कैसे थमेगा कोरोना: रेलवे स्टेशन नहीं हो रही थर्मल स्क्रीनिंग, बिना मास्क के सफर कर रहे यात्री
- दिल्ली और आसपास के इलाकों की पड़ताल
- दिल्ली-एनसीआर में बढ़ रहे हैं कोरोना वायरस के मामले
- एक माह के भीतर राजधानी में सक्रिय कोविड मरीजों की संख्या हुई दोगुनी
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कोरोना वायरस के प्रकोप ने एक बार फिर सरकार और लोगों की चिंता बढ़ा दी है। महाराष्ट्र में तेजी से बढ़ते मामलों के बाद दिल्ली में भी कोरोना संक्रमण के केस तेजी से बढ़ रहे हैं। पिछले एक महीने के भीतर दिल्ली में सक्रिय कोविड मरीजों की संख्या दोगुनी से भी ज्यादा हो गई है। बढ़ते संक्रमण के बाद भी लोग मेट्रो, रेलवे स्टेशन, बाजार, मंदिर, रेस्टोरेंट और प्रदर्शन स्थलों पर सोशल डिस्टेंसिंग के नियम का पालन करना तो दूर चेहरे पर मास्क तक नहीं लगा रहे हैं। बढ़ते मरीजों को देखते हुए केंद्र सरकार ने दिल्ली और आसपास के इलाकों की पड़ताल की है। केंद्र सरकार के अनुसार दिल्ली समेत गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद और गौतमबुद्धनगर में केस बढ़ रहे हैं। यहां के पॉजिटिविटी रेट में इजाफे की बढ़त देखने को मिली रही है।
मेट्रो में यात्री भूले प्रोटोकॉल, बैठ रहे हैं पास-पास
मेट्रो के सफर के दौरान भी अब यात्री सामाजिक दूरी के नियम को भूल गए हैं। मेट्रो में कोरोना काल के पूर्व की तरह ही भीड़ बढ़ने लगी है। यात्री पहले की तरह पास-पास खड़े होकर ही सफर करते नजर आ रहे हैं। सुबह और शाम के सफर के दौरान मेट्रो में पहले की तुलना में ज्यादा भीड़ नजर आने लगी है। यात्री एक सीट छोड़कर बैठने के नियम का भी पालन नहीं कर रहे हैं। इसके अलावा कई मेट्रो स्टेशनों पर थर्मल स्क्रीनिंग और हैंड सैनिटाइज ठीक से नहीं किया जा रहा है। इस मामले में डीएमआरसी ने अमर उजाला को बताया कि लगातार यात्रियों से कोविड प्रोटोकॉल पालन करने का अनुरोध कर हैं। चेहरे पर मास्क नहीं लगाने पर लोगों पर चालानी कार्रवाई भी की जा रही है।
रेलवे स्टेशन नहीं हो रही थर्मल स्क्रीनिंग, बिना मास्क के सफर कर रहे यात्री
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर भी आने जाने वाले यात्रियों की पहले की तरह थर्मल स्क्रीनिंग, हैंड सैनिटाइज या किसी प्रकार की जांच-पड़ताल नहीं की जा रही है। दूसरे राज्यों की ट्रेनों से दिल्ली आने वाले यात्री बेरोकटोक स्टेशन से उतर कर अपने गंतव्य पर जा रहे हैं। इसके अलावा प्लेटफॉर्म और ट्रेनों के अंदर यात्री चेहरे पर मास्क लगाना तो दूर सोशल डिस्टेंसिंग के नियम का भी पालन नहीं कर रहे हैं। प्लेटफॉर्म और स्टेशन के एंट्री गेट पर भी यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग और उन्हें सैनिटाइज नहीं किया जा रहा है। इस मामले में रेलवे प्रशासन ने अमर उजाला को बताया कि चुनिंदा एंट्री गेट पर पहले की तरह ही थर्मल स्क्रीनिंग और सैनिटाइज किया जा रहा है। वहीं ट्रेन में यात्रियों को मास्क पहनने और कोविड प्रोटोकॉल का पालन करने के लिए कहा भी जा रहा है।
