{"_id":"6731e8ff378cf6479802206d","slug":"pension-relief-to-65-lakh-pensioners-at-the-center-case-will-be-settled-in-21-days-2024-11-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Pension: केंद्र में 65 लाख पेंशनरों को राहत, 21 दिन में निपटेगा केस, क्षेत्राधिकार न हो तो भी सुनेंगे शिकायत","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Pension: केंद्र में 65 लाख पेंशनरों को राहत, 21 दिन में निपटेगा केस, क्षेत्राधिकार न हो तो भी सुनेंगे शिकायत
सार
Pension News: आवेदक को शिकायत के बंद होने के 30 दिनों के भीतर अपनी शिकायत के निवारण के विरुद्ध अपील करने का विकल्प प्रदान किया जाएगा। यह अपील, पेंशनर केंद्रीकृत लोक शिकायत निवारण और निगरानी प्रणाली (सीपीजीआरएएमएस) पर की जा सकती है।
विज्ञापन
पेंशन
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
केंद्र सरकार में लगभग 65 लाख पेंशनरों के लिए खुशखबरी है। रिटायरमेंट के बाद पेंशन को लेकर कोई दिक्कत आती है तो उसके निपटारे में लंबा वक्त नहीं लगेगा। पेंशनरों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। महज 21 दिन में केस का निपटारा होगा। भले ही पेंशन केस को लेकर संबंधित अधिकारी का क्षेत्राधिकार हो या न हो, वह शिकायत अवश्य सुनी जाएगी। आवेदक को शिकायत के बंद होने के 30 दिनों के भीतर अपनी शिकायत के निवारण के विरुद्ध अपील करने का विकल्प प्रदान किया जाएगा। यह अपील, पेंशनर केंद्रीकृत लोक शिकायत निवारण और निगरानी प्रणाली (सीपीजीआरएएमएस) पर की जा सकती है। अपील अभिप्राप्ति के 30 दिन के भीतर संबंधित प्राधिकारी, अपील का निपटारा करेगा।
बता दें कि गत जून माह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत सरकार के सचिवों के साथ वार्ता के दौरान पेंशन से संबंधित शिकायत निवारण प्रणाली को और अधिक संवेदनशील, सुलभ और सार्थक बनाने के निर्देश दिए थे। उन्हीं निर्देशों के अनुपालन में कार्मिक, लोक शिकायत तथा पेंशन मंत्रालय पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग ने पिछले माह उक्त कार्यालय ज्ञापन जारी किया है। सीपीजीआरएएमएस पोर्टल पर केंद्र सरकार के पेंशनभोगियों की शिकायतों का संवेदनशील, सुलभ और सार्थक निवारण करने के लिए व्यापक दिशानिर्देश जारी किए गए हैं। इसका मकसद, पेंशनर्स शिकायत निवारण तंत्र को सुदृढ़ बनाना है। केंद्रीकृत पेंशन शिकायत निवारण और निगरानी प्रणाली की प्रक्रिया की समीक्षा करने के बाद कई तरह के दिशा निर्देश जारी किए गए हैं।
प्रभावी तरीके से पेंशन शिकायत निवारण अधिकारियों (जीआरओ) की भूमिका और उत्तरदायित्व तय किया गया है। शिकायत का निवारण, संपूर्ण सरकारी दृष्टिकोण के अंतर्गत किया जाएगा।
विज्ञापन
यदि शिकायत उस जीआरओ से संबंधित नहीं है, जिसके पास इसे भेजा गया है, तो वह इसे तत्काल संबंधित जीआरओ को अग्रेषित करेगा, यदि उसे सही मैपिंग पता है। अन्यथा, वह इसे अपने मंत्रालय/विभाग के नोडल लोक शिकायत अधिकारी को वापस कर देगा। नोडल अधिकारी, उस शिकायत को संबंधित जीआरओ या डीओपीपीडब्ल्यू को अग्रेषित करेगा (यदि शिकायत उस मंत्रालय/विभाग से संबंधित नहीं है)। नए दिशा निर्देशों में इस बात पर विशेष जोर दिया गया है कि किसी भी मामले में, शिकायत को यह कहकर सरसरी तौर पर बंद नहीं किया जाएगा कि यह इस कार्यालय से संबंधित नहीं है।
