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Ramdas Athawale: आप को अठावले की नसीहत, बोले- दूसरों के धर्म को न करें बदनाम; उद्धव ठाकरे को लेकर कही यह बात
Sun, 09 Oct 2022 08:06 PM IST
निर्मल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: निर्मल कांत
Updated Sun, 09 Oct 2022 08:06 PM IST
सार
केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने कहा, हिंदू हमारे भाइयों की तरह हैं और उनके देवताओं के खिलाफ बोलना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि उन्होंने हमेशा विभिन्न धर्मों के लोगों को एक साथ लाने के लिए काम किया है।
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रामदास अठावले
- फोटो : Twitter
विस्तार
लोगों को अपने धर्म का पालन करने का संवैधानिक अधिकार है, लेकिन उन्हें दूसरे धर्मों का अपमान नहीं करना चाहिए। यह बात केंद्रीय मंत्री और भाजपा के सहयोगी रामदास अठावले ने कही।
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'हिंदू धर्म के खिलाफ बात करते हैं आप नेता'
हाल ही में दिल्ली सरकार के मंत्री और आप नेता राजेंद्र पाल गौतम ने एक विवादास्पद धार्मिक रूपांतरण कार्यक्रम में देवी-देवताओं पर बयान देकर चर्चाओं में आए थे। अठावले ने इसकी निंदा की और कहा कि आप को सबक सिखाया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि उसके नेता और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल अक्सर हिंदू धर्म के खिलाफ बात करते हैं।
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'पीएम मोदी भी करते बौद्ध धर्म के दर्शन और अंबेडकर के आदर्शों में विश्वास'
अठावले ने कहा, मैं इस घटना की निंदा करता हूं। यह सभी धर्मों के बीच भीमराव अंबेडकर की सद्भाव की परिकल्पना और संविधान की भावना के खिलाफ है। रिपब्लिकन पार्टी के नेता ने कहा कि वह खुद बौद्ध हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी बौद्ध धर्म के दर्शन और अंबेडकर के आदर्शों में विश्वास करते हैं।
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हिंदू धर्म के देवी-देवताओं की निंदा कर बौद्ध धर्म अपनाने का संकल्प लिया
दिल्ली में आयोजित एक धार्मिक रूपांतरण का एक वीडियो हाल ही में सामने आया था। इसमें आप नेता राजेंद्र पाल गौतम भी थे। इस दौरान उन्होंने हिंदू देवी-देवताओ की निंदा करते हुए बौद्ध धर्म अपनाने का संकल्प लिया था। तब से भाजपा, आप को निशाना बना रही है।
'संविधान के खिलाफ है अन्य धर्मों का अपमान'
इसको लेकर अठावले ने कहा, लोगों को अपनी पसंद से आस्था का पालन करने का संवैधानिक अधिकार है, लेकिन उन्हें अन्य धर्मों को बदनाम नहीं करना चाहिए। यह अच्छा नहीं है। यह संविधान की भावना के खिलाफ है। अंबेडकर द्वारा दिया गया संविधान सभी धर्मों के बीच सद्भाव के लिए है।
हिंदू हमारे भाईयों की तरह, हमेशा विभिन्न धर्मों को एकसाथ लाने का किया काम
उन्होंने आगे कहा, हिंदू हमारे भाइयों की तरह हैं और उनके देवताओं के खिलाफ बोलना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि उन्होंने हमेशा विभिन्न धर्मों के लोगों को एक साथ लाने के लिए काम किया है।
शिवसेना में चल रहे विवाद क्या कहा?
वहीं शिवसेना के दो धड़ों के बीच चुनाव चिन्ह को लेकर चल रहे विवाद के बीच अठावले ने शिंदे खेमे का समर्थन किया और कहा कि चुनाव आयोग को धनुष और तीर का चुनाव चिन्ह उन्हें देना चाहिए।
सामाजिक न्याय और आधिकारिता मंत्री ने कहा, अंधेरी पूर्व के विधानसभा उपचुनाव के लिए शिवसेना के चुनाव चिन्ह को फ्रीज कर दिया गया है। मुझे लगता है कि एकनाथ शिंदे समूह को शिवसेना के धनुष और तीर का चिन्ह जरूर मिलना चाहिए। उन्होंने आगे कहा, चुनाव आयोग को मेरिट के आधार पर फैसला करना है और बाद में फैसला कब लिया जाएगा। एकनाथ शिंदे को निश्चित तौर पर शिवसेना का चुनाव चिन्ह मिलेगा।