तस्वीर, पैसे देकर गिरवी रखे जा रहे मजदूरों के राशन कार्ड
Fri, 17 Apr 2020 08:29 PM IST
गौरव पाण्डेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Fri, 17 Apr 2020 08:29 PM IST
सार
जानलेवा कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए देशभर में लॉकडाउन लागू है। केंद्र के साथ-साथ विभिन्न राज्य सरकारें अपने-अपने यहां गरीबों और असमर्थों की सहायता के प्रयास कर रही हैं। पश्चिम बंगाल सरकार ने भी पिछले महीने राज्य के साढ़े सात करोड़ लोगों को सितंबर तक मुफ्त राशन देने की घोषणा की थी। इसी बीच राज्य के पुरुलिया जिले से रुपयों के बदले राशन कार्ड गिरवी रखने की घटना सामने आई है।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
दरअसल, पुरुलिया जिले के झालदा कस्बे के ब्लाक-1 में साहूकार 30 हजार रुपये के बदले दिहाड़ी मजदूरों के राशन कार्ड अपने पास गिरवी रख रहे थे। जिला प्रशासन के अधिकारियों ने बताया कि इसकी जानकारी मिलते ही कार्रवाई की गई और सभी राशन कार्ड उनके असली मालिकों को लौटा दिए गए हैं।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि साहूकारों के पास 20 से अधिक परिवारों के राशन कार्ड मिले। झालदा के प्रखंड विकास अधिकारी (बीडीओ) राजकुमार बिस्वास ने कहा, साहूकार और राशन कार्ड गिरवी रखने वाले दिहाड़ी मजदूर, दोनों ने ही कानून का उल्लंघन किया है। राशन कार्ड सरकारी संपत्ति है और सरकारी संपत्ति को गिरवी रखना गैरकानूनी है।
विज्ञापन
उन्होंने बताया, हमें जैसे ही इसका पता चला, हमने कार्रवाई की और साहूकारों से कार्ड लेकर उनके मालिकों को लौटा दिए हैं, ताकि वह राशन ले सकें। बिस्वास ने कहा कि साहूकारों से लिखित में बयान लिया है कि वे दोबारा ऐसी हरकत नहीं करेंगे।
विज्ञापन