जब तक आवेदक को अंतिम परिणाम प्राप्त न हो जाए, तब तक कोई शिकायत बंद नहीं की जाए। चूंकि अधिकांश पेंशन संबंधी शिकायतें, आर्थिक प्रकृति की होती हैं, ऐसे में उस शिकायत को बंद करते समय, दर्ज की गई अनुवर्ती कार्रवाई रिपोर्ट (एटीआर) में, पोर्टल पर यूनिक ट्रांजेक्शन नंबर (यूटीआर) या संदर्भ संख्या भरी जाए। जो शिकायतें आर्थिक प्रकृति की नहीं हैं, उनके लिए पीपीओ/पत्र/ई-मेल सहित सुसंगत आदेश या दस्तावेज अपलोड किए जाएं। नोडल लोक शिकायत अधिकारियों की भूमिका और उत्तरदायित्व भी तय किया गया है। प्रत्येक नोडल पीजी अधिकारी पोर्टल पर पेंशन संबंधी लंबित शिकायतों की मासिक समीक्षा करेगा। ऐसा इसलिए किया गया है ताकि पेंशन संबंधी शिकायतों का निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण निवारण सुनिश्चित किया जा सके।
नोडल पीजी अधिकारी, (https://pgportal.gov.in/ccfeedback/) पोर्टल पर जाकर आवेदकों द्वारा दी गई खराब/औसत प्रतिक्रिया देख सकता है। इसके बाद वह अपेक्षित सुधारक उपाय कर सकता है। नोडल पीजी अधिकारी, शिकायतों की प्रवृत्ति का विश्लेषण करेगा। मूल कारणों की जांच करेगा। तदनुसार, शिकायतों को कम करने के लिए लोगों, नीति और प्रक्रियाओं से संबंधित उपचारी उपाय किए जा सकते हैं। पिछले कुछ समय में, शिकायत निवारण प्रक्रिया में किए गए सुधारों, जैसे डीओपीपीडब्ल्यू द्वारा सतत निगरानी, शिकायतों को संबंधित जीआरओ को ऑनलाइन भेजना, पेंशन शिकायत निवारण प्रक्रिया में तैनात जनशक्ति का क्षमता निर्माण किया जाना आदि के कारण पेंशन संबंधी शिकायतों के निवारण का औसत समय काफी कम हो गया है।
ऐसे में सभी मंत्रालय/विभाग, तकनीक का प्रयोग करके और सभी जीआरओ का कौशल विकसित कर, 21 दिनों के भीतर पेंशनभोगियों की शिकायतों का निवारण करने का प्रयास करें। ऐसे मामले, जिनमें शिकायत के निवारण में अधिक समय लगता है, वहां पोर्टल पर उसका कारण उपद्शित करते हुए और शिकायत के निवारण की अपेक्षित समय-सीमा के साथ, एक अंतरिम उत्तर प्रस्तुत किया जाए। शिकायत के बंद होने पर, आवेदक को शिकायत के बंद होने के 30 दिनों के भीतर अपनी शिकायत के निवारण के विरुद्ध अपील करने का विकल्प प्रदान किया जाए। अपील प्राधिकारी, अपील की अभिप्राप्ति के 30 दिनों के भीतर अपील का निपटारा करेगा। सुसंगत दस्तावेज, यदि कोई हो, उसे संलग्न करते हुए, सकारण आदेश पारित किया जाए।
मंत्रालय/विभाग के साथ फिजिकल रूप से दर्ज की गई शिकायत/आवेदनों की उचित निगरानी सुनिश्चित करने के लिए सीपीजीआरएएमएस पोर्टल पर अपलोड किया जाए। पोर्टल पर शिकायत दर्ज करने के लिए, सीपीजीआरएएमएस पोर्टल (pgportal.gov.in/pension/Help.aspx) के होम पेज पर 'Help' शीर्ष के अंतर्गत दी गई विस्तृत प्रक्रिया का संदर्भ लिया जा सकता
विज्ञापन
बता दें कि गत जून माह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत सरकार के सचिवों के साथ वार्ता के दौरान पेंशन से संबंधित शिकायत निवारण प्रणाली को और अधिक संवेदनशील, सुलभ और सार्थक बनाने के निर्देश दिए थे। उन्हीं निर्देशों के अनुपालन में कार्मिक, लोक शिकायत तथा पेंशन मंत्रालय पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग ने पिछले माह उक्त कार्यालय ज्ञापन जारी किया है। सीपीजीआरएएमएस पोर्टल पर केंद्र सरकार के पेंशनभोगियों की शिकायतों का संवेदनशील, सुलभ और सार्थक निवारण करने के लिए व्यापक दिशानिर्देश जारी किए गए हैं। इसका मकसद, पेंशनर्स शिकायत निवारण तंत्र को सुदृढ़ बनाना है। केंद्रीकृत पेंशन शिकायत निवारण और निगरानी प्रणाली की प्रक्रिया की समीक्षा करने के बाद कई तरह के दिशा निर्देश जारी किए गए हैं।
विज्ञापन