प्रदर्शन स्थलों पर भी बिना मास्क के लोग, पुलिस प्रशासन भी खामोश
जंतर-मंतर प्रदर्शन स्थल पर भी कोविड प्रोटोकॉल की धज्जियां उड़ रही हैं। बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी यहां आकर एकत्र हो रहे हैं और धरना दे रहे हैं, लेकिन एक भी प्रदर्शनकारी अपने चेहरे पर मास्क नहीं लगा रहा है। प्रदर्शन स्थल पर भी लोग पास-पास बैठे नजर आ रहे हैं। इस मामले में प्रदर्शन करने वाले सामाजिक नेताओं ने अमर उजाला से कहा, मास्क से ज्यादा हमारी मांगे जरुरी हैं। हम लोग नियम का पालन करते हुए ही प्रदर्शन कर रहे हैं। इधर, स्थानीय पुलिस प्रशासन भी प्रदर्शन में शामिल लोगों पर कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। मौके पर मौजूद पुलिस प्रशासन के अधिकारियों ने अमर उजाला को बताया कि, सैकड़ों की संख्या में लोग यहां रोज प्रदर्शन के लिए आते हैं। हमारा काम कानून व्यवस्था संभालना है ना की लोगों के चेहरे पर मास्क है या नहीं देखना।
बाजारों में बढ़ती भीड़ कोरोना संक्रमण को दे रही न्यौता
दिल्ली के बाजारों में बढ़ती भीड़ कोरोना संक्रमण को न्यौता दे रही है। शहर के प्रमुख बाजारों में सुबह और शाम को पहले की तरह भीड़ नजर आने लगी है। चाहे सब्जीवाले हों या दुकानदार या फिर ग्राहक कोई भी मास्क लगाने को लेकर गंभीर नजर नहीं आ रहा। मार्केट में पहले की तरह सब्जी के ठेले पास-पास लग रहे हैं। वहीं दुकानों में भी भीड़ बढ़ रही है। पहाड़गंज क्षेत्र और लक्ष्मी नगर क्षेत्र के व्यापारियों का कहना है कि पहले की तुलना में व्यापार घटा है। थोड़ी बहुत दुकानदारी चलने लगी है तो फिर से कोरोना संक्रमण बढ़ गया। नियमों के पालन पर व्यापारियों का कहना है कि हम लोग अपने स्तर पर पूरी सावधानी बरत रहे हैं, लेकिन ग्राहकों में पहले की तरह सावधानियां नहीं बरती जा रही है।
मंदिरों और गुरुद्वारों में टूट रहा प्रोटोकॉल
शहर के प्रमुख मंदिरों और गुरुद्वारों में भी कोविड प्रोटोकॉल का पालन नहीं हो रहा है। लगातार सुबह और शाम के समय श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ रही है। अधिकांश मंदिरों में श्रद्धालुओं को थर्मल स्क्रीनिंग और सैनिटाइज करना भी बंद कर दिया गया है। लोग पहले की तरह ही भीड़ में दर्शन कर रहे हैं। मंदिर और गुरुद्वारा प्रबंधन में भी कोविड प्रोटोकॉल का पालन कराने को लेकर लचीला रुख देखा जा रहा है।
एक टेबल पर पांच से ज्यादा लोग खा रहे खाना
होटल, रेस्टोरेंट और ढाबों पर लोगों की भीड़ बढ़ती हुई नजर आ रही है। पहले जहां एक टेबल पर बैठकर दो लोग खाना खाते थे। अब पहले की तरफ चार से पांच लोग बैठकर खा रहे हैं। वहीं छोटे ढाबों पर भी लोग एक साथ खड़े होकर खाना खा रहे हैं। अधिकांश ढाबों और रेस्टोरेंट से सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने के लिए बनाए गए गोल सर्कल भी हटा दिए गए हैं।