{"_id":"60a434e225e6f31d5b7e5603","slug":"people-should-not-be-worried-to-get-a-second-dose-of-corona-vaccine","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोरोना टीका: डॉक्टरों ने कहा- दूसरी डोज के लिए चिंतित न हों, 16 हफ्तों का अंतराल शरीर के लिए अच्छा","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
कोरोना टीका: डॉक्टरों ने कहा- दूसरी डोज के लिए चिंतित न हों, 16 हफ्तों का अंतराल शरीर के लिए अच्छा
Wed, 19 May 2021 03:40 AM IST
Jeet Kumar
एजेंसी, नई दिल्ली।
एजेंसी, नई दिल्ली।
Published by: Jeet Kumar
Updated Wed, 19 May 2021 03:40 AM IST
सार
- चार हफ्ते के अंतराल पर दूसरी खुराक से ज्यादा लाभ के कोई प्रमाण नहीं
- सरकार ने अब कोविशील्ड की दूसरी खुराक का अंतराल बढ़ाकर 12 से 16 हफ्ते कर दिया
विज्ञापन
टीकाकरण केंद्र के बाहर लगी कतार
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
डॉक्टरों ने सुझाव दिया है कि कोरोना का दूसरा टीका लगवाने के लिए लोगों को परेशान नहीं होना चाहिए। 12 से 16 हफ्तों के अंदर कभी भी टीका लगवाएं यह शरीर के लिए अच्छा है।
विज्ञापन
दरअसल केंद्र सरकार ने अपने नए निर्देश में कोविशील्ड की दूसरी खुराक का अंतराल बढ़ाकर 12 से 16 हफ्ता कर दिया है। जबकि ब्रिटेन के इस अंतराल को 12 हफ्तों से घटा कर आठ हफ्ता करने पर लोगों में भ्रम पैदा हो गया है। इसी भ्रम को दूर करने के लिए विशेषज्ञों ने कहा है कि छह महीने के अंतराल को लेकर लोगों को चिंतित नहीं होना चाहिए।
विज्ञापन
राष्ट्रीय प्रतिरक्षा विज्ञान संस्थान (एनआईआई) दिल्ली के डॉ. सत्यजीत रथ का कहना है कि गैर संक्रमित व्यक्ति के लिए टीके की दूसरी खुराक छह माह के अंतराल पर लगवाने में कोई हर्ज नहीं है। उनका कहना है कि इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि टीका कब लगा, बल्कि एक महीने के अंतराल पर दूसरी खुराक लेने का ज्यादा लाभ हो, ऐसी कोई जानकारी नहीं है।
विज्ञापन
इस बीच नेशनल टेक्निकल एडवाइजरी ग्रुप ऑन इम्यूनाइजेशन ने कहा है कि जो लोग कोरोना संक्रमण के बाद उबर गए हैं, उन्हें छह से नौ महीने बाद पहला टीका लगवाना चाहिए।
ब्रिटेन के दो टीकों में अंतराल घटाने पर विशेषज्ञों का कहना है कि भारत और ब्रिटेन की स्थिति की तुलना करना उचित नहीं है। रथ ने कहा कि वैक्सीन की पहली खुराक का एक महीना बीतने के बाद छह महीने तक जब भी व्यावहारिक हो तब दूसरी खुराक लेनी चाहिए।
वहीं, पुणे के भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं शोध संस्थान की प्रतिरक्षा विज्ञानी विनीता बल ने कहा, दो टीकों में अंतराल को घटाने या बढ़ाने का फैसला देश के मौजूदा हालात पर निर्भर होता है। यह बहुत संभव है कि किसी देश में टीके में अंतराल को कम करके ज्यादा लोगों को टीका लगाया जाए, वहीं किसी और देश में अंतराल इसलिए घटाया जाता है ताकि टीकाकरण अभियान को तेज किया जा सके।