प्रभावी तरीके से पेंशन शिकायत निवारण अधिकारियों (जीआरओ) की भूमिका और उत्तरदायित्व तय किया गया है। शिकायत का निवारण, संपूर्ण सरकारी दृष्टिकोण के अंतर्गत किया जाएगा।
विज्ञापन
यदि शिकायत उस जीआरओ से संबंधित नहीं है, जिसके पास इसे भेजा गया है, तो वह इसे तत्काल संबंधित जीआरओ को अग्रेषित करेगा, यदि उसे सही मैपिंग पता है। अन्यथा, वह इसे अपने मंत्रालय/विभाग के नोडल लोक शिकायत अधिकारी को वापस कर देगा। नोडल अधिकारी, उस शिकायत को संबंधित जीआरओ या डीओपीपीडब्ल्यू को अग्रेषित करेगा (यदि शिकायत उस मंत्रालय/विभाग से संबंधित नहीं है)। नए दिशा निर्देशों में इस बात पर विशेष जोर दिया गया है कि किसी भी मामले में, शिकायत को यह कहकर सरसरी तौर पर बंद नहीं किया जाएगा कि यह इस कार्यालय से संबंधित नहीं है।
जब तक आवेदक को अंतिम परिणाम प्राप्त न हो जाए, तब तक कोई शिकायत बंद नहीं की जाए। चूंकि अधिकांश पेंशन संबंधी शिकायतें, आर्थिक प्रकृति की होती हैं, ऐसे में उस शिकायत को बंद करते समय, दर्ज की गई अनुवर्ती कार्रवाई रिपोर्ट (एटीआर) में, पोर्टल पर यूनिक ट्रांजेक्शन नंबर (यूटीआर) या संदर्भ संख्या भरी जाए। जो शिकायतें आर्थिक प्रकृति की नहीं हैं, उनके लिए पीपीओ/पत्र/ई-मेल सहित सुसंगत आदेश या दस्तावेज अपलोड किए जाएं। नोडल लोक शिकायत अधिकारियों की भूमिका और उत्तरदायित्व भी तय किया गया है। प्रत्येक नोडल पीजी अधिकारी पोर्टल पर पेंशन संबंधी लंबित शिकायतों की मासिक समीक्षा करेगा। ऐसा इसलिए किया गया है ताकि पेंशन संबंधी शिकायतों का निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण निवारण सुनिश्चित किया जा सके।
नोडल पीजी अधिकारी, (https://pgportal.gov.in/ccfeedback/) पोर्टल पर जाकर आवेदकों द्वारा दी गई खराब/औसत प्रतिक्रिया देख सकता है। इसके बाद वह अपेक्षित सुधारक उपाय कर सकता है। नोडल पीजी अधिकारी, शिकायतों की प्रवृत्ति का विश्लेषण करेगा। मूल कारणों की जांच करेगा। तदनुसार, शिकायतों को कम करने के लिए लोगों, नीति और प्रक्रियाओं से संबंधित उपचारी उपाय किए जा सकते हैं। पिछले कुछ समय में, शिकायत निवारण प्रक्रिया में किए गए सुधारों, जैसे डीओपीपीडब्ल्यू द्वारा सतत निगरानी, शिकायतों को संबंधित जीआरओ को ऑनलाइन भेजना, पेंशन शिकायत निवारण प्रक्रिया में तैनात जनशक्ति का क्षमता निर्माण किया जाना आदि के कारण पेंशन संबंधी शिकायतों के निवारण का औसत समय काफी कम हो गया है।
ऐसे में सभी मंत्रालय/विभाग, तकनीक का प्रयोग करके और सभी जीआरओ का कौशल विकसित कर, 21 दिनों के भीतर पेंशनभोगियों की शिकायतों का निवारण करने का प्रयास करें। ऐसे मामले, जिनमें शिकायत के निवारण में अधिक समय लगता है, वहां पोर्टल पर उसका कारण उपद्शित करते हुए और शिकायत के निवारण की अपेक्षित समय-सीमा के साथ, एक अंतरिम उत्तर प्रस्तुत किया जाए। शिकायत के बंद होने पर, आवेदक को शिकायत के बंद होने के 30 दिनों के भीतर अपनी शिकायत के निवारण के विरुद्ध अपील करने का विकल्प प्रदान किया जाए। अपील प्राधिकारी, अपील की अभिप्राप्ति के 30 दिनों के भीतर अपील का निपटारा करेगा। सुसंगत दस्तावेज, यदि कोई हो, उसे संलग्न करते हुए, सकारण आदेश पारित किया जाए।
मंत्रालय/विभाग के साथ फिजिकल रूप से दर्ज की गई शिकायत/आवेदनों की उचित निगरानी सुनिश्चित करने के लिए सीपीजीआरएएमएस पोर्टल पर अपलोड किया जाए। पोर्टल पर शिकायत दर्ज करने के लिए, सीपीजीआरएएमएस पोर्टल (pgportal.gov.in/pension/Help.aspx) के होम पेज पर 'Help' शीर्ष के अंतर्गत दी गई विस्तृत प्रक्रिया का संदर्भ लिया जा सकता