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ग्रामीण इलाकों में रहते हैं? तो कम से कम पांच साल बाद लग पाएगा कोरोना का टीका
Sat, 13 Feb 2021 04:18 PM IST
कुमार संभव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: कुमार संभव
Updated Sat, 13 Feb 2021 04:18 PM IST
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कोरोना वैक्सीन
- फोटो : अमर उजाला
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देश में तीन करोड़ लोगों को कोरोना का टीका लगाने का काम शुरू हो चुका है। 16 जनवरी 2021 से जब यह अभियान शुरू हुआ, तब से हर किसी के मन में एक ही सवाल है कि उन्हें कोरोना वैक्सीन कब तक मिलेगी? आंकड़ों पर गौर करें तो देश में हर शख्स तक कोविड का टीका पहुंचने में पांच साल तक लग सकते हैं। यह वक्त कई तरह के पैमानों पर निर्भर करेगा, जिसमें आपकी उम्र, राज्य, प्राथमिकता और इम्युनिटी के स्तर आदि की गणना की जाएगी।
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गौरतलब है कि देश में इस वक्त कोविड की दो वैक्सीन उपलब्ध हैं, जो करीब 130 करोड़ लोगों को लगाई जानी हैं। शोधकर्ताओं के एक समूह की ओर से जारी आंकड़ों की मानें तो सीरम इंस्टीट्यूट द्वारा निर्मित कोविशील्ड और कोवैक्सीन आम आदमी तक पहुंचने में कई साल लग सकते हैं। फिलहाल, उम्मीद जताई जा रही है कि अगले छह महीने के दौरान हर राज्य में गंभीर रोगियों, स्वास्थ्यकर्मियों और फ्रंटलाइन कार्यकर्ताओं को कोरोना का टीका लगा दिया जाएगा।
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मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, शोधकर्ताओं ने बताया कि देश की पूरी आबादी का टीकाकरण बिल्कुल अलग चीज है। अगर भविष्य में कोई बदलाव नहीं आता है तो हर्ड इम्युनिटी विकसित होने में करीब पांच साल लग सकते हैं।
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बता दें कि भारतीयों को कोरोना का टीका लगने की यह समय सीमा आणविक भौतिक विज्ञानी डॉमिनिक कजर्निया, डॉक्टर एलेक्जेंड्रा जाजैक और भारतीय शोधकर्ता फरहान खान ने बताई है। उन्होंने भारत में टीकाकरण की कतार के लिए एक कैल्कुलेटर तैयार किया, जिसके आधार पर यह समय सीमा बताई गई।
उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र, असम, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में अगले तीन से छह साल में तीसरे समूह यानी 50 साल से ज्यादा उम्र या 50 साल से कम उम्र के गंभीर मरीजों को कोरोना का टीका लग जाएगा। वैक्सीन इंडेक्स के मुताबिक, तीसरे समूह के लोगों के टीकाकरण में ही पांच साल का वक्त लग सकता है। हालांकि, टीकाकरण केंद्रों में इजाफा और टीकाकरण की रफ्तार बढ़ती है तो यह समय सीमा घट भी सकती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि संक्रमण की दर को देखें तो हालात लगातार बदल रहे हैं। इसके बावजूद टीकाकरण की समय सीमा देश में कोरोना के असर और टीकों की उपलब्धता पर निर्भर रहेगी। पब्लिक हेल्थ फाउंडेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष के श्रीनाथ रेड्डी ने बताया कि कुछ टीके ट्रायल में चल रहे हैं, जिनके अगले कुछ महीनों में तैयार हो जाने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि देश के ग्रामीण इलाकों में कोरोना के प्रति जागरूकता काफी कम है। ऐसे में इन इलाकों के लोगों का टीकाकरण होने में काफी वक्त लग सकता है।